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राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: विदेश यात्रा पर रोक, सरकारी वाहन अब सिर्फ ईवी

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राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: विदेश यात्रा पर रोक, सरकारी वाहन अब सिर्फ ईवी

सारांश

पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद राजस्थान सरकार ने सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा बंद की, सभी नए सरकारी वाहन ईवी अनिवार्य किए और कारपूलिंग व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने का व्यापक परिपत्र जारी किया।

मुख्य बातें

राजस्थान सरकार ने 23 मई 2026 को मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया।
भविष्य में सरकारी विभागों द्वारा खरीदे जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होंगे; मौजूदा वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा।
एक ही दिशा में यात्रा करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कारपूलिंग अनिवार्य की गई।
सरकारी विभागों और पीएसयू को होटलों में बैठकें आयोजित करने की अनुमति नहीं; सभी कार्यक्रम सरकारी भवनों में होंगे।
ई-ऑफिस , ई-फाइल्स और राज-काज पोर्टल का उपयोग अनिवार्य; प्रशिक्षण कार्यक्रम अब ऑनलाइन होंगे।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकारी भवनों पर सौर पैनल और ईवी चार्जिंग अवसंरचना विस्तार की कार्य योजना तैयार होगी।

राजस्थान सरकार ने 23 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी करते हुए मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत घटाने की अपील के बाद आया है। वित्त विभाग द्वारा जारी इस परिपत्र में ईंधन बचत, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और डिजिटल शासन को बढ़ावा देने से जुड़े व्यापक दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य के वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में सरकारी विभागों द्वारा खरीदे जाने वाले सभी नए वाहन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होंगे। मौजूदा पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी से प्रतिस्थापित किया जाएगा।

पहले चरण में यह बदलाव उन अधिकारियों के लिए लागू होगा जो केवल शहर की सीमा के भीतर कार्य करते हैं। इसके बाद सरकार द्वारा अनुबंध पर किराए पर लिए गए वाहनों को भी धीरे-धीरे ईवी से बदला जाएगा।

कारपूलिंग और बैठकों पर नए नियम

परिपत्र के अनुसार, एक ही दिशा में यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनाना अनिवार्य होगा। साझा यात्रा के लिए सरकारी और निजी दोनों वाहनों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और पीएसयू को होटलों में बैठकें या कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी — सभी आधिकारिक आयोजन अब सरकारी भवनों में ही होंगे।

काफिले के हकदार गणमान्य व्यक्तियों को भी गैर-ज़रूरी वाहनों का उपयोग कम करने का निर्देश दिया गया है। जहाँ भी संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बैठकें आयोजित करने और आमने-सामने की बैठकों को न्यूनतम रखने पर जोर दिया गया है।

डिजिटल शासन और सौर ऊर्जा पर जोर

कागजी पत्राचार घटाने के लिए ई-ऑफिस, ई-फाइल्स और 'राज-काज' पोर्टल का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी अब एक स्थान पर एकत्रित होने के बजाय ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे।

सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकारी भवनों की छतों पर सौर पैनल लगाने को बढ़ावा देगी। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना को मजबूत करने और लंबित चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावों की मंजूरी में तेज़ी लाने के लिए एक अलग कार्य योजना तैयार की जाएगी।

आम जनता और प्रशासन पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने और हरित ऊर्जा की दिशा में नीतिगत बदलाव कर रही है। राजस्थान इस नीति को अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। गौरतलब है कि राज्य में ईवी अवसंरचना अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है, इसलिए चार्जिंग स्टेशन विस्तार की कार्य योजना इस नीति की सफलता के लिए निर्णायक मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

सभी विभागों से इन दिशानिर्देशों के अनुपालन की अपेक्षा तत्काल की गई है। ईवी खरीद का पहला चरण शहरी क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों से शुरू होगा। चार्जिंग अवसंरचना के लिए कार्य योजना की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यावहारिकता राज्य की ईवी अवसंरचना की वास्तविकता से टकराती है — जहाँ चार्जिंग स्टेशनों की संख्या अभी भी बेहद सीमित है। नीति में 'चरणबद्ध' बदलाव की बात तो है, पर समयसीमा और जवाबदेही तंत्र का अभाव इसे कागज़ी आदेश बनाए रखने का जोखिम देता है। यह भी उल्लेखनीय है कि होटल बैठकों पर रोक और कारपूलिंग जैसे उपाय वित्तीय अनुशासन के नज़रिए से स्वागत योग्य हैं, किंतु बिना अनुपालन निगरानी के ये निर्देश अक्सर कागज़ तक सिमट जाते हैं। असली परीक्षा तब होगी जब ईवी चार्जिंग कार्य योजना की समयसीमा और बजट सार्वजनिक किए जाएंगे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान सरकार ने विदेश यात्रा पर प्रतिबंध क्यों लगाया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत घटाने की अपील के बाद राजस्थान के वित्त विभाग ने यह परिपत्र जारी किया, जिसमें सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर तत्काल रोक लगाई गई है। इसका उद्देश्य सरकारी व्यय कम करना और ईंधन बचत को बढ़ावा देना है।
राजस्थान की नई ईवी नीति में क्या प्रावधान हैं?
नई नीति के तहत सरकारी विभागों और पीएसयू द्वारा भविष्य में खरीदे जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। पहले चरण में शहर की सीमा के भीतर काम करने वाले अधिकारियों के लिए ईवी खरीदे जाएंगे, और बाद में अनुबंधित वाहनों को भी ईवी से बदला जाएगा।
कारपूलिंग नियम किन पर लागू होगा?
एक ही दिशा में यात्रा करने वाले सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनानी होगी। इसके लिए सरकारी और निजी दोनों वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।
सरकारी बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर क्या बदलाव हुए हैं?
सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और पीएसयू को होटलों में बैठकें या कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी — सभी आयोजन सरकारी भवनों में होंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम अब ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजस्थान सरकार ईवी चार्जिंग अवसंरचना कैसे विकसित करेगी?
सरकार लंबित चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावों की मंजूरी में तेज़ी लाने और ईवी चार्जिंग अवसंरचना मजबूत करने के लिए एक अलग कार्य योजना तैयार करेगी। इसके अलावा पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकारी भवनों की छतों पर सौर पैनल लगाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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