पंजाब AAP विधायक धालीवाल का आरोप: केंद्र ने हजारों करोड़ की ग्रामीण विकास निधि रोकी, मोदी की यात्रा 'विफल'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब विधायक कुलदीप धालीवाल ने 18 जुलाई को अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा को 'पूरी तरह विफल' करार दिया। धालीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्य की ग्रामीण विकास निधि (RDF) समेत अन्य मदों में हजारों करोड़ रुपए रोक रखे हैं, जिससे पंजाब का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
केंद्र पर निधि रोकने का आरोप
धालीवाल ने कहा कि जब राज्य सरकार विकास के लिए ऋण लेती है, तो केंद्र उस पर कुप्रबंधन का आरोप लगाता है। उन्होंने तर्क दिया कि 'केंद्र सरकार पंजाब के वैध धन पर कब्जा जमाए बैठी है' और राज्य को उसका हक नहीं मिल रहा। उनके अनुसार राज्य सरकार द्वारा लिया गया हर ऋण अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, गरीबों की पेंशन और जन कल्याण योजनाओं पर खर्च हो रहा है।
भाजपा पर सीधा हमला
धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 'जो लोग राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के नाम पर चंदा चुरा सकते हैं, वे कभी राष्ट्र के प्रति ईमानदार नहीं हो सकते।' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर के लोगों की आस्था का फायदा उठाया। BJP ने इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
इथेनॉल नीति पर सवाल
पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की केंद्रीय नीति पर धालीवाल ने कहा कि यह आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस कानूनी आधार पर यह नीति थोपी जा रही है। उनका कहना था कि सरकार ने दावा किया था कि इथेनॉल मिश्रण से ईंधन सस्ता होगा, लेकिन इसके विपरीत कीमतें बढ़ी हैं और इस नीति से कुछ चुनिंदा कंपनियों को लाभ हो रहा है।
नशा समस्या पर BJP को जिम्मेदार ठहराया
नशीली दवाओं के मुद्दे पर धालीवाल ने कहा कि पंजाब में नशे का प्रसार BJP-शिरोमणि अकाली दल (SAD) गठबंधन सरकार के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री से माँग की कि पंजाब में भाषण देने के बजाय वे देश को बताएं कि इथेनॉल व्यवस्था किस कानून के तहत लागू की गई है और इससे जनता को क्या ठोस लाभ मिला।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और AAP-शासित पंजाब के बीच वित्तीय विवाद लंबे समय से चल रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब AAP ने केंद्र पर राज्य की निधियाँ रोकने का आरोप लगाया हो — इसी तरह के आरोप दिल्ली सरकार भी लगाती रही है। केंद्र और पंजाब के बीच RDF विवाद अब राजनीतिक टकराव का एक स्थायी मुद्दा बनता जा रहा है।