राजस्थान में अगले 4-5 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 70 किमी/घंटा हवाओं की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में अगले 4–5 दिनों तक तेज आंधी और बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस अवधि में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जिससे जयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे। 15 जून 2026 को यह अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम की मौजूदा स्थिति
IMD के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियाँ दर्ज की जा रही हैं। बीकानेर संभाग, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर के कुछ हिस्सों में तेज मेघगर्जन, धूल भरी आंधी और मध्यम से तेज बारिश देखी गई है।
पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक वर्षा झालावाड़ के खानपुर में 51 मिमी दर्ज की गई। इसके साथ ही कई स्थानों पर तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी रिकॉर्ड की गई है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
शर्मा के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं धूल भरी आंधी, मेघगर्जन और तेज हवाओं के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में भी मध्यम से तेज बारिश और आंधी का दौर बना रहेगा।
मानसून की स्थिति
IMD निदेशक ने स्पष्ट किया कि मानसून फिलहाल पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी वाली शाखा मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय बनी हुई है। राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक प्री-मानसून गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है, मानसून के प्रवेश में अभी समय है।
किन क्षेत्रों में रहेगा असर, कहाँ रहेगा मौसम शुष्क
शर्मा ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियाँ अधिक देखने को मिलेंगी। वहीं दक्षिणी राजस्थान के जोधपुर, पाली, जालौर और सिरोही जैसे जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहेगा और आंधी-बारिश की गतिविधियाँ कम रहेंगी।
तापमान और उमस पर असर
मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम में तापमान सामान्यतः 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। हालाँकि आंधी-बारिश की वजह से हीटवेव से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नमी बढ़ने के कारण उमस भरी गर्मी का एहसास भी हो सकता है, जो राहत को सीमित कर सकता है।