राहुल गांधी ने MP CM मोहन यादव को लिखा पत्र, 27% OBC आरक्षण के तहत 2022 से रुकी नियुक्तियाँ तुरंत जारी करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 22 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक औपचारिक पत्र लिखकर राज्य में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के तहत रुकी हुई नियुक्तियों को तत्काल लागू करने की माँग की है। उन्होंने विशेष रूप से 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर वर्ष 2022 से प्रतीक्षारत चयनित अभ्यर्थियों को बिना किसी और विलंब के नियुक्ति पत्र देने का आग्रह किया।
इंदौर कार्यक्रम से उठी आवाज़
राहुल गांधी ने अपने पत्र में बताया कि इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान ओबीसी वर्ग के छात्रों ने उनसे सीधे संवाद किया। इन छात्रों ने बताया कि परीक्षा पास करने और पूरी चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम शिक्षा, रोज़गार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था।
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि 'सभी छात्र गहरी पीड़ा में हैं और चार साल से अधिक समय से इंतज़ार कर रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन युवाओं का कीमती समय अब और बर्बाद नहीं होना चाहिए।
87:13 व्यवस्था और होल्ड पदों का विवाद
पत्र के अनुसार, राज्य में 87:13 व्यवस्था के तहत ओबीसी आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पद होल्ड पर रखे गए हैं। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी 2022 से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों में पहले से ही असंतोष व्याप्त है।
राहुल गांधी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया था। बावजूद इसके, इसका क्रियान्वयन अब तक अधूरा है। उन्होंने कहा कि इसी विलंब के कारण अभ्यर्थियों को बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
राहुल गांधी की तीन माँगें
पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से तीन स्पष्ट कदम उठाने का अनुरोध किया। पहला — छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी बात सुनी जाए। दूसरा — सर्वसम्मति से पारित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। तीसरा — 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर चयनित सभी अभ्यर्थियों को बिना किसी और देरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जाएं।
एक्स पर भी साझा किया पत्र
राहुल गांधी ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा किया, जिससे मामला व्यापक सार्वजनिक चर्चा का केंद्र बन गया। उनकी पोस्ट में ओबीसी अभ्यर्थियों की स्थिति को उजागर किया गया और मध्य प्रदेश सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई।
आम अभ्यर्थियों पर असर
यह मुद्दा उन हज़ारों युवाओं से जुड़ा है जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर ली हैं और सरकारी सेवा में प्रवेश की प्रतीक्षा में अपने करियर के महत्वपूर्ण वर्ष खो दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चयन के बाद नियुक्ति में इस तरह का लंबा विलंब न केवल अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से प्रभावित करता है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या 2022 से लंबित इन नियुक्तियों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।