राहुल गांधी पर अरुण साव का हमला: 'पीएम आवास घेराव असंवैधानिक, देश में अराजकता फैला रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार, 22 जुलाई को रायपुर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे लगातार देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद आया है।
साव का आरोप: असंवैधानिक और अशोभनीय आचरण
उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि राहुल गांधी ने विरोध-प्रदर्शन के नाम पर जो किया, वह 'पूरी तरह से असंवैधानिक, अनुचित और अशोभनीय' था। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का संवैधानिक पद संभालने के बावजूद, राहुल गांधी के आचरण और उनके द्वारा चुनी गई जगह ने 'अराजक मानसिकता' को उजागर किया है।
साव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 'बार-बार ऐसा व्यवहार किया है, जैसे वे देश और संविधान से ऊपर हों।' उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी के आवास का घेराव किया, जो 'अत्यंत निंदनीय' है।
कांग्रेस पर टकराव की राजनीति का आरोप
उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने के बजाय 'टकराव और अराजकता की राजनीति' पर उतर आई है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 'देश की जनता इस अराजक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी' और वह ऐसे 'गैर-जिम्मेदाराना आचरण का करारा जवाब देगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और विपक्ष के बीच संसदीय सत्र के दौरान टकराव का माहौल बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों ही एक-दूसरे पर संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले
इसी दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। रबी और खरीफ फसल के मौसम में समय पर और सुगम खाद उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने एक मंत्री-स्तरीय उप-समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि किसानों को खाद की समय पर आपूर्ति छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए एक संवेदनशील मुद्दा रही है। उप-समिति के गठन से इस प्रक्रिया में नीति-स्तरीय निगरानी सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
अग्निवीरों को 10% आरक्षण: बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में अग्निवीर सैनिकों के हित में एक उल्लेखनीय निर्णय लिया गया। 'छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम, 2026' के तहत राज्य की सिविल सेवाओं में 33 तरह के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
इन पदों में पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड तथा जेल विभाग में प्रिजन गार्ड जैसे पद शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि यह कदम अग्निवीरों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
आगे क्या
छत्तीसगढ़ सरकार के ये फैसले राज्य में भाजपा (BJP) सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हैं। वहीं राहुल गांधी पर साव की तीखी टिप्पणी केंद्र-विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है, जो आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।