पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त: BJP नेता वीरेंद्र सचदेवा का AAP सरकार पर हमला, मोगा गोलीकांड का हवाला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 26 अक्टूबर 2026 को पंजाब में लगातार हो रही हिंसा, लूटपाट और अपराध की घटनाओं के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। सचदेवा ने मोगा गोलीकांड का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मोगा गोलीकांड और पंजाब में बढ़ता अपराध
सचदेवा ने मोगा की हालिया घटना का हवाला देते हुए बताया कि सड़क पर खुलेआम 15 से 20 राउंड गोलियाँ चलाई गईं, जिसमें नौजवानों की मौत हुई और दो लोग घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नंबर प्लेट वाली काली गाड़ी में आए हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस को इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं थी। BJP नेता ने इसे राज्य में पुलिस प्रशासन की पूर्ण विफलता करार दिया।
सचदेवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा तस्करी, रंगदारी, घूसखोरी, भ्रष्टाचार, हत्या और लूटपाट की घटनाएँ थम नहीं रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AAP के नेता इन घटनाओं पर मौन साधे हुए हैं और पंजाब की जनता मौजूदा सरकार से मुक्ति चाहती है।
खड़गे की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया
BJP नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। सचदेवा ने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती।
उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे की यह टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और जनाधार खिसकने का प्रतिबिंब है। सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों के दम पर देशभर में सम्मान अर्जित किया है और ऐसी टिप्पणियाँ राजनीतिक शालीनता की सीमाएँ लाँघती हैं।
रामलीला मैदान रैली और व्यापारियों की आपत्ति
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों द्वारा स्थगन की माँग किए जाने पर सचदेवा ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और दिवाली तक का समय व्यापार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में देशभर से व्यापारी दिल्ली आते हैं और बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। रैली के कारण व्यापार प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए व्यापारियों की माँग पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। सचदेवा ने राहुल गांधी पर पूर्व में भी सड़क आधारित गतिविधियों से व्यापार बाधित करने का आरोप लगाया।
1 नवंबर की तारीख और 1984 का संदर्भ
सचदेवा ने रैली की तारीख 1 नवंबर को लेकर भी निशाना साधा और इसे 1984 की हिंसा से जोड़ते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी ने रैली के लिए यही तारीख क्यों चुनी। आलोचकों का कहना है कि यह बयान चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में विपक्षी दल AAP सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर रहे हैं और दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक संघर्ष और गहरा होने की संभावना है।