11 जुलाई 2026
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सबरीमाला तंत्री कंदरारु राजीवरु का पद संभालने से इनकार, बेटे की नियुक्ति का अनुरोध

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सबरीमाला तंत्री कंदरारु राजीवरु का पद संभालने से इनकार, बेटे की नियुक्ति का अनुरोध

सारांश

नवंबर में शुरू होने वाली सबरीमाला तीर्थयात्रा से पहले बड़ा संकट — नामित तंत्री कंदरारु राजीवरु ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर पद संभालने से इनकार कर दिया और बेटे की नियुक्ति का अनुरोध किया। SIT-ED जांच और उच्च न्यायालय की कार्यवाही के बीच TDB का फैसला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।

मुख्य बातें

कंदरारु राजीवरु ने 11 जुलाई को त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) को पत्र लिखकर खराब स्वास्थ्य के कारण इस वर्ष तंत्री पद संभालने से इनकार किया।
उन्होंने अपने स्थान पर अपने बेटे को तंत्री नियुक्त करने का अनुरोध किया।
सबरीमाला में तंत्री पद थझामोन मडोम परिवार का वंशानुगत अधिकार है।
राजीवरु पर मंदिर के स्वर्ण आभूषणों के कथित गबन मामले में SIT और ED जांच चल रही है; उन्हें जमानत मिल चुकी है।
TDB फिलहाल SIT की अंतिम चार्जशीट और उच्च न्यायालय की कार्यवाही का इंतजार कर रहा है।
मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा नवंबर 2025 से शुरू होनी है, जिससे नियुक्ति का फैसला समय-संवेदनशील है।

सबरीमाला मंदिर के नामित वंशानुगत मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदरारु राजीवरु ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस वर्ष तंत्री पद का दायित्व ग्रहण करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। 11 जुलाई को त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) को लिखे पत्र में उन्होंने अपने स्थान पर अपने बेटे को नियुक्त करने पर विचार करने की अपील भी की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा शुरू होने में केवल कुछ ही महीने शेष हैं।

मुख्य घटनाक्रम

राजीवरु ने शनिवार को TDB को पत्र भेजकर अनुरोध किया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस वर्ष उन्हें तंत्री पद पर नियुक्त न किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बेटे इस दायित्व को निभाने में सक्षम हैं और उन्हें इस पद पर नियुक्त किया जाए। TDB अब इस अनुरोध की समीक्षा करेगा और उसके बाद नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

वंशानुगत परंपरा और थझामोन मडोम परिवार

सबरीमाला मंदिर में तंत्री का पद पूर्णतः वंशानुगत है और यह अधिकार विशेष रूप से थझामोन मडोम परिवार के पास है। कई पीढ़ियों से यही परिवार मंदिर के तांत्रिक अनुष्ठानों का संचालन करता आ रहा है। परंपरा के अनुसार यह जिम्मेदारी परिवार के पात्र सदस्यों के बीच क्रमवार सौंपी जाती है। इस बार राजीवरु इस पद के लिए अगली पंक्ति में थे।

जांच का पृष्ठभूमि

राजीवरु का नाम पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। सबरीमाला मंदिर के स्वर्ण आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के कथित गायब होने तथा गबन के मामले में विशेष जांच दल (SIT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनसे जांच की थी। जांच के दौरान SIT ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, जबकि ED ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े प्रावधानों के तहत उनसे पूछताछ की थी। बाद में उन्हें इन मामलों में जमानत मिल गई और फिलहाल जांच अंतिम चरण में बताई जा रही है।

TDB का रुख और कानूनी स्थिति

सूत्रों के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड इस मामले में तत्काल कोई निर्णय लेने के पक्ष में नहीं है। बोर्ड SIT की अंतिम चार्जशीट और उच्च न्यायालय में चल रही कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि यह कानूनी अनिश्चितता तंत्री नियुक्ति की प्रक्रिया को और जटिल बना रही है।

तीर्थयात्रा पर असर और आगे की राह

मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा इस वर्ष नवंबर से शुरू होनी है और लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। मंदिर की प्रमुख धार्मिक रस्मों और अनुष्ठानों के संचालन में तंत्री की केंद्रीय भूमिका होती है, इसलिए समय पर नियुक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। TDB के अंतिम फैसले पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ED पूछताछ और उच्च न्यायालय की लंबित कार्यवाही की छाया साफ दिखती है। TDB का 'इंतजार करो' वाला रुख समझ में आता है, लेकिन यह रणनीतिक चुप्पी नवंबर तक टिक पाएगी या नहीं, यह देखना होगा। वंशानुगत परंपरा की आड़ में पारिवारिक उत्तराधिकार की यह मांग उस समय आई है जब परिवार के मुखिया पर ही गंभीर आरोप लंबित हैं — TDB को यह तय करना होगा कि धार्मिक परंपरा और संस्थागत जवाबदेही के बीच संतुलन कहाँ बनता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला तंत्री कंदरारु राजीवरु ने पद संभालने से क्यों इनकार किया?
कंदरारु राजीवरु ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस वर्ष तंत्री पद का दायित्व ग्रहण करने से इनकार किया है। उन्होंने 11 जुलाई को त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया।
सबरीमाला में तंत्री पद की परंपरा क्या है?
सबरीमाला मंदिर में तंत्री का पद वंशानुगत है और यह अधिकार विशेष रूप से थझामोन मडोम परिवार के पास है। परंपरा के अनुसार यह जिम्मेदारी परिवार के पात्र सदस्यों के बीच क्रमवार सौंपी जाती है।
कंदरारु राजीवरु पर क्या जांच चल रही है?
राजीवरु पर सबरीमाला मंदिर के स्वर्ण आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं के कथित गायब होने व गबन के मामले में SIT और ED ने जांच की थी। SIT ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था और ED ने मनी लॉन्ड्रिंग प्रावधानों के तहत पूछताछ की थी; फिलहाल उन्हें जमानत मिल चुकी है और जांच अंतिम चरण में है।
त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अब क्या करेगा?
TDB राजीवरु के अनुरोध की समीक्षा करेगा, लेकिन सूत्रों के अनुसार बोर्ड तत्काल कोई फैसला लेने के पक्ष में नहीं है। बोर्ड SIT की अंतिम चार्जशीट और उच्च न्यायालय में चल रही कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहा है।
इस विवाद का सबरीमाला तीर्थयात्रा पर क्या असर पड़ सकता है?
मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा नवंबर 2025 से शुरू होनी है और तंत्री की अनुपस्थिति में मंदिर के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन पर असर पड़ सकता है। समय पर नियुक्ति न होने से तीर्थयात्रा की तैयारियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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