3 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा: NDA नेताओं ने बताया पारदर्शिता की दिशा में सही कदम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा: NDA नेताओं ने बताया पारदर्शिता की दिशा में सही कदम

सारांश

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद घिरे राम मंदिर ट्रस्ट ने ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को CEO नियुक्त किया है। NDA नेताओं ने इसे पारदर्शिता और अनुशासन की दिशा में सही कदम बताया है।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को नया CEO नियुक्त किया।
यह नियुक्ति राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच हुई।
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव , JDU विधायक श्याम रजक और BJP प्रवक्ता आर.
सिंह ने नियुक्ति का स्वागत किया।
एयर मार्शल मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नेताओं ने उम्मीद जताई कि मिश्रा ट्रस्ट में पारदर्शिता और अनुशासन लेकर आएंगे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है, और यह फैसला बिहार से लेकर नई दिल्ली तक सत्तारूढ़ गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं की सराहना पा रहा है। चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच इस नियुक्ति को पारदर्शिता और अनुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर विपक्ष सहित विभिन्न पक्षों ने सवाल उठाए थे। इसी संदर्भ में ट्रस्ट ने एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को प्रबंधन की बागडोर सौंपने का निर्णय लिया। एयर मार्शल मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसे नेताओं ने उनकी नियुक्ति की विश्वसनीयता के प्रमाण के रूप में रेखांकित किया है।

NDA नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से राम मंदिर लगातार विवादों से घिरा है। इस बीच एक ऐसे अनुभवी व्यक्ति को राम मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी देना बेहद सराहनीय कदम है। जितेंद्र मिश्रा सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तो अच्छा है कि अब वो राम मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे।'

जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने कहा, 'जब गड़बड़ियां होती हैं तो लोगों को हटाया जाता है और बेहतरी के लिए नए लोगों को लाया जाता है। जितेंद्र मिश्रा एक ईमानदार अधिकारी रहे हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका निभाई थी। यह एक अच्छा कदम है। इसकी सराहना की जानी चाहिए और हर चीज पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए।'

नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने एयर मार्शल को बधाई देते हुए कहा, 'जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपेक्षा करते हैं कि वे इस नए पदभार को भी वैसे ही संभालेंगे और यहां पर पारदर्शिता भी लेकर आएंगे।'

ट्रस्ट की छवि और विवाद

चढ़ावा चोरी के मामले ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख को चुनौती दी थी। विपक्षी दलों ने इस घटना को आधार बनाकर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में जवाबदेही की माँग की थी। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक के रूप में स्थापित हो चुका है और इसकी प्रबंधन व्यवस्था पर व्यापक जनदृष्टि बनी रहती है।

आगे क्या

सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता की पृष्ठभूमि वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे ट्रस्ट में आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करेंगे और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक संरचना को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा संरचनात्मक सुधारों में होगी — न कि केवल व्यक्तित्व परिवर्तन में। चढ़ावा चोरी जैसी घटनाएँ अकेले नेतृत्व की कमज़ोरी से नहीं, बल्कि निगरानी तंत्र की खामियों से उत्पन्न होती हैं। यदि ट्रस्ट ने आंतरिक ऑडिट और वित्तीय जवाबदेही का कोई ठोस ढाँचा नहीं बनाया, तो अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति भी दीर्घकालिक समाधान नहीं बन सकती। मुख्यधारा की कवरेज नेताओं के स्वागत पर केंद्रित है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित है कि विपक्ष की जवाबदेही की माँगों पर ट्रस्ट की ठोस प्रतिक्रिया क्या होगी।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO क्यों बनाया गया?
चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, जिसके बाद ट्रस्ट ने पारदर्शिता और अनुशासन लाने के उद्देश्य से एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को CEO नियुक्त किया। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि और ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका को उनकी विश्वसनीयता के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला क्या था?
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। विपक्षी दलों ने इस घटना को आधार बनाकर ट्रस्ट में जवाबदेही की माँग की थी।
NDA नेताओं ने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर क्या कहा?
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने इसे 'बेहद सराहनीय कदम' बताया, JDU विधायक श्याम रजक ने कहा कि यह एक अच्छा कदम है और हर चीज पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए, जबकि BJP प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने उम्मीद जताई कि मिश्रा ट्रस्ट में पारदर्शिता लाएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर में जितेंद्र मिश्रा की क्या भूमिका थी?
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। NDA नेताओं ने इस अनुभव को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए उनकी योग्यता के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया है।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO से क्या अपेक्षाएँ हैं?
नेताओं और विश्लेषकों की अपेक्षा है कि एयर मार्शल मिश्रा ट्रस्ट में आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करेंगे और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 14 घंटे पहले
  4. 14 घंटे पहले
  5. 14 घंटे पहले
  6. 14 घंटे पहले
  7. 14 घंटे पहले
  8. 19 घंटे पहले