'दिल चाहता है' के 25 साल: सिनेमैटोग्राफर रवि के. चंद्रन बोले — 'कल्ट क्लासिक बनेगी, यह सोचा नहीं था'
सारांश
मुख्य बातें
सिनेमैटोग्राफर रवि के. चंद्रन ने 10 अगस्त 2026 को फिल्म 'दिल चाहता है' की 25वीं वर्षगाँठ पर इंस्टाग्राम के ज़रिए अपनी यादें साझा कीं — और स्वीकार किया कि उन्हें तब ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि यह फिल्म हिंदी सिनेमा की भाषा और लुक को हमेशा के लिए बदल देगी। फरहान अख्तर द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म 2001 में रिलीज़ हुई थी और आज भी दर्शकों के दिलों में ज़िंदा है।
चंद्रन की यादें: 'सब कुछ नया था'
रवि के. चंद्रन ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा, "कुछ फिल्में आपके करियर में माइलस्टोन बन जाती हैं। कुछ आपकी ज़िंदगी में। 'दिल चाहता है' मेरे लिए दोनों थी।" उन्होंने बताया कि इस फिल्म में सिंक साउंड, गैफर और ग्रिप सिस्टम के साथ उनका पहला अनुभव था — और फिल्म निर्माण के कई नए तरीकों से उनका पहली बार सामना हुआ।
उन्होंने आगे लिखा, "यह एक ऐसी फिल्म थी जिसमें हम सब मिलकर कुछ खोज रहे थे। हमें क्या पता था कि यह सफर आखिरकार एक कल्ट क्लासिक बन जाएगा और हिंदी सिनेमा की भाषा और लुक को फिर से परिभाषित करेगा।"
फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट का आभार
चंद्रन ने अपनी पोस्ट में फरहान अख्तर का विशेष आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपनी पहली फिल्म के लिए उन्हें डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DOP) के रूप में चुना। साथ ही उन्होंने रितेश सिधवानी और एक्सेल एंटरटेनमेंट का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने उन्हें इस ऐतिहासिक फिल्म का हिस्सा बनने का अवसर दिया।
"25 साल बाद भी, 'दिल चाहता है' आज भी मेरे दिल में एक बहुत खास जगह रखती है। मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मैं वहाँ था जब हिंदी सिनेमा का एक नया चैप्टर लिखा जा रहा था" — यह शब्द चंद्रन ने अपनी पोस्ट में लिखे।
फिल्म की विरासत और सांस्कृतिक प्रभाव
2001 में रिलीज़ 'दिल चाहता है' तीन절친한 दोस्तों — आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना — की आधुनिक दोस्ती, प्रेम और गोवा की यात्रा की कहानी पर आधारित थी। इसमें प्रीति जिंटा समेत अन्य कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी ने इसका संगीत तैयार किया था और जावेद अख्तर ने गीत लिखे थे।
गौरतलब है कि यह फरहान अख्तर की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी, जिसकी प्रेरणा कथित तौर पर उनके लॉस एंजिल्स के सफर से मिली थी। फिल्म में आमिर खान की 'मक्खी दाढ़ी' और अन्य किरदारों के हेयरस्टाइल ने उस दौर के युवाओं में नया फैशन ट्रेंड स्थापित किया था।
परिवार की प्रतिक्रिया
निर्देशक-लेखक फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए फिल्म के 25 साल पूरे होने की खुशी ज़ाहिर की। यह फिल्म आज भी युवा पीढ़ी के बीच उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती है जितनी रिलीज़ के समय थी — और सिनेमाई भाषा में इसका योगदान अतुलनीय रहा है।