क्या झारखंड में रामगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया?
सारांश
Key Takeaways
- अंतरराज्यीय अपराध गिरोह का भंडाफोड़
- साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी
- गिरफ्तार आरोपी की पहचान
- पुलिस की तकनीकी निगरानी की सफलता
- व्यापारियों के अपहरण की घटनाएं
रामगढ़, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के रामगढ़ जिले में गोला थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला केवल साइबर ठगी नहीं है, बल्कि एक संगठित और खतरनाक अपराध गिरोह का पर्दाफाश करता है। यहां ऑनलाइन ठगी, अपहरण और हत्या तक का मामला सामने आया है।
शनिवार को रामगढ़ साइबर थाना और गोला थाना की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य और वांछित आरोपी को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सन्टू कुमार उर्फ सिन्टु उर्फ कुन्दन के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले का निवासी है। यह वही अपराधी है, जो पटना में महाराष्ट्र के व्यापारी लक्ष्मण साधु शिंदे की हत्या के मामले में वांछित था।
आरोपी रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र के हेरमदगा गांव में किराए पर रहकर साइबर ठगी का रैकेट चला रहा था।
पुलिस ने उसके पास से फर्जी सिम के साथ छह मोबाइल फोन (तीन आईफोन), 4.43 लाख रुपये नकद और बिहार नंबर की काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह बैंक कस्टमर केयर बनकर लोगों को फर्जी एपीके फाइल भेजता था, जिससे मोबाइल का पूरा नियंत्रण उसके गिरोह के हाथ में आ जाता था और ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए रकम साफ कर दी जाती थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह व्यापारियों को फर्जी मीटिंग के बहाने पटना बुलाकर उनका अपहरण करता था और फिरौती वसूलता था। पुणे के व्यापारी शिंदे की एटीएम पिन नहीं बताने पर बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई थी।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि तकनीकी निगरानी और प्रतिबिंब ऐप के जरिए इस कुख्यात अपराधी को पकड़ने में सफलता मिली है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए एक शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही से चोरी के कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।