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रेजीनगर उपचुनाव: ममता के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी का यू-टर्न, नामांकन वापसी का फैसला बदला

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रेजीनगर उपचुनाव: ममता के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी का यू-टर्न, नामांकन वापसी का फैसला बदला

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव में TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने कुछ ही घंटों में नामांकन वापसी का फैसला पलट दिया — ममता बनर्जी के निर्देश पर। लेकिन पार्टी के अपने सांसद अबू ताहिर खान की आलोचना और नंदीग्राम में एक दिन पहले हुए नाटक के बाद TMC की आंतरिक दरारें साफ दिखने लगी हैं।

मुख्य बातें

रबीउल आलम चौधरी ने पहले रेजीनगर उपचुनाव से नाम वापस लेने की घोषणा की, फिर कुछ घंटों में फैसला पलट लिया।
चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी के निर्देश के बाद वह चुनाव लड़ेंगे; 'हम ममता बनर्जी के सिपाही हैं।' TMC सांसद अबू ताहिर खान ने पार्टी के उम्मीदवार उतारने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि 'ममता को फिर गुमराह किया गया।' नंदीग्राम में TMC उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने एक दिन पहले नामांकन वापस लिया था, जिसके बाद ममता ने वहाँ कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया।
रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर 2026 को और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
सीट AJYCP नेता हुमायूं कबीर द्वारा नाओडा सीट चुनने के बाद रिक्त हुई थी।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) खेमे में नाटकीय राजनीतिक उठापटक देखने को मिली। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले नामांकन वापस लेने की घोषणा की और फिर कुछ ही घंटों में उस फैसले को पलट दिया। चौधरी का कहना है कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश के बाद वह चुनावी मैदान में बने रहेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

रबीउल आलम चौधरी ने शुरुआत में मीडिया को बताया था कि वह अपना नामांकन वापस लेने का इरादा रखते हैं। उन्होंने इसके पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं की अनिच्छा और प्रशासनिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही यह भी दावा किया गया था कि यह फैसला ममता बनर्जी से बातचीत के बाद लिया गया था।

हालांकि कुछ ही घंटों बाद स्थिति पूरी तरह पलट गई। चौधरी ने मीडिया से कहा, 'इस यू-टर्न की सिर्फ एक ही वजह है — हमारी नेता ममता बनर्जी ने हमें चुनाव लड़ने का निर्देश दिया है। हम ममता बनर्जी के सिपाही हैं, इसलिए हम चुनाव लड़ेंगे।'

TMC के भीतर विरोध के सुर

मुर्शिदाबाद से तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य अबू ताहिर खान ने रेजीनगर में उम्मीदवार उतारने के फैसले की खुलकर आलोचना की। खान ने ममता बनर्जी का संदर्भ देते हुए कहा, 'उन्हें हमेशा कुछ लोगों ने गुमराह किया है। इस बार भी उन्हें गुमराह किया गया।' यह बयान दर्शाता है कि पार्टी के भीतर ही इस उम्मीदवारी को लेकर एकराय नहीं है।

नंदीग्राम से जुड़ा बड़ा राजनीतिक संदर्भ

यह घटनाक्रम नंदीग्राम उपचुनाव में TMC गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान द्वारा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपना नामांकन वापस लेने के ठीक एक दिन बाद सामने आया। उस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा कर दी। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों उपचुनाव क्षेत्रों में पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठ रहे हैं।

रेजीनगर सीट क्यों है खाली

दरअसल AJYCP (ऑल जेपीयू) नेता हुमायूं कबीर ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में रेजीनगर और नाओडा — दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। विधायक हुमायूं कबीर ने नाओडा सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जिसके चलते रेजीनगर सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव की नौबत आई।

मतदान और मतगणना की तारीख

रेजीनगर और पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र — दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि वोटों की गिनती 9 अक्टूबर 2026 को होगी। रेजीनगर में TMC के आंतरिक कलह का असर मतदाताओं पर किस हद तक पड़ेगा, यह उपचुनाव परिणाम ही बताएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह अनुशासन की नहीं, बल्कि नियंत्रण की समस्या है। नंदीग्राम और रेजीनगर — दोनों में एक ही पैटर्न दिख रहा है: गुट, दबाव, नाटकीय पलटबाजी। यह उपचुनाव इसलिए भी अहम हैं क्योंकि ये TMC की संगठनात्मक मजबूती का असली टेस्ट हैं, न कि सिर्फ दो सीटों का मामला।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में TMC उम्मीदवार का यू-टर्न क्या है?
TMC गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले नामांकन वापस लेने की घोषणा की, लेकिन कुछ घंटों बाद ममता बनर्जी के निर्देश का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने शुरुआत में पार्टी कार्यकर्ताओं की अनिच्छा और प्रशासनिक दबाव को नामांकन वापसी की वजह बताया था।
रेजीनगर सीट पर उपचुनाव क्यों हो रहा है?
AJYCP नेता हुमायूं कबीर ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में रेजीनगर और नाओडा — दोनों सीटें जीती थीं। उन्होंने नाओडा सीट रखने का फैसला किया, जिसके चलते रेजीनगर सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव जरूरी हो गया।
रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव में मतदान कब होगा?
दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
TMC सांसद अबू ताहिर खान ने क्या आपत्ति जताई?
मुर्शिदाबाद से TMC के लोकसभा सदस्य अबू ताहिर खान ने रेजीनगर में उम्मीदवार उतारने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को 'हमेशा कुछ लोगों ने गुमराह किया है और इस बार भी ऐसा ही हुआ।'
नंदीग्राम उपचुनाव में क्या हुआ और उसका रेजीनगर से क्या संबंध है?
नंदीग्राम में TMC गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने वहाँ कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की। रेजीनगर में उम्मीदवार का यू-टर्न इसी घटना के एक दिन बाद आया, जिससे दोनों सीटों पर TMC के आंतरिक कलह की तस्वीर उभरती है।
राष्ट्र प्रेस
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