21 अगस्त 2026
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पंजाब बंद का व्यापक असर: अमृतसर के बाजार बंद, मोहाली में सड़कें जाम; 'बंदी सिखों' की रिहाई की मांग

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पंजाब बंद का व्यापक असर: अमृतसर के बाजार बंद, मोहाली में सड़कें जाम; 'बंदी सिखों' की रिहाई की मांग

सारांश

21 अगस्त को पंजाब बंद का राज्यभर में व्यापक असर रहा — अमृतसर के बाजार पूरी तरह बंद, मोहाली में सड़कें जाम। कौमी इंसाफ मोर्चा साढ़े तीन साल से 'बंदी सिखों' की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल की माँग कर रहा है।

मुख्य बातें

21 अगस्त 2026 को कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर पंजाब बंद का राज्यभर में व्यापक असर दिखा।
अमृतसर के हॉल बाजार समेत प्रमुख बाजार, बैंक, कोर्ट, शिक्षण संस्थान और कॉलेज पूरी तरह बंद रहे।
मोहाली में प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट रोड और रोपड़-मोहाली रोड पर ट्रक खड़े कर यातायात अवरुद्ध किया।
बंद की मुख्य माँगें: 'बंदी सिखों' की रिहाई और 1995 की बेअंत सिंह हत्या मामले में उम्रकैद काट रहे जगतार सिंह हवारा को पैरोल।
बंद दोपहर 2 बजे तक था; आपातकालीन और मेडिकल सेवाएँ सामान्य रहीं; किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं।

कौमी इंसाफ मोर्चा और सिख धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के आह्वान पर 21 अगस्त 2026 को बुलाए गए पंजाब बंद का असर राज्यभर में स्पष्ट रूप से दिखा — अमृतसर के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर आवाजाही सामान्य से काफी कम रही। यह बंद दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहा। किसान संगठनों, मजदूर यूनियनों, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं और अनेक राजनीतिक दलों ने बंद को अपना समर्थन दिया।

बंद का मकसद और पृष्ठभूमि

इस बंद की प्रमुख मांगों में 'बंदी सिखों' की रिहाई के साथ-साथ जगतार सिंह हवारा को पैरोल दिए जाने की माँग भी शामिल थी। हवारा 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा के अनुसार, संगठन लगभग साढ़े तीन वर्षों से बंदी सिखों की रिहाई के लिए निरंतर प्रदर्शन कर रहा है।

अमृतसर में स्थिति

हवारा कमिटी के अध्यक्ष बरजिंदर सिंह ने कहा, 'आज का पंजाब बंद पूरी तरह सफल रहा है। हम अभी अमृतसर के मुख्य बाजार, हॉल बाजार में खड़े हैं। पूरा बाजार बंद है। सभी शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी और कॉलेज बंद हैं। बैंक, कोर्ट और अन्य संस्थान भी बंद हैं।' अमृतसर एडीसीपी गुरदेव सिंह सहोटा ने बताया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर तीन जोन में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल और अन्य आपातकालीन सेवाएँ सामान्य रूप से चालू रहीं।

मोहाली और अन्य जिलों में जाम

मोहाली में कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों ने एयरपोर्ट-केएफसी रोड, रोपड़-मोहाली रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर ट्रक खड़े कर यातायात अवरुद्ध कर दिया, जिससे मोहाली एयरपोर्ट रोड और सनी एन्क्लेव चौक पर भारी जाम लगा। मानसा जिले के अकालिया गाँव में बरनाला-मानसा रोड पर भी जाम लगाने की खबर रही। अबोहर में सिख और किसान संगठनों के सदस्यों ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की।

प्रदर्शनकारियों का पक्ष

कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य सरबजीत सिंह ने कहा, 'मोर्चे के आह्वान पर आज पंजाब पूरी तरह बंद है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहेगा। यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। हालांकि, कभी-कभी हमें कुछ कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।' यह बंद उस लंबे आंदोलन की कड़ी है जो दशकों पुराने कैद मामलों में न्याय की माँग को लेकर चला आ रहा है।

आगे की स्थिति

बंद दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था और प्रशासन ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने को प्राथमिकता दी। सुरक्षाबलों की व्यापक तैनाती के बावजूद किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली। संगठनों की माँगों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने आनी बाकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अगस्त 2026 को पंजाब बंद क्यों बुलाया गया?
यह बंद 'बंदी सिखों' की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल दिए जाने की माँग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा तथा सिख धार्मिक व राजनीतिक संगठनों ने बुलाया था। बंद को किसान संगठनों, मजदूर यूनियनों और कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला।
जगतार सिंह हवारा कौन हैं और उन्हें पैरोल की माँग क्यों हो रही है?
जगतार सिंह हवारा 1995 में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। सिख संगठन लंबे समय से उनकी पैरोल और 'बंदी सिखों' की रिहाई की माँग करते आ रहे हैं।
पंजाब बंद का किन-किन जिलों में असर दिखा?
अमृतसर में बाजार, बैंक, कोर्ट और शिक्षण संस्थान बंद रहे। मोहाली में एयरपोर्ट रोड और रोपड़-मोहाली रोड पर ट्रक खड़े कर जाम लगाया गया। मानसा जिले के अकालिया गाँव में बरनाला-मानसा रोड पर जाम की खबर रही और अबोहर में भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
बंद के दौरान आपातकालीन सेवाएँ प्रभावित हुईं?
नहीं, अमृतसर एडीसीपी गुरदेव सिंह सहोटा के अनुसार मेडिकल और अन्य आपातकालीन सेवाएँ सामान्य रूप से चालू रहीं। प्रदर्शनकारियों ने भी स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया।
कौमी इंसाफ मोर्चा कब से यह आंदोलन चला रहा है?
कौमी इंसाफ मोर्चा लगभग साढ़े तीन वर्षों से 'बंदी सिखों' की रिहाई के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। 21 अगस्त 2026 का पंजाब बंद इस लंबे आंदोलन की एक प्रमुख कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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