22 सितंबर 2026
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राहुल गांधी के फोन कॉल ने बदला खेल: बुलढाणा के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे का BJP प्रवेश टला

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राहुल गांधी के फोन कॉल ने बदला खेल: बुलढाणा के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे का BJP प्रवेश टला

सारांश

भाजपा प्रवेश की तैयारी पूरी थी, समर्थक मुंबई पहुँच चुके थे — लेकिन राहुल गांधी के एक फोन कॉल ने सब बदल दिया। बुलढाणा के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में होने वाला प्रवेश समारोह रद्द कर दिया। चिखली की राजनीति में यह मोड़ कांग्रेस के लिए राहत है — पर असली सवाल बाकी हैं।

मुख्य बातें

राहुल बोंद्रे , कांग्रेस के पूर्व विधायक व पूर्व जिलाध्यक्ष ( बुलढाणा ), ने 22 सितंबर 2026 को भाजपा में शामिल होने का अपना निर्णय वापस लिया।
भाजपा प्रवेश मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में होने वाला था — समर्थक पहुँच चुके थे।
राहुल गांधी के व्यक्तिगत फोन कॉल के बाद बोंद्रे ने फैसला पलटा; बातचीत का वीडियो भी सामने आया।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
चिखली, धाड़, अमडापुर सहित कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बाँटकर जश्न मनाया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक फोन कॉल ने 22 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र की चिखली विधानसभा की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। बुलढाणा जिले के कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का अपना निर्णय वापस ले लिया। उनका भाजपा प्रवेश मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में तय था, लेकिन ठीक उससे पहले कांग्रेस हाईकमान हरकत में आया और पूरी सियासी तस्वीर पलट गई।

भाजपा प्रवेश की पूरी तैयारी हो चुकी थी

बोंद्रे ने खुद सोशल मीडिया पर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। उनके समर्थक मुंबई पहुँचने लगे थे और भव्य प्रवेश समारोह की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में यह आयोजन होना था, जो स्वयं इसे एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन बनाता।

यह ऐसे समय में हो रहा था जब बुलढाणा जिले में कांग्रेस पहले से ही संगठनात्मक दबाव में थी और विधानसभा स्तर पर नेतृत्व की कमी महसूस हो रही थी।

राहुल गांधी के फोन ने पलटी बाज़ी

जैसे ही बोंद्रे के भाजपा में जाने की पुष्टि हुई, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल उनसे संपर्क साधना शुरू किया। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने स्वयं बोंद्रे को फोन किया और उन्हें जल्दबाजी में निर्णय न लेने की सलाह दी। इस बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी कथित तौर पर बोंद्रे से कह रहे हैं कि वे कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और पार्टी उनके साथ खड़ी है।

वीडियो में राहुल बोंद्रे भावुक नज़र आए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के फोन से उन्हें दोबारा लड़ने की हिम्मत मिली है और चाहे कुछ भी खोना पड़े, वे इस लड़ाई में गांधी के साथ खड़े रहेंगे।

महाराष्ट्र कांग्रेस की मध्यस्थता की भूमिका

इस पूरे घटनाक्रम में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की सक्रिय मध्यस्थता की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार सपकाल ने राहुल गांधी और बोंद्रे के बीच संवाद स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में किसी नेता के दल-बदल से ठीक पहले कांग्रेस हाईकमान ने हस्तक्षेप किया हो — पार्टी ने पिछले एक साल में कई ऐसे संभावित पलायनों को रोका है।

बुलढाणा में जश्न का माहौल

बोंद्रे के भाजपा प्रवेश से मुँह फेरने के बाद बुलढाणा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। चिखली, धाड़ और अमडापुर सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बाँटकर जश्न मनाया। जो चर्चा पिछले कुछ दिनों से उनके भाजपा प्रवेश को लेकर थी, वही चर्चा अब उनके कांग्रेस में बने रहने को लेकर नए सियासी समीकरण बना रही है।

आगे की राजनीतिक दिशा

फिलहाल यह स्पष्ट है कि राहुल बोंद्रे का भाजपा प्रवेश टल गया है और वे कांग्रेस में बने रहेंगे। हालाँकि, उनके असंतोष की मूल वजहें — जो संभवतः संगठनात्मक उपेक्षा या सीट आवंटन से जुड़ी हों — अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक इन कारणों का स्थायी समाधान नहीं होता, चिखली विधानसभा की राजनीतिक अस्थिरता बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जब तक नहीं होंगे, यह 'राहत' अस्थायी ही रहेगी। महाराष्ट्र में कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से मज़बूत करने की बजाय नेताओं को फोन कर रोकना — यह पैटर्न पार्टी की गहरी संरचनागत कमज़ोरी को उजागर करता है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल बोंद्रे कौन हैं और उनका भाजपा प्रवेश क्यों चर्चा में है?
राहुल बोंद्रे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने 22 सितंबर 2026 को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी, जो बाद में राहुल गांधी के हस्तक्षेप से टल गई।
राहुल गांधी के फोन कॉल ने क्या बदला?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बोंद्रे को फोन कर जल्दबाजी में निर्णय न लेने की सलाह दी और कहा कि पार्टी उनके साथ है। इस बातचीत के बाद बोंद्रे भावुक हो गए और उन्होंने भाजपा प्रवेश रद्द करने का निर्णय लिया।
इस पूरे घटनाक्रम में महाराष्ट्र कांग्रेस की क्या भूमिका रही?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सक्रिय मध्यस्थता की भूमिका निभाई। बोंद्रे के भाजपा जाने की खबर आते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनसे संपर्क किया और अंततः राहुल गांधी से सीधी बातचीत के बाद मामला संभला।
बुलढाणा में इस घटनाक्रम का क्या असर पड़ा?
बोंद्रे के कांग्रेस में बने रहने के फैसले के बाद चिखली, धाड़ और अमडापुर सहित बुलढाणा जिले के कई इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बाँटकर जश्न मनाया। हालाँकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि असंतोष की मूल वजहें अभी अनसुलझी हैं।
क्या राहुल बोंद्रे का भाजपा प्रवेश पूरी तरह रद्द हुआ या सिर्फ टला है?
फिलहाल बोंद्रे का भाजपा प्रवेश टल गया है और वे कांग्रेस में बने रहने की बात कह रहे हैं। लेकिन उनके असंतोष के कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, इसलिए यह देखना बाकी है कि यह निर्णय स्थायी रहता है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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