रक्षा बंधन 2026: राजस्थान साइबर पुलिस की एडवाइजरी — फर्जी APK, फिशिंग लिंक और गिफ्ट ऑफर से रहें सावधान
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन से पूर्व एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को त्योहारी साइबर धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी इस बार व्हाट्सएप पर फर्जी APK फाइलें, फिशिंग लिंक, नकली गिफ्ट वाउचर और कूरियर संदेशों के ज़रिये लोगों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्य खतरे और तरीके
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप के माध्यम से 'rakshabhandan.greeting.apk' और 'festival.gift.apk' जैसी संदिग्ध फाइलें भेज रहे हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही अपराधियों को पीड़ित के मोबाइल के कैमरे, गैलरी, संदेश और बैंकिंग एप्लिकेशन तक पहुँच मिल जाती है।
इसके अलावा, धोखेबाज रक्षा बंधन के विशेष ऑफर, मुफ्त गिफ्ट वाउचर, मोबाइल रिचार्ज और भारी छूट के आकर्षक संदेश भेजकर नकली वेबसाइटों की ओर लोगों को ले जाते हैं, जहाँ बैंकिंग क्रेडेंशियल और व्यक्तिगत डेटा चुराया जाता है।
फर्जी पहचान और कूरियर घोटाला
साइबर अपराधी रिश्तेदारों के नाम और तस्वीरों का उपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते हैं और फिर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध करते हैं। एक अन्य प्रचलित तरीके में भाई या बहन की ओर से राखी या उपहार भेजे जाने का दावा कर डिलीवरी लिंक पर क्लिक करवाया जाता है या मामूली शुल्क के नाम पर वित्तीय जानकारी हासिल की जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में ऑनलाइन लेनदेन और मोबाइल भुगतान में तेज़ी से इज़ाफा होता है।
पुलिस की सलाह — क्या करें, क्या न करें
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों पर जारी इस एडवाइजरी में नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की सलाह दी गई है:
- अज्ञात स्रोतों से आई APK फाइलें डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- व्हाट्सएप का मीडिया ऑटो-डाउनलोड फीचर तुरंत बंद करें।
- व्हाट्सएप और अन्य महत्वपूर्ण खातों पर दो-चरणीय सत्यापन (2FA) सक्षम करें।
- उपहार, कूपन, छूट या रिचार्ज ऑफर वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें — भले ही वे किसी परिचित ब्रांड या संपर्क की ओर से आए हों।
- किसी भी संदिग्ध संदेश या पैसे के अनुरोध की पुष्टि संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर करें।
- बैंकिंग क्रेडेंशियल, OTP, PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी से भी साझा न करें।
शिकायत कहाँ दर्ज करें
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर नागरिक राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल कर सकते हैं। शिकायत साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने अपने साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए हैं।
गौरतलब है कि त्योहारी सीजन में साइबर ठगी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है और यह एडवाइजरी उसी पैटर्न को देखते हुए समय से पहले जारी की गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देरी किए बिना दें।