रांची: बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहे 4 कोचिंग संस्थान सील, नगर निगम ने हरिओम टावर में की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
रांची नगर निगम ने बुधवार, 2 सितंबर को लालपुर थाना क्षेत्र स्थित हरिओम टावर में संचालित चार कोचिंग संस्थानों को बिना ट्रेड लाइसेंस के व्यावसायिक गतिविधि चलाने के आरोप में सील कर दिया। सील किए गए संस्थानों में पतंजलि आईएएस एकेडमी, मोशन और पाठशाला समेत कुल चार संस्थान शामिल हैं। यह कार्रवाई रांची में अनधिकृत कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध चल रहे निगम के व्यापक अभियान की कड़ी है।
कार्रवाई का कारण और कानूनी आधार
नगर निगम के अनुसार, इन संस्थानों को पहले ही ट्रेड लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन करने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका था। नोटिस के बावजूद संचालन जारी रहने पर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने मौके पर पहुँचकर दस्तावेजों और लाइसेंस की स्थिति की जाँच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।
निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुज्ञप्ति के व्यावसायिक गतिविधि चलाना झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 तथा झारखंड नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017 की कंडिका 19 एवं 20 का उल्लंघन है।
सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
नगर निगम के सर्वे में रांची में कुल 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 831 कोचिंग संस्थान हैं। इनमें से केवल 68 संस्थानों के पास वैध ट्रेड लाइसेंस होने की जानकारी सामने आई — यानी 90% से अधिक संस्थान बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की नियामक निगरानी को लेकर बहस तेज हो रही है।
पहले चरण में किन्हें मिला था नोटिस
निगम ने पहले चरण में 20 बड़े कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस पाने वाले संस्थानों में अमान्स मोशन एकेडमी, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, सीएलएटी प्रेप, करियर फाउंडेशन, एमएस लर्निंग रिसोर्सेज, डिजाइन क्वेस्ट, एमबीए अचीवर्स, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल सीएलएटी एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेस लाइब्रेरी, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी और हिनू स्थित डी-क्यूब क्लासेज शामिल थे। इन सभी को तय समयसीमा में ट्रेड लाइसेंस लेने का निर्देश दिया गया था।
आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि निगम ने पहले भी शहर के कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध अभियान छेड़ा था, लेकिन इस बार सीलिंग की ठोस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। जिन संस्थानों को नोटिस मिला है और जो अभी तक लाइसेंस नहीं ले पाए हैं, उन पर भी आगामी दिनों में इसी प्रकार की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।