27 जुलाई 2026
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प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने एआई समिट में विरोध को बताया अनुचित निर्णय

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प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने एआई समिट में विरोध को बताया अनुचित निर्णय

सारांश

प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में विरोध प्रदर्शन को अनुचित बताया। उन्होंने सही स्थान पर विरोध करने की सलाह दी। जानें इस समिट के महत्व और इसके दौरान उठाए गए मुद्दों के बारे में।

मुख्य बातें

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का महत्व प्रदर्शन का सही स्थान एआई का प्रभावी उपयोग राजनीतिक प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय छवि रचनात्मकता और नवाचार में वृद्धि

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जाकर विरोध प्रदर्शन करना एक गलत निर्णय था।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना एक अधिकार है, लेकिन इसके लिए एक उचित स्थान होना चाहिए। ऐसी समिट में, जिसमें देश और दुनिया के प्रमुख सीईओ, राजनीतिज्ञ और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल हों, वहां युवाओं द्वारा शर्टलेस होकर विरोध करना बिल्कुल अनुचित था।

उन्होंने कहा कि विरोध करने के लिए जंतर-मंतर जैसे स्थान मौजूद हैं, जहां युवा अपनी बात रख सकते थे।

वहीं, नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि यह एक महान अंतरराष्ट्रीय एआई समिट था, जिसमें १०० से अधिक देशों के प्रतिनिधि और तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत का एआई क्षेत्र में योगदान वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है और यह समिट भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।

प्रो. रावत ने उदाहरण देते हुए कहा कि दवा खोजने के क्षेत्र में, जहाँ पहले १५ से १८ साल लगते थे, अब एआई की सहायता से यह प्रक्रिया ५ से ६ सालों में पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि एआई का प्रभाव सभी क्षेत्रों में देखा जाएगा और इससे रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईवे निर्माण और डिजिटल लेन-देन में प्रगति का भी उल्लेख किया और कहा कि स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने से एआई विकास को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बिनय कुमार सिंह ने समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह देश की प्रगति का मंच था और इसे राजनीतिक मंच नहीं बनने देना चाहिए था। उनका कहना था कि ऐसे प्रदर्शन से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित होती है।

साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि उन्हें इस प्रदर्शन की कड़ी निंदा करनी चाहिए और इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी में ऐसे घटनाक्रमों, विशेषकर इस प्रकार के अभद्र प्रदर्शनों पर ध्यान देने की आवश्यकता थी, न कि इसका समर्थन करना चाहिए था।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं दूसरी ओर सही मंच का चयन आवश्यक है। समिट का उद्देश्य तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना था, और ऐसे प्रदर्शनों से अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआई समिट का महत्व क्या है?
एआई समिट का उद्देश्य तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर भारत के योगदान को प्रदर्शित करना है।
प्रो. इंदर सिंह ठाकुर ने विरोध का क्या मतलब बताया?
प्रो. ठाकुर ने कहा कि विरोध का अधिकार है, लेकिन उसे सही स्थान पर होना चाहिए।
क्या राजनीतिक प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकता है?
हाँ, ऐसे प्रदर्शन देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है एआई का विकास?
एआई का विकास विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देता है।
क्या राहुल गांधी को इस प्रदर्शन की निंदा करनी चाहिए?
प्रदर्शन की निंदा करना और स्पष्ट रुख अपनाना महत्वपूर्ण है, ताकि ऐसी घटनाएँ न हों।
राष्ट्र प्रेस
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