28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उडुपी के श्री कृष्ण मठ के दर्शन से धन्य महसूस कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उडुपी के श्री कृष्ण मठ के दर्शन से धन्य महसूस कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ के दर्शन के बाद अपनी भक्ति और आध्यात्मिकता को साझा किया। उन्होंने मठ के आध्यात्मिक मार्गदर्शन की तारीफ की और नारी सुरक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए। यह दौरा देश के विकास और नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

श्री कृष्ण मठ का दर्शन एक आध्यात्मिक अनुभव है।
नारी सशक्तीकरण पर प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया।
लक्षकंठ गीता का पाठ एक अविस्मरणीय क्षण था।
प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
उडुपी मठ का आध्यात्मिक मार्गदर्शन समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

उडुपी, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी में स्थित श्री कृष्ण मठ का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मठ की कुछ अद्भुत तस्वीरें भी साझा कीं।

उन्होंने अपने पोस्ट में उल्लेख किया कि श्री कृष्ण मठ के दर्शन से वे अत्यंत धन्य महसूस कर रहे हैं। मठ का आध्यात्मिक मार्गदर्शन समाज के लिए एक उजाले की किरण के समान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए कहा कि लक्षकंठ गीता के भव्य और दिव्य पाठ ने सभी को अत्यधिक ऊर्जा और गहन भक्ति से भर दिया। इतने बड़े जनसमूह द्वारा एक साथ गीता का पाठ करते देखना एक अविस्मरणीय क्षण था।

इससे पहले, उन्होंने उडुपी में आयोजित 'लक्षकंठ गीता' कार्यक्रम में कहा कि भगवान श्री कृष्ण हमें नारी सुरक्षा और नारी सशक्तीकरण का महत्व सिखाते हैं, और इसी ज्ञान के आधार पर देश ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का ऐतिहासिक निर्णय लिया।

उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे कई नागरिकों की जान गई, जिनमें कनारा समुदाय के भाई-बहन भी शामिल थे। जब ऐसी दुखद घटनाएं होती हैं, तो सरकारें अक्सर चुप रहती हैं, लेकिन यह नया भारत है। यह किसी के सामने नहीं झुकता और अपने लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटता। हम शांति बनाना जानते हैं और उसकी रक्षा भी करते हैं।

उन्होंने भगवद्गीता के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने गीता का संदेश युद्ध के मैदान में दिया। गीता हमें यह सिखाती है कि सच्ची शांति कभी-कभी अन्याय का अंत करने से ही संभव होती है। यही विचार हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का मूल आधार भी है। हम वसुधैव कुटुम्बकम की भावना रखते हैं और साथ ही 'धर्मो रक्षति रक्षितः' के सिद्धांत का पालन करते हैं। श्री कृष्ण के उपदेश केवल युद्ध और सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका संदेश हमारे सामाजिक और विकासात्मक प्रयासों में भी स्पष्ट है।

पीएम मोदी ने बताया कि आज देश की 'सबका साथ, सबका विकास' और 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' जैसी नीतियों के पीछे भी भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों का गहरा प्रभाव है। श्री कृष्ण गरीबों की सहायता और समाज में न्याय का संदेश देते हैं। इसी मंत्र से आयुष्मान भारत और पीएम आवास जैसी योजनाओं का निर्माण हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह नारी सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है। ऐसे धार्मिक स्थलों का दौरा हमारे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में मदद करता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री कृष्ण मठ का दौरा क्यों किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने आध्यात्मिक मार्गदर्शन और नारी सशक्तीकरण के संदेश को साझा करने के लिए श्री कृष्ण मठ का दौरा किया।
लक्षकंठ गीता क्या है?
लक्षकंठ गीता एक महत्वपूर्ण धार्मिक पाठ है जो आध्यात्मिकता और जीवन के सिद्धांतों को दर्शाता है।
उडुपी का श्री कृष्ण मठ किस लिए प्रसिद्ध है?
उडुपी का श्री कृष्ण मठ आध्यात्मिकता, भक्ति और सामाजिक न्याय के लिए प्रसिद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले