किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार: 'समाज में गलत संदेश फैला रहे हैं नेता प्रतिपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 सितंबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए बयानों की तीखी आलोचना की। रिजिजू ने पत्रकारों से कहा, 'राहुल गांधी की बातों को समाज में बेवजह फैलाना सही नहीं है क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है।' यह प्रतिक्रिया 24 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा था
24 सितंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
राहुल गांधी ने कहा था, 'मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूँ कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।'
एंटी-इनकम्बेंसी पर राहुल गांधी का तर्क
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देख रहे हैं। उनके अनुसार, देश में सत्ता विरोधी लहर कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ यह प्रवृत्ति नहीं दिखती।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा था कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया। यह स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है, किंतु BJP के मामले में ऐसा नहीं दिखता — जो उनके अनुसार धांधली का संकेत है।
चुनाव आयोग और मुख्य आयुक्त पर आरोप
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। उनके मुताबिक, अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा।
BJP की तीखी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि 'पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है।' उन्होंने यह भी कहा था कि जिन सांसदों का चुनाव कथित 'वोट चोरी' के जरिए हुआ है, उनके द्वारा बनाए गए कानून भी अवैध हैं। BJP ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बताया था।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू की प्रतिक्रिया इस विवाद को एक नया आयाम देती है — यह टकराव आगामी चुनावी मौसम में चुनाव आयोग की स्वायत्तता बनाम राजनीतिक जवाबदेही की बहस को और तेज कर सकता है।