राम मंदिर दानपात्र गबन: महंत कमल नयन दास ने की निष्पक्ष जांच की मांग, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आग्रह
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मनोनीत अध्यक्ष और महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र में हुए कथित गबन को लेकर गुरुवार, 11 जून को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच हो तथा जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्य आरोप और सवाल
महंत कमल नयन दास ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कुछ लोगों की जीवनशैली में आई अचानक बदलाव ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके शब्दों में, 'जो लोग पहले साइकिल से चला करते थे, वे लोग आज महंगी-महंगी गाड़ियों से चल रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में जांच होना स्वाभाविक और आवश्यक है, ताकि पूरी तस्वीर सामने आ सके।
मुख्यमंत्री पर जताया भरोसा
महंत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री ढिलाई नहीं बरतेंगे और अपने सख्त रुख का परिचय देंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जो भी इस गबन में शामिल होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
खुद की पारदर्शिता का दिया हवाला
महंत कमल नयन दास ने अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण के दौरान उनके पास भारी मात्रा में दान आए और कई चेक भी प्राप्त हुए, लेकिन उन्होंने उन्हें अपने पास नहीं रखा। उनका कहना था कि उनकी एकमात्र प्राथमिकता राम मंदिर का निर्माण पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करना था।
राष्ट्र प्रेम को बताया सर्वोच्च प्रेरणा
राम मंदिर आंदोलन में अपनी भागीदारी के बारे में महंत ने कहा कि उनके लिए हमेशा से राष्ट्र प्रेम सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा, 'हमने यह सब कुछ राष्ट्र प्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर किया था। इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।' उन्होंने आगे भी राष्ट्रहित की गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लेने की बात कही।
आगे क्या होगा
महंत कमल नयन दास ने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए और हर तथ्य सामने आना चाहिए। यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विश्वसनीयता और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ा है, इसलिए इसकी पारदर्शी जांच की माँग व्यापक धार्मिक और सामाजिक महत्व रखती है।