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पुणे पुलिस कमिश्नर को छुट्टी पर भेजो: सुप्रिया सुले की माँग, शराब त्रासदी में 16 मौतें

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पुणे पुलिस कमिश्नर को छुट्टी पर भेजो: सुप्रिया सुले की माँग, शराब त्रासदी में 16 मौतें

सारांश

पुणे में अवैध शराब से 16 मौतों के बाद सुप्रिया सुले ने पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को हटाने की माँग की। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पुणे देश में 5वाँ सबसे अपराधी शहर है — यह आँकड़ा महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक दबाव बन रहा है।

मुख्य बातें

सुप्रिया सुले ने 30 मई 2026 को पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को तत्काल अनिवार्य छुट्टी पर भेजने की माँग की।
पुणे में अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पुणे महाराष्ट्र में अपराध में पहले और देश में पाँचवें स्थान पर है।
सुले ने भाजपा पर 'कांग्रेस-मुक्त भारत' के नारे को खोखला बताते हुए अहिल्यानगर जिले के नेतृत्व का उदाहरण दिया।
सुले ने छगन भुजबल के विभाग में ठेकेदारी भ्रष्टाचार की जाँच की माँग की और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखने की घोषणा की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने 30 मई 2026 को माँग की कि पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को तत्काल अनिवार्य छुट्टी पर भेजा जाए। यह माँग पुणे में अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत के बाद उठ रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आई है। सुले ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।

अपराध के आँकड़े और सुले का आरोप

सुले ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पुणे अपराध के मामले में महाराष्ट्र में पहले और पूरे देश में पाँचवें स्थान पर है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि अपराध के मामले में पुणे राज्य में पहले और देश में पाँचवें स्थान पर है। इसलिए पुणे के पुलिस कमिश्नर को तुरंत अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया जाना चाहिए।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में 'रंगदारी और रिश्वतखोरी की आड़ में अपराध किए जा रहे हैं' और इसे सरकार की 'पूरी तरह विफलता' करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब नसरापुर जैसे पूर्व मामलों में पुलिस की त्वरित चार्जशीट के बावजूद अपराध रोकने में नाकामी पर सवाल उठते रहे हैं।

भाजपा पर 'कांग्रेस-मुक्त भारत' को लेकर तंज

सुले ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले में राम शिंदे को छोड़कर भाजपा का पूरा नेतृत्व मूल रूप से कांग्रेस से आए नेताओं से बना है। उन्होंने सवाल उठाया कि 'कांग्रेस-मुक्त भारत' के नारे का क्या अर्थ रह जाता है, जब पूर्व कांग्रेसी विधायक और सांसद अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, 'वही 100 परिवार जो पहले कांग्रेस में थे, अब भाजपा में हैं। महाराष्ट्र में आखिर कौन-सी क्रांति आ गई है?' सुले ने पुराने और वफादार भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भी चिंता जताई और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या राजनीतिक विचारधारा और योग्यता का अब कोई मूल्य नहीं रहा।

भुजबल के विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप

एनसीपी (एसपी) नेताओं के आपसी विवाद पर सुले ने कहा कि पार्थ पवार और छगन भुजबल के गुटों के बीच चल रहे घटनाक्रम से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। हालाँकि उन्होंने एक वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि भुजबल के विभाग के एक ठेकेदार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों से केवल चुनिंदा ठेकेदारों को ही आपूर्ति का काम दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सीधे आरोप नहीं लगा रहीं, लेकिन यदि इसमें भ्रष्टाचार है तो जाँच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की घोषणा

सुले ने कहा कि वे इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को औपचारिक पत्र लिखेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस पर कार्रवाई करेंगे और करदाताओं के धन की रक्षा सुनिश्चित करेंगे। पुणे की कानून-व्यवस्था और शराब त्रासदी की जवाबदेही अब राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि गृह मंत्रालय की वह रिपोर्ट — जिसमें पुणे को देश का पाँचवाँ सबसे अपराधी शहर बताया गया — कब से सार्वजनिक रिकॉर्ड में थी और राज्य सरकार ने उस पर क्या कार्रवाई की। अवैध शराब की त्रासदी अकेली घटना नहीं है; यह उस व्यापक प्रशासनिक शिथिलता का लक्षण है जिसमें 'रंगदारी और रिश्वतखोरी' की संस्कृति पनपती है। पुलिस कमिश्नर को छुट्टी पर भेजना एक प्रतीकात्मक कदम हो सकता है, लेकिन जब तक ठेकेदारी भ्रष्टाचार और अवैध शराब आपूर्ति श्रृंखला की जड़ों तक जाँच नहीं होती, जवाबदेही की यह माँग महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया सुले ने पुणे पुलिस कमिश्नर को हटाने की माँग क्यों की?
पुणे में अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत के बाद सुप्रिया सुले ने पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को अनिवार्य छुट्टी पर भेजने की माँग की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पुणे अपराध में महाराष्ट्र में पहले और देश में पाँचवें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाता है।
पुणे शराब त्रासदी में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे में अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत हुई। इस त्रासदी के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और विपक्षी नेताओं ने सरकार से जवाबदेही की माँग तेज़ कर दी।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में पुणे की रैंकिंग क्या है?
सुले के दावे के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में पुणे को अपराध के मामले में महाराष्ट्र में पहला और पूरे देश में पाँचवाँ शहर बताया गया है। यह रिपोर्ट उन्होंने अपनी माँग के समर्थन में उद्धृत की।
सुले ने भुजबल के विभाग पर क्या आरोप लगाए?
सुले ने कहा कि उन्हें एक वीडियो मिला जिसमें छगन भुजबल के विभाग के एक ठेकेदार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों से केवल चुनिंदा ठेकेदारों को ही आपूर्ति का काम दिया जा रहा है। उन्होंने सीधा आरोप लगाने से परहेज़ किया, लेकिन यदि भ्रष्टाचार है तो जाँच की माँग की।
सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री फडणवीस से क्या अपेक्षा जताई?
सुले ने कहा कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को औपचारिक पत्र लिखेंगी और उम्मीद जताई कि वे पुणे की कानून-व्यवस्था तथा ठेकेदारी भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करेंगे और करदाताओं के धन की रक्षा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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