21 सितंबर 2026
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राम मंदिर के नए CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने आज संभाला चार्ज, चढ़ावा विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव

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राम मंदिर के नए CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने आज संभाला चार्ज, चढ़ावा विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव

सारांश

चढ़ावे की चोरी के आरोपों से घिरे राम मंदिर प्रशासन ने आज बड़ा कदम उठाया — सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO की कमान सौंपी गई। भारतीय वायुसेना की अनुशासन-संस्कृति को अब अयोध्या के सबसे बड़े धार्मिक केंद्र की जवाबदेही और पारदर्शिता की चुनौती से जूझना होगा।

मुख्य बातें

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने 21 सितंबर 2026 से अयोध्या राम मंदिर के CEO के रूप में पूर्ण प्रभार संभाल लिया।
नियुक्ति मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद हुई, जिसने प्रशासनिक सुधार की माँग को तेज किया।
मिश्रा अयोध्या में ही रहेंगे, जिससे रोज़ाना की निगरानी और विभागीय समन्वय बेहतर होगा।
चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता , सुरक्षा व्यवस्था और दैनिक प्रशासन उनकी प्राथमिकता होगी।
नई प्रशासनिक नीतियों और बदलावों का विस्तृत ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 21 सितंबर 2026 से प्रशासनिक ढाँचे में बड़ा फेरबदल करते हुए नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) को आज से मंदिर का पूर्ण प्रभार सौंप दिया। मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद उठे विवाद की पृष्ठभूमि में यह नियुक्ति ट्रस्ट की जवाबदेही और पारदर्शिता बहाल करने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है।

नियुक्ति का पृष्ठभूमि और कारण

ट्रस्ट के अनुसार, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति उस दौर में हुई है जब मंदिर प्रशासन पर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे थे। कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी के आरोपों ने मंदिर की साख पर असर डाला और ट्रस्ट पर एक वरिष्ठ, अनुभवी प्रशासक लाने का दबाव बना। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी को इसीलिए चुना गया ताकि अनुशासित और संस्थागत प्रशासन सुनिश्चित हो सके।

गौरतलब है कि जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित राम मंदिर में देश-विदेश से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे चढ़ावे की राशि और प्रबंधन की जटिलता दोनों तेज़ी से बढ़े हैं।

मिश्रा की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अयोध्या में ही रहेंगे और मंदिर परिसर में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जिससे रोज़ाना के प्रशासनिक निर्णयों में तेज़ी आएगी। उनकी प्राथमिकताओं में चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और दैनिक कामकाज का बेहतर समन्वय शामिल है। ट्रस्ट का मानना है कि उनकी मौजूदगी से विभिन्न विभागों के बीच तालमेल अधिक प्रभावी होगा।

हालाँकि नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं, बदलावों और गड़बड़ियों को रोकने के ठोस उपायों की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

भक्तों और मंदिर प्रबंधन पर असर

राम मंदिर में प्रतिदिन देश के कोने-कोने से और विदेशों से श्रद्धालु पहुँचते हैं। बढ़ती भीड़ का प्रबंधन, सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखना और चढ़ावे में पारदर्शिता — ये तीनों मुद्दे प्रशासन के केंद्र में हैं। एयर मार्शल मिश्रा के चार्ज संभालने के बाद भक्त मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव महसूस कर सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक ट्रस्टों पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। आलोचकों का कहना है कि बड़े मंदिर ट्रस्टों में स्वतंत्र ऑडिट और डिजिटल रिकॉर्डिंग ज़रूरी है।

आगे क्या होगा

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के औपचारिक रूप से पदभार संभालने के साथ ही मंदिर की मौजूदा प्रणालियों और कामकाज की समीक्षा शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, यह नियुक्ति भारत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक में संस्थागत जवाबदेही को और मज़बूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। आने वाले हफ्तों में नई प्रशासनिक नीतियों की घोषणा संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संस्थागत अनुशासन भी चाहिए। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह नियुक्ति चढ़ावे की चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जाँच और डिजिटल ऑडिट की माँग को संबोधित करेगी, या केवल एक प्रबंधकीय फेरबदल बनकर रह जाएगी। देश के सर्वाधिक चर्चित धार्मिक स्थल की विश्वसनीयता दाँव पर है — और मिश्रा के पास समय कम, अपेक्षाएँ अधिक हैं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर के नए CEO कौन हैं और उन्होंने कब चार्ज संभाला?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) राम मंदिर के नए CEO हैं, जिन्होंने 21 सितंबर 2026 से अयोध्या में पूर्ण प्रभार संभाल लिया। वे भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
राम मंदिर में नए CEO की नियुक्ति क्यों हुई?
नियुक्ति मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद हुई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक देखरेख मज़बूत करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की मुख्य जिम्मेदारियाँ क्या होंगी?
उनकी प्राथमिकताओं में चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और मंदिर परिसर के दैनिक प्रशासन का बेहतर समन्वय शामिल है। वे अयोध्या में ही रहकर कामकाज की सीधी निगरानी करेंगे।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का विवाद क्या है?
कथित तौर पर राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोप लगे, जिससे ट्रस्ट पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा। इन आरोपों की पृष्ठभूमि में ही यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था से भक्तों को क्या बदलाव नज़र आएगा?
भक्त मंदिर प्रशासन में बेहतर व्यवस्था और समन्वय महसूस कर सकते हैं, हालाँकि नई नीतियों और विशिष्ट बदलावों की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। आने वाले हफ्तों में और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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