क्या फिर जेल से बाहर आएगा गुरमीत राम रहीम? हरियाणा सरकार ने दी 40 दिनों की पैरोल
सारांश
Key Takeaways
- गुरमीत राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली है।
- यह उनकी 15वीं पैरोल है।
- वह दो साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार की हत्या के मामलों में सजा काट रहा है।
- हरियाणा सरकार का कहना है कि वह नियमों के अनुसार पैरोल प्राप्त कर रहा है।
- राम रहीम के पैरोल पर विवाद बना रहता है।
चंडीगढ़, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिली है। उन्हें रोहतक40 दिनों की पैरोल को मंजूरी दी गई है। राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सजा काट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 15वीं बार जेल से बाहर आएगा। पिछली बार जब उसे 21 दिन और 40 दिन की पैरोल मिली थी, तब वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में ही रहा था। इस बार भी 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद राम रहीम के सिरसा डेरे में ही रहने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल यानी कुल 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी सजा काट रहा है। राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल को लेकर विवाद भी खड़ा होता रहा है।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने पहले भी राम रहीम के पैरोल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं, बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है, जिसे इस तरह की रियायतें नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, हरियाणा सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर राम रहीम को हार्ड क्रिमिनल मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि राम रहीम एक अच्छे चाल-चलन वाला कैदी है और जेल नियमों के तहत उसे पैरोल या फरलो दी जाती है। नियमों के अनुसार, एक कैदी को साल में अधिकतम 90 दिन की पैरोल मिल सकती है।