प्रशांत किशोर का वादा: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के सभी शिक्षकों को 7वाँ वेतनमान देगी जन सुराज
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने 4 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर में आयोजित 'शिक्षक संवाद' कार्यक्रम में घोषणा की कि बिहार में सभी श्रेणियों के शिक्षकों को अगले लोकसभा चुनाव से पहले 7वाँ वेतनमान दिलाना जन सुराज की गारंटी है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त रहित शिक्षकों की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान और उनका समायोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षकों के लिए जन सुराज का संकल्प
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षक अनेक श्रेणियों में विभाजित हैं — वित्त रहित, नियोजित, विशिष्ट, विद्यालय शिक्षक, प्रधानाचार्य और अतिथि शिक्षक। जन सुराज ने संकल्प लिया है कि इन सभी श्रेणियों के शिक्षकों के लिए सातवाँ वेतनमान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने शिक्षकों के गैर-शैक्षणिक कार्यों में इस्तेमाल पर भी कड़ा रुख अपनाया। किशोर ने कहा कि राज्य स्तर पर एक मानक तैयार किया जाएगा जिससे जिला-स्तरीय अधिकारी अपनी मनमर्ज़ी से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगा सकेंगे। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ हो रहे 'शोषण' की संज्ञा दी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और रोज़गार का वादा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर किशोर ने कहा कि यदि जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. बी. मोहन जीतते हैं, तो 10,000 पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी पार्टी की होगी। उन्होंने बताया कि श्याम नंदन यादव शिक्षकों की लड़ाई लड़ेंगे, जबकि डॉ. बी. मोहन स्नातकों की आवाज़ बनेंगे।
जदयू पर तीखा हमला
प्रशांत किशोर ने जनता दल (यूनाइटेड) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की असली ताकत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे, और उनके राजनीतिक रूप से निष्क्रिय होने के बाद जदयू का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वक्त गृह मंत्री अमित शाह बिहार में जदयू को संचालित कर रहे हैं।
किशोर ने दावा किया कि आने वाले तीन से चार वर्षों में जदयू का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय तय है। उन्होंने कहा, 'आज नहीं तो कल जदयू को इतना कमज़ोर कर दिया जाएगा कि वह भाजपा की बी-टीम बन जाए या भाजपा में विलय कर जाए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ऐसा न हुआ तो उनसे सवाल किया जा सकता है।
जन सुराज की उपलब्धियों का दावा
जदयू द्वारा जन सुराज के सत्ता में न होने के बावजूद वादे करने पर सवाल उठाए जाने के जवाब में किशोर ने कहा कि सत्ता के बाहर रहते हुए भी उनकी पार्टी की आवाज़ का असर हुआ है। उनके अनुसार, जन सुराज के दबाव के चलते बुज़ुर्गों की पेंशन ₹400 से बढ़कर ₹1,100 हो गई और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹2 लाख से पुनः ₹4 लाख की गई।
किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज का लक्ष्य केवल विधायक बनना या सत्ता-विपक्ष में आना नहीं, बल्कि बिहार में व्यापक सुधार लाना है। आगे आने वाले विधानसभा चुनावों में जन सुराज की रणनीति और इन वादों की परीक्षा होगी।