कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राम रहीम को बरी करने पर भाजपा पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- राम रहीम को हत्या के मामले में बरी किया गया है।
- कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- राम रहीम अभी भी बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं।
- भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
- यह मामला न्याय और राजनीति का संगम है।
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि चाहे अपराध कितना भी गंभीर हो, भाजपा की शरण में जो भी जाता है, वह बिल्कुल साफ-सुथरा होकर बाहर आता है। यह एक बार फिर सिद्ध हो गया है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा के प्रभाव में आने के बाद राम रहीम अब आरोपों से मुक्त हो गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं न्यायालय का पूरा सम्मान करता हूं और आदर के साथ कहना चाहता हूं कि यह मुकदमा 'राम रहीम बनाम राज्य सरकार' का था। अदालत वही फैसला करेगी, जो तथ्य उसके सामने रखे जाएंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "इस मामले में हरियाणा सरकार की भूमिका थी। जब हरियाणा चुनाव के समय राम रहीम को पैरोल दी गई थी, तब ही यह आशंका हो गई थी। इसके बाद से राम रहीम का आशीर्वाद भाजपा पर हो गया था, फिर चाहे मामला पत्रकार की हत्या का हो या किसी लड़की के बलात्कार का, सब साधारण हो जाते हैं।"
ज्ञात रहे कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम को बरी किया है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 2019 में दी गई आजीवन कारावास की सजा को पलट दिया।
सीबीआई कोर्ट ने 11 जनवरी 2019 को रामचंद्र छत्रपति मामले में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराया था। यह हत्या लगभग 16 वर्ष पूर्व हुई थी। 17 जनवरी 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद डेरा प्रमुख और अन्य सह-आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हालांकि, हत्या के मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वे वर्तमान में बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं।