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राम जन्मभूमि ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर परिजन बोले — '42 साल की सेवा और ईमानदारी को मिला सम्मान'

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राम जन्मभूमि ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर परिजन बोले — '42 साल की सेवा और ईमानदारी को मिला सम्मान'

सारांश

देवरिया की माटी में पले-बढ़े एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को राम जन्मभूमि ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। परिजनों ने 42 साल की निष्पक्ष सैन्य सेवा को इस नियुक्ति का आधार बताया और विपक्ष की आलोचना को राजनीति से प्रेरित करार दिया।

मुख्य बातें

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है।
मिश्रा भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों तक सेवारत रहे; परिजनों के अनुसार उनका कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है।
परिवार ने विपक्ष की आलोचनाओं को 'बेबुनियाद' और 'राजनीति से प्रेरित' बताया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिश्रा की अहम भूमिका रही, जिसे ग्रामीणों ने विशेष रूप से रेखांकित किया।
देवरिया के ग्रामीणों और परिजनों ने इस नियुक्ति को जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।

देवरिया के रहने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने पर उनके परिवार और ग्रामीणों ने गर्व और संतोष जताया है। परिजनों ने विपक्ष की आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मिश्रा की यह नियुक्ति उनके 42 वर्षों की अनुशासित सैन्य सेवा और ईमानदारी का स्वाभाविक परिणाम है।

परिवार की प्रतिक्रिया

जितेंद्र मिश्रा के चाचा ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, इससे परिवार को कोई सरोकार नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिश्रा भारतीय वायुसेना में 42 साल तक सेवारत रहे और उनका कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है। उनके अनुसार, ईमानदारी और अनुशासन ही वह आधार है जिस पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक अन्य परिजन ने कहा कि देश और मातृभूमि की सेवा में अपना जीवन खपाने वाले व्यक्ति पर विश्वास जताकर उन्हें यह पद दिया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि आलोचना करने से पहले मिश्रा के पिछले कार्यकाल को देखा जाना चाहिए।

गाँव और जिले को गर्व

देवरिया के ग्रामीणों ने इस नियुक्ति को अपने क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। एक ग्रामीण ने कहा कि जितेंद्र मिश्रा इसी माटी में पले-बढ़े हैं और उनका अथवा उनके किसी निकट संबंधी का कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कथित तौर पर मिश्रा को उनकी जाति के कारण निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सेना में उनके साहसिक कार्यों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

एक अन्य ग्रामीण ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा की भूमिका का विशेष उल्लेख किया और कहा कि ऐसे अनुभवी अधिकारी राम मंदिर प्रबंधन में नई ऊर्जा लाएंगे।

चचेरे भाई का बयान

मिश्रा के चचेरे भाई ने विपक्ष पर 'बेवजह प्रोपेगैंडा' फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिवार का योगदान सदैव शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में रहा है। उनके अनुसार, मिश्रा की ईमानदारी और अनुशासनप्रियता किसी से छुपी नहीं है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे CEO के पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी का उचित निर्वहन करेंगे।

विपक्ष का विरोध और संदर्भ

गौरतलब है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में CEO पद की यह पहली नियुक्ति है, और विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं। हालांकि परिजनों का कहना है कि ये सवाल तथ्यों पर नहीं, बल्कि राजनीतिक मंशा पर आधारित हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक ढाँचे को और सुदृढ़ करने की कोशिशें जारी हैं।

आने वाले दिनों में मिश्रा के नेतृत्व में ट्रस्ट के प्रशासनिक और विकास कार्यों की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या सैन्य अनुशासन और मंदिर प्रबंधन की जटिलताएं एक-दूसरे से मेल खाती हैं। विपक्ष का विरोध चाहे राजनीति से प्रेरित हो, पर ट्रस्ट की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग जायज़ है। ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका का उल्लेख राष्ट्रीय साख जोड़ता है, किंतु असली कसौटी यह होगी कि अयोध्या में मंदिर परिसर का विकास और तीर्थयात्रियों की सेवा किस गति और गुणवत्ता से आगे बढ़ती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जितेंद्र मिश्रा को राम जन्मभूमि ट्रस्ट का CEO क्यों बनाया गया?
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों की अनुशासित सेवा और ईमानदारी के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। परिजनों के अनुसार उनका कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है और उन्होंने विश्वास अर्जित करके यह पद पाया है।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर कैसा रहा है?
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों तक सेवारत रहे और एयर मार्शल के पद तक पहुँचे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उनकी अहम भूमिका बताई जाती है, जिसे उनके गृह जनपद देवरिया के लोग विशेष रूप से उल्लेखित करते हैं।
विपक्ष ने इस नियुक्ति पर क्या आपत्ति जताई है?
विपक्षी दलों ने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, हालांकि परिजनों ने इसे 'बेबुनियाद' और 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया है। परिवार का कहना है कि विपक्ष उनके सैन्य योगदान को नज़रअंदाज़ करके प्रोपेगैंडा फैला रहा है।
जितेंद्र मिश्रा कहाँ के रहने वाले हैं?
जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूल निवासी हैं। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने इस नियुक्ति को देवरिया जिले के लिए गर्व का अवसर बताया है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का CEO पद क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पद ट्रस्ट के प्रशासनिक और विकास कार्यों की देखरेख के लिए बनाया गया पहला CEO पद है। अयोध्या में राम मंदिर परिसर के विस्तार और तीर्थयात्री सेवाओं के प्रबंधन में यह भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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