राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: असम के डॉ. भूपेन हजारिका सेतु पर सादिया प्रशासन ने ली राष्ट्र एकता की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
असम के सादिया में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर डॉ. भूपेन हजारिका सेतु पर एक विशेष शपथ समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सह-जिला आयुक्त सिंधु एन. राघवन (IAS) ने प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई। यह कार्यक्रम देशभर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी समारोहों का हिस्सा था।
सादिया में शपथ समारोह
सादिया सह-जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक डॉ. भूपेन हजारिका सेतु को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए स्थल के रूप में चुना। शपथ के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा राष्ट्रीय सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरदार पटेल के उन आदर्शों को स्मरण किया जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों के एकीकरण से आधुनिक भारत की आधारशिला रखी।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर PM मोदी की पुष्पांजलि
गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुँचकर सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ₹426.71 करोड़ की लागत वाली 31 पर्यटन एवं बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
एकता नगर में नई परियोजनाएँ
इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में पर्यटन अनुभव और आधारभूत संरचना को मज़बूत करना है। इनमें IRCTC होटल, एकता क्रूज़, रेन फॉरेस्ट परियोजना, इको ट्रेल, जल एवं सीवेज उपचार संयंत्र, सड़क उन्नयन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य पर्यटन सुविधाएँ शामिल हैं। आलोचकों का कहना है कि इस क्षेत्र में अतिरिक्त निवेश से स्थानीय रोज़गार और पर्यटन राजस्व में वृद्धि संभव है।
राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को हर वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद 500 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय करा कर राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधा था। यह दिन भारत की विविधता में एकता की भावना को पुनः स्मरण कराने का अवसर है।
देशभर में आयोजन
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर असम और गुजरात के अतिरिक्त देश के कोने-कोने में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता निरंतर महसूस की जाती है। आगामी वर्षों में एकता नगर के विस्तार के साथ यह स्थल और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की ओर अग्रसर है।