5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान युवा कांग्रेस ने 12 जिला अध्यक्षों समेत 43 पदाधिकारी निलंबित किए, दिल्ली रैली से गैरहाजिरी पड़ी भारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान युवा कांग्रेस ने 12 जिला अध्यक्षों समेत 43 पदाधिकारी निलंबित किए, दिल्ली रैली से गैरहाजिरी पड़ी भारी

सारांश

दिल्ली के रामलीला मैदान की रैली से गैरहाजिर रहना राजस्थान के 43 युवा कांग्रेस नेताओं को भारी पड़ा — 12 जिला अध्यक्षों समेत सभी को तत्काल निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई बताती है कि पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक अनुशासन के मामले में अब सख्त रुख अपना रहा है।

मुख्य बातें

राजस्थान युवा कांग्रेस ने 5 नवंबर 2026 को 43 पदाधिकारियों को निलंबित किया।
निलंबन का कारण दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में अनुपस्थिति।
निलंबितों में 12 जिला अध्यक्ष और 31 राज्य-स्तरीय पदाधिकारी , जिनमें 20 राज्य सचिव शामिल।
कार्रवाई रैली से पहले तैयार विस्तृत अनुपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर की गई।
निलंबित पदाधिकारियों की पुनर्बहाली की शर्तें अभी राज्य नेतृत्व द्वारा तय की जानी बाकी हैं।

राजस्थान युवा कांग्रेस ने 5 नवंबर 2026 को सांगठनिक अनुशासन का कड़ा संदेश देते हुए 43 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन सभी पर आरोप है कि ये दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महत्वपूर्ण कांग्रेस रैली में न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही अपने क्षेत्र से भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी निभाई। निलंबित पदाधिकारियों में 12 जिला अध्यक्ष और 31 राज्य-स्तरीय पदाधिकारी शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

युवा कांग्रेस नेतृत्व ने रैली से पूर्व अपने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे — जनता को एकजुट करना और रामलीला मैदान में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को लाना। इसके बावजूद राजस्थान के 43 नेता इस कार्यक्रम से पूरी तरह नदारद रहे।

गौरतलब है कि इस तरह की रैलियाँ पार्टी की संगठनात्मक ताकत का एक अहम प्रदर्शन होती हैं और नेतृत्व उनमें सभी इकाइयों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा रखता है। कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य इकाई से विस्तृत रिपोर्ट तलब की, जिसमें अनुपस्थित पदाधिकारियों की पहचान की गई और फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

निलंबित जिला अध्यक्षों की सूची

दिल्ली रैली में अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित 12 जिला अध्यक्षों में शामिल हैं: चिराग पालीवाल (राजसमंद), विकास मंजू (जालोर), राजेश गोदारा (बीकानेर), रामेश्वर बैरवा (बारां), पृथ्वीराज मालवीय (बांसवाड़ा), अरविंद यादव (डूंगरपुर), रामदयाल बेनीवाल (बीकानेर शहर), मोहम्मद शकील (प्रतापगढ़), सुरेश माली (बालोतरा), हसन खान (डीग), आसिफ खान (चूरू) और प्रवीण सिखवाल (ब्यावर)।

राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों पर कार्रवाई

इसके अतिरिक्त, 31 राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है, जिनमें 20 राज्य सचिव सम्मिलित हैं। प्रमुख निलंबित पदाधिकारियों में प्रकाश चंद मीणा (उपाध्यक्ष, एससी/एसटी), सद्दाम हुसैन मेव (महासचिव, अल्पसंख्यक), फैजान हसन कुरैशी (महासचिव, अल्पसंख्यक), जफर हुसैन मीर (महासचिव, अल्पसंख्यक), सलमा पिनारा (महासचिव, अल्पसंख्यक महिला), रामफूल धाकड़ (महासचिव, ओबीसी), गणेश देवासी (महासचिव, ओबीसी), ठाकुर बिश्नोई (महासचिव, सामान्य वर्ग), मंजुला देसाई (महासचिव, सामान्य वर्ग महिला), अर्जुन सिंह बोचवत (महासचिव, एससी) और दीपक मेघवाल (महासचिव, एससी) शामिल हैं।

अन्य निलंबित राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों में आशीष बैरवा ततवाल, हिमांशु शर्मा, दिनेश कुमार गुर्जर, सुरेश गोदारा, नवाब खान, संग्राम सिंह गुर्जर, मुजाहिद कुरेशी, हुकमा राम, भरत मीना, महबूब खान, भैरा राम पटेल, गनी मोहम्मद सिंधी, रवि कांत, गिरिराज कुमार, हिमांशु धाकड़, सुरेश कुमार गुर्जर, अरविंद योगी, विष्णु कुमार मीना, आसिफ खान कायमखानी और पवन कुमार जांगिड़ शामिल हैं।

संगठन पर असर और आगे की राह

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस राजस्थान में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने में जुटी है। एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लामबंदी कार्यक्रम से पदाधिकारियों की सामूहिक अनुपस्थिति पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनी। इस कठोर अनुशासनात्मक कदम से स्पष्ट है कि नेतृत्व भविष्य की रैलियों और आयोजनों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा।

निलंबित पदाधिकारियों के पुनर्बहाल होने की शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं, और पार्टी सूत्रों के अनुसार उनकी समीक्षा राज्य नेतृत्व के स्तर पर की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि क्या यह अनुशासनहीनता है या ऊपर से आए निर्देशों में विश्वास की कमी। निलंबन सूची में अल्पसंख्यक, ओबीसी, एससी-एसटी सभी वर्गों के पदाधिकारी शामिल हैं — जो बताता है कि समस्या किसी एक खेमे तक सीमित नहीं है। पार्टी नेतृत्व को यह भी सोचना होगा कि क्या डंडे की भाषा से जमीनी कार्यकर्ता का उत्साह बढ़ेगा या और घटेगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान युवा कांग्रेस ने 43 पदाधिकारियों को क्यों निलंबित किया?
राजस्थान युवा कांग्रेस ने इन 43 पदाधिकारियों को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित किया। पार्टी ने सभी पदाधिकारियों को भीड़ जुटाने और स्वयं उपस्थित होने की जिम्मेदारी दी थी, जो इन नेताओं ने पूरी नहीं की।
निलंबित 12 जिला अध्यक्ष कौन-कौन से जिलों से हैं?
निलंबित 12 जिला अध्यक्ष राजसमंद, जालोर, बीकानेर, बारां, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बीकानेर शहर, प्रतापगढ़, बालोतरा, डीग, चूरू और ब्यावर से हैं। इनमें चिराग पालीवाल, विकास मंजू, राजेश गोदारा और रामेश्वर बैरवा जैसे पदाधिकारी शामिल हैं।
राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों में कितने और कौन निलंबित हुए?
31 राज्य-स्तरीय पदाधिकारी निलंबित किए गए, जिनमें 20 राज्य सचिव शामिल हैं। इनमें विभिन्न वर्गों — अल्पसंख्यक, ओबीसी, एससी, सामान्य वर्ग — के महासचिव और उपाध्यक्ष शामिल हैं।
निलंबित पदाधिकारी कब और कैसे बहाल होंगे?
निलंबित पदाधिकारियों की पुनर्बहाली की शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनकी समीक्षा राज्य नेतृत्व के स्तर पर की जाएगी।
इस कार्रवाई का राजस्थान कांग्रेस संगठन पर क्या असर पड़ेगा?
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस राजस्थान में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। एक साथ 43 पदाधिकारियों के निलंबन से पार्टी अनुशासन का संदेश तो जाता है, लेकिन जिला और राज्य स्तर पर रिक्तियाँ भी पैदा होती हैं जो संगठन को अल्पकालिक रूप से कमज़ोर कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 10 महीने पहले