12 अगस्त 2026
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हवारा पैरोल मांग: CM भगवंत मान ने गवर्नर कटारिया से की मुलाकात, बीमार माँ से मिलने का हवाला

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हवारा पैरोल मांग: CM भगवंत मान ने गवर्नर कटारिया से की मुलाकात, बीमार माँ से मिलने का हवाला

सारांश

31 साल की कैद, एक बीमार माँ और एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील माँग — CM भगवंत मान ने गवर्नर कटारिया के सामने जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मानवीय पक्ष रखा और कानून-व्यवस्था की पूरी गारंटी ली।

मुख्य बातें

CM भगवंत सिंह मान ने 12 अगस्त को चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की।
माँग: जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल दी जाए ताकि वे अपनी अर्ध-बेहोश माँ से मिल सकें।
हवारा पिछले 31 वर्षों से बुड़ैल जेल, चंडीगढ़ में बंद हैं।
मामले की सुनवाई दिल्ली में होने के कारण राज्यपाल की सिफारिश कानूनी रूप से अनिवार्य है।
पंजाब सरकार ने पैरोल अवधि में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार, 12 अगस्त को चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भेंट की और बुड़ैल जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल दिलाने के लिए उनके हस्तक्षेप की माँग की। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि हवारा की वृद्ध माँ अर्ध-बेहोशी की हालत में हैं और 31 वर्षों की कैद के बाद यह शायद उनके बेटे से मिलने का आखिरी अवसर हो।

मुख्य घटनाक्रम

जगतार सिंह हवारा पिछले 31 वर्षों से चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। उनकी माँ अत्यंत वृद्ध हैं और उम्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के चलते अर्ध-बेहोश अवस्था में हैं। मुख्यमंत्री मान ने इसी मानवीय पहलू को आधार बनाते हुए राज्यपाल से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

राज्यपाल की भूमिका क्यों ज़रूरी

मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली में हो रही है, इसलिए चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में राज्यपाल कटारिया की सिफारिश कानूनी रूप से अनिवार्य है। बिना राज्यपाल की संस्तुति के पैरोल प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती — यह प्रशासनिक बाधा ही इस भेंट का केंद्रीय कारण बनी।

कानून-व्यवस्था पर पंजाब सरकार की गारंटी

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि हवारा की पैरोल अवधि के दौरान पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी लेती है। उन्होंने यह भी बताया कि हवारा के परिजनों और समर्थकों ने भी राज्य प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया है। मान ने कहा, 'पंजाब में बड़ी मुश्किल से हासिल हुई शांति की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

केंद्र के साथ समन्वय का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के साथ इस मामले को आगे बढ़ाने में पंजाब सरकार पूरा सहयोग देगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य-केंद्र संबंध और पंजाब की आंतरिक सुरक्षा स्थिति दोनों ही संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।

आगे क्या होगा

अब राज्यपाल कटारिया के निर्णय पर सबकी नज़र है। यदि वे सिफारिश करते हैं, तो पैरोल प्रक्रिया दिल्ली की संबंधित अदालत में आगे बढ़ेगी। पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में केंद्र के साथ हर स्तर पर समन्वय के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका राजनीतिक संदर्भ भी उतना ही स्पष्ट है — हवारा सिख समुदाय के एक हिस्से में प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं और AAP के लिए पंजाब में यह एक संवेदनशील वोट-बैंक है। असली सवाल यह है कि 31 साल बाद अचानक यह माँग क्यों — और क्या राज्यपाल, जो केंद्र के प्रतिनिधि हैं, इस राजनीतिक रूप से भारी फ़ाइल पर हस्ताक्षर करेंगे? कानून-व्यवस्था की गारंटी देना एक बात है, उसे ज़मीन पर साबित करना दूसरी — और पंजाब का हालिया इतिहास इस मामले में सतर्कता की माँग करता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगतार सिंह हवारा कौन हैं और वे जेल में क्यों हैं?
जगतार सिंह हवारा पिछले 31 वर्षों से चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। उनके मामले की सुनवाई दिल्ली में चल रही है। वे सिख समुदाय के एक हिस्से में प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं।
CM मान ने गवर्नर से पैरोल की माँग क्यों की?
हवारा की वृद्ध माँ अर्ध-बेहोशी की हालत में हैं और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। CM मान ने मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल दिलाने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की माँग की, ताकि हवारा अपनी माँ से मिल सकें।
इस मामले में राज्यपाल की सिफारिश क्यों जरूरी है?
चूँकि हवारा के मामले की सुनवाई दिल्ली में हो रही है और राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं, इसलिए पैरोल प्रक्रिया के लिए उनकी संस्तुति कानूनी रूप से अनिवार्य है। बिना इस सिफारिश के मामला आगे नहीं बढ़ सकता।
पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर क्या आश्वासन दिया?
CM मान ने राज्यपाल को स्पष्ट किया कि पैरोल अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार लेती है। हवारा के परिजनों और समर्थकों ने भी राज्य प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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