राजनाथ सिंह: 12 वर्षों में भारत का सबसे बड़ा परिवर्तन, मोबाइल एक्सपोर्ट 163 गुना बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'एनबीटी उत्सव 2026' में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत अपने इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी दौर से गुज़रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सोच और कार्यसंस्कृति दोनों बदली हैं, और इसी बदलाव ने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नया आयाम दिया है।
बदली हुई सोच, बदला हुआ सवाल
राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'आज यह नहीं पूछा जाता कि क्या भारत यह कर सकता है? अब पूछा जाता है कि भारत कब तक यह कर लेगा।' उनके अनुसार जब भारत की मानसिकता बदली, तो दुनिया ने भी भारत को देखने का अपना नज़रिया बदल दिया।
सेमीकंडक्टर से लेकर रक्षा उत्पादन तक की उपलब्धियाँ
रक्षा मंत्री ने बताया कि 2021 में सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की, जिस पर तब विशेषज्ञों ने संदेह जताया था। उन्होंने कहा कि सरकार अपने संकल्प से नहीं डिगी और देशभर में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित किए गए। पिछले वर्ष 'मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप' बनाने में सफलता मिली।
रक्षा उत्पादन के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि 2026 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1,78,000 करोड़ से अधिक हो चुका है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 'मेड इन इंडिया' रक्षा प्लेटफॉर्म्स पर विश्वास और मज़बूत हुआ है। रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड ₹38,000 करोड़ से ऊपर पहुँच गया है।
मेक इन इंडिया के आँकड़े
2014 में जब 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत हुई, तब मोबाइल विनिर्माण का मूल्य केवल ₹18,000 करोड़ था। राजनाथ सिंह के अनुसार यह आज 28 गुना बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ हो गया है। मोबाइल निर्यात तो लगभग नगण्य था, जो अब करीब 163 गुना बढ़कर ₹2.6 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2014 तक भारत लगभग ₹50,000 करोड़ के ऑटोमोबाइल निर्यात करता था, जो अब बढ़कर ₹1,20,000 करोड़ प्रतिवर्ष हो गया है। भारत ने 100 से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात शुरू किया है।
इंजीनियरिंग और बुनियादी ढाँचे में नए कीर्तिमान
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने स्वदेशी 'हाई हॉर्सपावर लोकोमोटिव' बनाया है। इसके अलावा, दुनिया में पहली बार इस इंजन को ब्रॉड-गेज ट्रैक पर सफलतापूर्वक संचालित करने का कीर्तिमान भी भारत के नाम दर्ज हुआ है।
संस्कृति और कार्यसंस्कृति में बदलाव
राजनाथ सिंह ने आर्टिकल-370 की समाप्ति, 'मेड इन इंडिया 5जी' और यूपीआई जैसी उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल भौतिक नहीं है — भारत ने अपनी सोच बदली है। उन्होंने कहा, 'एक समय था, जब परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन वे वर्षों तक अटकी रहती थीं। लेकिन आज जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विकास के साथ-साथ भारत की सभ्यता, संस्कृति और विरासत को भी प्राथमिकता दी गई है, जो राष्ट्रीय एकता और पहचान का आधार है। आने वाले समय में इन उपलब्धियों को और गति देने के संकेत सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं।