राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा: NDA नेताओं ने बताया पारदर्शिता की दिशा में सही कदम
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है, और यह फैसला बिहार से लेकर नई दिल्ली तक सत्तारूढ़ गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं की सराहना पा रहा है। चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच इस नियुक्ति को पारदर्शिता और अनुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर विपक्ष सहित विभिन्न पक्षों ने सवाल उठाए थे। इसी संदर्भ में ट्रस्ट ने एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को प्रबंधन की बागडोर सौंपने का निर्णय लिया। एयर मार्शल मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसे नेताओं ने उनकी नियुक्ति की विश्वसनीयता के प्रमाण के रूप में रेखांकित किया है।
NDA नेताओं की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से राम मंदिर लगातार विवादों से घिरा है। इस बीच एक ऐसे अनुभवी व्यक्ति को राम मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी देना बेहद सराहनीय कदम है। जितेंद्र मिश्रा सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तो अच्छा है कि अब वो राम मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे।'
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने कहा, 'जब गड़बड़ियां होती हैं तो लोगों को हटाया जाता है और बेहतरी के लिए नए लोगों को लाया जाता है। जितेंद्र मिश्रा एक ईमानदार अधिकारी रहे हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका निभाई थी। यह एक अच्छा कदम है। इसकी सराहना की जानी चाहिए और हर चीज पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए।'
नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने एयर मार्शल को बधाई देते हुए कहा, 'जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपेक्षा करते हैं कि वे इस नए पदभार को भी वैसे ही संभालेंगे और यहां पर पारदर्शिता भी लेकर आएंगे।'
ट्रस्ट की छवि और विवाद
चढ़ावा चोरी के मामले ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख को चुनौती दी थी। विपक्षी दलों ने इस घटना को आधार बनाकर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में जवाबदेही की माँग की थी। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक के रूप में स्थापित हो चुका है और इसकी प्रबंधन व्यवस्था पर व्यापक जनदृष्टि बनी रहती है।
आगे क्या
सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता की पृष्ठभूमि वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे ट्रस्ट में आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करेंगे और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक संरचना को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।