नोएडा: ₹9.82 करोड़ से बन रहा पुष्कर्णी तालाब, 50% काम पूरा — 4 महीने में तैयार होगा जल संरक्षण केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में जल संरक्षण और पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ₹9.82 करोड़ की लागत से पुष्कर्णी तालाब का निर्माण तेज़ गति से जारी है। 10 अगस्त 2026 तक परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है और अधिकारियों के अनुसार अगले चार महीनों में यह परियोजना पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगी।
परियोजना का दायरा और उद्देश्य
पुष्कर्णी तालाब परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर बनाना है। तालाब के निर्माण के साथ-साथ सौंदर्यीकरण और हरित वातावरण विकसित करने से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं, जिससे यह स्थल एक आकर्षक सार्वजनिक स्थान के रूप में भी उभरेगा।
गौरतलब है कि शहरी विस्तार के साथ नोएडा क्षेत्र में भूजल स्तर में लगातार गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में यह परियोजना न केवल स्थानीय जल संकट को कम करने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं के विकास की दिशा में भी एक उदाहरण बनेगी।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। परियोजना की 50 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है और शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि तालाब दीर्घकाल तक उपयोगी और टिकाऊ बना रहे।
आम जनता पर असर
परियोजना पूरी होने के बाद सोरखा जाहिदाबाद के ग्रामवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ मिलेंगी। बारिश के पानी के संरक्षण से स्थानीय जल प्रबंधन में सुधार होगा और भविष्य में भूजल स्तर को बनाए रखने में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। तालाब के आसपास हरित क्षेत्र विकसित होने से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में भी इज़ाफ़ा होगा।
क्या होगा आगे
निर्माण कार्य की मौजूदा रफ़्तार को देखते हुए अधिकारियों ने अगले चार महीनों में परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के पूरा होने पर सोरखा जाहिदाबाद को एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण केंद्र के साथ-साथ एक विकसित सार्वजनिक स्थल की सुविधा मिलेगी — जो ग्रामीण पर्यावरण विकास का एक समग्र मॉडल बन सकती है।