4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रशांत किशोर का वादा: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के सभी शिक्षकों को 7वाँ वेतनमान देगी जन सुराज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रशांत किशोर का वादा: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के सभी शिक्षकों को 7वाँ वेतनमान देगी जन सुराज

सारांश

मुजफ्फरपुर में शिक्षक संवाद कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने बिहार के सभी श्रेणी के शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले 7वाँ वेतनमान दिलाने की गारंटी दी। साथ ही जदयू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि तीन-चार साल में पार्टी का BJP में विलय तय है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 4 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के शिक्षक संवाद में बिहार के सभी श्रेणी के शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले 7वाँ वेतनमान दिलाने की गारंटी दी।
वित्त रहित, नियोजित, विशिष्ट, विद्यालय शिक्षक, प्रधानाचार्य और अतिथि शिक्षक — सभी श्रेणियाँ इस संकल्प में शामिल।
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से रोकने के लिए राज्य-स्तरीय मानक बनाने का वादा।
स्नातक उम्मीदवार डॉ.
मोहन की जीत पर 10,000 बेरोज़गार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी का दावा।
किशोर ने दावा किया कि जदयू का तीन-चार वर्षों में BJP में विलय तय है और पार्टी को अमित शाह चला रहे हैं।
जन सुराज के दबाव से बुज़ुर्ग पेंशन ₹400 से ₹1,100 और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सीमा ₹2 लाख से ₹4 लाख बहाल होने का दावा।

जन सुराज के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने 4 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर में आयोजित 'शिक्षक संवाद' कार्यक्रम में घोषणा की कि बिहार में सभी श्रेणियों के शिक्षकों को अगले लोकसभा चुनाव से पहले 7वाँ वेतनमान दिलाना जन सुराज की गारंटी है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त रहित शिक्षकों की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान और उनका समायोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षकों के लिए जन सुराज का संकल्प

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षक अनेक श्रेणियों में विभाजित हैं — वित्त रहित, नियोजित, विशिष्ट, विद्यालय शिक्षक, प्रधानाचार्य और अतिथि शिक्षक। जन सुराज ने संकल्प लिया है कि इन सभी श्रेणियों के शिक्षकों के लिए सातवाँ वेतनमान सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने शिक्षकों के गैर-शैक्षणिक कार्यों में इस्तेमाल पर भी कड़ा रुख अपनाया। किशोर ने कहा कि राज्य स्तर पर एक मानक तैयार किया जाएगा जिससे जिला-स्तरीय अधिकारी अपनी मनमर्ज़ी से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगा सकेंगे। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ हो रहे 'शोषण' की संज्ञा दी।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और रोज़गार का वादा

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर किशोर ने कहा कि यदि जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. बी. मोहन जीतते हैं, तो 10,000 पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी पार्टी की होगी। उन्होंने बताया कि श्याम नंदन यादव शिक्षकों की लड़ाई लड़ेंगे, जबकि डॉ. बी. मोहन स्नातकों की आवाज़ बनेंगे।

जदयू पर तीखा हमला

प्रशांत किशोर ने जनता दल (यूनाइटेड) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की असली ताकत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे, और उनके राजनीतिक रूप से निष्क्रिय होने के बाद जदयू का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वक्त गृह मंत्री अमित शाह बिहार में जदयू को संचालित कर रहे हैं।

किशोर ने दावा किया कि आने वाले तीन से चार वर्षों में जदयू का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय तय है। उन्होंने कहा, 'आज नहीं तो कल जदयू को इतना कमज़ोर कर दिया जाएगा कि वह भाजपा की बी-टीम बन जाए या भाजपा में विलय कर जाए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ऐसा न हुआ तो उनसे सवाल किया जा सकता है।

जन सुराज की उपलब्धियों का दावा

जदयू द्वारा जन सुराज के सत्ता में न होने के बावजूद वादे करने पर सवाल उठाए जाने के जवाब में किशोर ने कहा कि सत्ता के बाहर रहते हुए भी उनकी पार्टी की आवाज़ का असर हुआ है। उनके अनुसार, जन सुराज के दबाव के चलते बुज़ुर्गों की पेंशन ₹400 से बढ़कर ₹1,100 हो गई और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹2 लाख से पुनः ₹4 लाख की गई।

किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज का लक्ष्य केवल विधायक बनना या सत्ता-विपक्ष में आना नहीं, बल्कि बिहार में व्यापक सुधार लाना है। आगे आने वाले विधानसभा चुनावों में जन सुराज की रणनीति और इन वादों की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि जन सुराज अभी सत्ता में नहीं है। असली सवाल यह है कि बिना सरकारी तंत्र के ये गारंटियाँ कैसे लागू होंगी, और क्या पार्टी इन वादों को किसी बाध्यकारी दस्तावेज़ से जोड़ेगी। जदयू-BJP विलय का दावा राजनीतिक रूप से बड़ा है, लेकिन यह किशोर की उस रणनीति का हिस्सा भी लग सकता है जो परंपरागत गठबंधन राजनीति से मतदाताओं को दूर कर जन सुराज के लिए जगह बनाना चाहती है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों को 7वाँ वेतनमान कब तक देने का वादा किया है?
प्रशांत किशोर ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के सभी श्रेणियों के शिक्षकों को 7वाँ वेतनमान दिलाना जन सुराज की गारंटी है। यह घोषणा 4 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के शिक्षक संवाद कार्यक्रम में की गई।
जन सुराज की शिक्षक गारंटी में किन श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं?
जन सुराज की गारंटी में बिहार के सभी श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं — वित्त रहित, नियोजित, विशिष्ट, विद्यालय शिक्षक, प्रधानाचार्य और अतिथि शिक्षक। वित्त रहित शिक्षकों की दशकों पुरानी समस्या का समाधान और समायोजन भी करने का संकल्प लिया गया है।
प्रशांत किशोर ने जदयू के बारे में क्या दावा किया?
किशोर ने दावा किया कि आने वाले तीन-चार वर्षों में जदयू का BJP में विलय तय है और अभी जदयू को गृह मंत्री अमित शाह चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राजनीतिक रूप से निष्क्रिय होने के बाद जदयू का कोई भविष्य नहीं है।
जन सुराज सत्ता में न होते हुए भी शिक्षकों के लिए गारंटी कैसे देती है?
प्रशांत किशोर ने जवाब दिया कि जन सुराज ने सत्ता के बाहर रहते हुए भी बुज़ुर्गों की पेंशन ₹400 से बढ़वाकर ₹1,100 और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹2 लाख से वापस ₹4 लाख करवाने में भूमिका निभाई। पार्टी का तर्क है कि जनदबाव और आवाज़ उठाने से नीतिगत बदलाव संभव है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज का क्या वादा है?
किशोर ने कहा कि यदि जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. बी. मोहन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीतते हैं, तो 10,000 पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी पार्टी उठाएगी। श्याम नंदन यादव शिक्षकों की और डॉ. बी. मोहन स्नातकों की आवाज़ बनेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले