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राजनाथ सिंह: 12 वर्षों में भारत का सबसे बड़ा परिवर्तन, मोबाइल एक्सपोर्ट 163 गुना बढ़ा

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राजनाथ सिंह: 12 वर्षों में भारत का सबसे बड़ा परिवर्तन, मोबाइल एक्सपोर्ट 163 गुना बढ़ा

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनबीटी उत्सव 2026 में आँकड़ों की झड़ी लगाई — मोबाइल निर्यात 163 गुना, रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ पार, स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप सफल। उनका संदेश स्पष्ट था: भारत की असली ताकत बदले हुए आँकड़े नहीं, बदली हुई सोच है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 जुलाई 2026 को 'एनबीटी उत्सव 2026' में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत सबसे परिवर्तनकारी दौर से गुज़रा है।
मोबाइल विनिर्माण का मूल्य ₹18,000 करोड़ से 28 गुना बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ हुआ; मोबाइल निर्यात 163 गुना बढ़कर ₹2.6 लाख करोड़ पहुँचा।
2026 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1,78,000 करोड़ से अधिक; रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,000 करोड़ पार।
भारत ने 'मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप' बनाने में सफलता हासिल की; 100 से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात शुरू।
ऑटोमोबाइल निर्यात ₹50,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,20,000 करोड़ प्रतिवर्ष हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'एनबीटी उत्सव 2026' में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत अपने इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी दौर से गुज़रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सोच और कार्यसंस्कृति दोनों बदली हैं, और इसी बदलाव ने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नया आयाम दिया है।

बदली हुई सोच, बदला हुआ सवाल

राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'आज यह नहीं पूछा जाता कि क्या भारत यह कर सकता है? अब पूछा जाता है कि भारत कब तक यह कर लेगा।' उनके अनुसार जब भारत की मानसिकता बदली, तो दुनिया ने भी भारत को देखने का अपना नज़रिया बदल दिया।

सेमीकंडक्टर से लेकर रक्षा उत्पादन तक की उपलब्धियाँ

रक्षा मंत्री ने बताया कि 2021 में सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की, जिस पर तब विशेषज्ञों ने संदेह जताया था। उन्होंने कहा कि सरकार अपने संकल्प से नहीं डिगी और देशभर में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित किए गए। पिछले वर्ष 'मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप' बनाने में सफलता मिली।

रक्षा उत्पादन के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि 2026 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1,78,000 करोड़ से अधिक हो चुका है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 'मेड इन इंडिया' रक्षा प्लेटफॉर्म्स पर विश्वास और मज़बूत हुआ है। रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड ₹38,000 करोड़ से ऊपर पहुँच गया है।

मेक इन इंडिया के आँकड़े

2014 में जब 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत हुई, तब मोबाइल विनिर्माण का मूल्य केवल ₹18,000 करोड़ था। राजनाथ सिंह के अनुसार यह आज 28 गुना बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ हो गया है। मोबाइल निर्यात तो लगभग नगण्य था, जो अब करीब 163 गुना बढ़कर ₹2.6 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2014 तक भारत लगभग ₹50,000 करोड़ के ऑटोमोबाइल निर्यात करता था, जो अब बढ़कर ₹1,20,000 करोड़ प्रतिवर्ष हो गया है। भारत ने 100 से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात शुरू किया है।

इंजीनियरिंग और बुनियादी ढाँचे में नए कीर्तिमान

रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने स्वदेशी 'हाई हॉर्सपावर लोकोमोटिव' बनाया है। इसके अलावा, दुनिया में पहली बार इस इंजन को ब्रॉड-गेज ट्रैक पर सफलतापूर्वक संचालित करने का कीर्तिमान भी भारत के नाम दर्ज हुआ है।

संस्कृति और कार्यसंस्कृति में बदलाव

राजनाथ सिंह ने आर्टिकल-370 की समाप्ति, 'मेड इन इंडिया 5जी' और यूपीआई जैसी उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल भौतिक नहीं है — भारत ने अपनी सोच बदली है। उन्होंने कहा, 'एक समय था, जब परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन वे वर्षों तक अटकी रहती थीं। लेकिन आज जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विकास के साथ-साथ भारत की सभ्यता, संस्कृति और विरासत को भी प्राथमिकता दी गई है, जो राष्ट्रीय एकता और पहचान का आधार है। आने वाले समय में इन उपलब्धियों को और गति देने के संकेत सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि मोबाइल विनिर्माण की वृद्धि काफ़ी हद तक Apple और Samsung जैसी विदेशी कंपनियों की असेंबली पर निर्भर है — स्वदेशी डिज़ाइन और R&D पर नहीं। रक्षा उत्पादन के आँकड़े उत्साहजनक हैं, परंतु आलोचकों का कहना है कि निर्यात में अभी भी कम मूल्य वाले उत्पादों की हिस्सेदारी अधिक है। सेमीकंडक्टर चिप की सफलता एक महत्वपूर्ण कदम है, किंतु वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी अभी नगण्य है। असली परीक्षण यह है कि क्या ये उपलब्धियाँ दीर्घकालिक स्वदेशी तकनीकी क्षमता में तब्दील होती हैं, या केवल असेंबली हब बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने एनबीटी उत्सव 2026 में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत सबसे परिवर्तनकारी दौर से गुज़रा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सोच और कार्यसंस्कृति दोनों बदली हैं। उन्होंने मोबाइल निर्यात, रक्षा उत्पादन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के आँकड़े पेश किए।
भारत का मोबाइल निर्यात कितना बढ़ा है?
राजनाथ सिंह के अनुसार मोबाइल निर्यात लगभग 163 गुना बढ़कर ₹2.6 लाख करोड़ तक पहुँच गया है, जबकि मोबाइल विनिर्माण का कुल मूल्य ₹18,000 करोड़ से 28 गुना बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ हो गया है।
भारत का रक्षा उत्पादन 2026 में कितना है?
2026 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1,78,000 करोड़ से अधिक हो चुका है। रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड ₹38,000 करोड़ से ऊपर पहुँच गया है, और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 'मेड इन इंडिया' रक्षा प्लेटफॉर्म्स पर विश्वास और मज़बूत हुआ है।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन क्या है और इसमें क्या सफलता मिली?
भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत 2021 में हुई थी, जिसके तहत देशभर में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर सेमीकंडक्टर पार्क बनाए गए। पिछले वर्ष 'मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप' बनाने में सफलता हासिल की गई।
भारत के ऑटोमोबाइल निर्यात में कितनी वृद्धि हुई है?
2014 तक भारत लगभग ₹50,000 करोड़ के ऑटोमोबाइल निर्यात करता था, जो अब बढ़कर ₹1,20,000 करोड़ प्रतिवर्ष हो गया है। भारत ने 100 से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी शुरू किया है।
राष्ट्र प्रेस
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