प्रयागराज में यूपी एसटीईटी 2026: दो पालियों में परीक्षा, 131 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 3 नवंबर 2026 (मंगलवार) को स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक-अभ्यर्थी शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुँचे, जहाँ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को पारदर्शी, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है और समूचे प्रदेश में छह मंडल मुख्यालयों पर एक साथ चल रही है।
परीक्षा का कार्यक्रम और केंद्र
पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे IST तक आयोजित होगी। यह परीक्षा आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी — कुल छह मंडल मुख्यालयों में हो रही है। इन सभी स्थानों पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 131 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।
गौरतलब है कि केंद्रों में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की जाँच की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी केंद्रों के बाहर मुस्तैद हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
सेवारत शिक्षकों की भागीदारी
इस परीक्षा की एक विशेषता यह है कि इसमें केवल सेवारत शिक्षक ही शामिल हो रहे हैं। परीक्षा में भाग लेने वाले एक अभ्यर्थी ने बताया कि यह सामान्य टीईटी से अलग है — इसमें नए अभ्यर्थी नहीं, बल्कि पहले से कार्यरत शिक्षक अपनी पात्रता सिद्ध कर रहे हैं। परीक्षा मंडल स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों को अपने नजदीकी केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा मिली है।
राज्य सरकार ने परीक्षा में शामिल होने वाले पात्र शिक्षकों को परीक्षा के दिन एक दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया है, जिससे वे बिना किसी कार्यगत बाधा के परीक्षा दे सकें।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
परीक्षा देने पहुँचे अभ्यर्थियों ने प्रशासन की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएँ संतोषजनक हैं और सभी अभ्यर्थी पूरी तैयारी के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुँचे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में कई परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं — इसी पृष्ठभूमि में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था
जिला प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी 131 केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया है। अभ्यर्थियों को उनकी निर्धारित पाली और केंद्र के अनुसार प्रवेश दिया जा रहा है तथा किसी भी अनधिकृत सामग्री को केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं है। प्रशासन का स्पष्ट संकेत है कि कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या
परीक्षा का परिणाम आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर घोषित किए जाने की उम्मीद है। इस पात्रता परीक्षा में सफल शिक्षकों की स्थायी सेवा और नियमितीकरण की प्रक्रिया में यह परिणाम अहम भूमिका निभाएगा, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा।