गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार सुनारिया जेल से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह मंगलवार, 26 मई 2026 को एक बार फिर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आ गया। हरियाणा सरकार ने उसे 30 दिन की पैरोल मंजूर की, जिसके बाद वह सुबह करीब 6 बजकर 34 मिनट पर जेल परिसर से निकला। यह उसकी 16वीं पैरोल या फरलो रिहाई है।
रिहाई का विवरण
जानकारी के अनुसार, रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर विशेष सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। गुरमीत राम रहीम अगस्त 2017 से सुनारिया जेल में बंद है। अधिकांश पैरोल अवधि के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में रहता है।
मामलों की पृष्ठभूमि
सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल यानी कुल 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी सजा काट रहा है।
बार-बार पैरोल का इतिहास
यह 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है। इससे पहले जनवरी 2026 में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी, जिसके बाद वह 15 फरवरी को वापस सुनारिया जेल लौटा था। इसी तरह 15 सितंबर 2025 को भी उसे 40 दिनों की पैरोल दी गई थी। गौरतलब है कि यह लगातार पैरोल रिहाइयों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों की आपत्ति
गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। आलोचकों का कहना है कि इतनी बार और इतने लंबे समय की पैरोल असाधारण है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पैरोल नियमों के तहत दी जाती है।
डेरे का प्रभाव क्षेत्र
सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा संगठन के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य उत्तरी राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। इस पृष्ठभूमि में हर पैरोल रिहाई राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से चर्चा का विषय बनती है।