6 अगस्त 2026
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लाउडस्पीकर और वंदे मातरम विवाद: समिक भट्टाचार्य बोले — माइक से ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं, TMC ने बंगाल का माहौल बिगाड़ा

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लाउडस्पीकर और वंदे मातरम विवाद: समिक भट्टाचार्य बोले — माइक से ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं, TMC ने बंगाल का माहौल बिगाड़ा

सारांश

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और वंदे मातरम विवाद ने सियासी आग भड़काई। BJP के समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा — माइक से ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं, चाहे मंदिर हो या मस्जिद। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि 5,299 लाउडस्पीकर कोर्ट के आदेश पर हटाए गए।

मुख्य बातें

BJP के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 6 अगस्त को कहा कि मंदिर और मस्जिद दोनों से माइक के ज़रिए ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में अब तक 5,299 लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं।
यह कार्रवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2020 के ध्वनि प्रदूषण आदेश के तहत बताई गई है।
भट्टाचार्य ने TMC और वाम दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य का माहौल बिगाड़ा है।
'वंदे मातरम' को लेकर भट्टाचार्य ने 27 दिसंबर 1937 की ऐतिहासिक घटना का हवाला देते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने 6 अगस्त को पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और 'वंदे मातरम' को लेकर उठे विवाद पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और वाम दलों को कड़े शब्दों में घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर हो या मस्जिद — किसी भी धर्मस्थल से माइक के ज़रिए ध्वनि प्रदूषण फैलाना उचित नहीं है।

भट्टाचार्य का रुख: धर्म और शांति दोनों साथ-साथ

समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'चाहे मंदिर हो या मस्जिद, जो भी पूजा करना, नमाज पढ़ना या अजान देना चाहता है, उसे धर्मस्थलों के अंदर शांति से ऐसा करना चाहिए। जो भी हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहता है, उसे भी हनुमान जी की मूर्ति के सामने बैठकर पाठ करना चाहिए। हर समय माइक का इस्तेमाल करके ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुलिस की कार्रवाई का जवाब देना पश्चिम बंगाल पुलिस या राज्य के गृह मंत्री का काम है, पार्टी का पक्ष केवल यही है।

वंदे मातरम विवाद पर BJP का तीखा हमला

पश्चिम बंगाल उच्च न्यायालय की 'वंदे मातरम' पर टिप्पणी को लेकर भट्टाचार्य ने TMC और कम्युनिस्ट पार्टी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था और इसका 'बंटवारा' भी वहीं हुआ। उनके अनुसार, '27 दिसंबर 1937 को जवाहरलाल नेहरू ने वंदे मातरम का विभाजन किया, जिसने देश के बंटवारे की ज़मीन तैयार की।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस को नहीं हटाया होता, तो वे टू-नेशन थ्योरी का विरोध कर भारत को एकजुट रख सकते थे।

सुवेंदु अधिकारी का दावा: 5,299 लाउडस्पीकर हटाए

हावड़ा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2020 के ध्वनि प्रदूषण संबंधी आदेश से जोड़ा। उन्होंने बताया, 'अब तक हमने कुल 5,299 लाउडस्पीकर हटा दिए हैं। मस्जिद कमेटी ने पुलिस के अनुरोध पर इन्हें हटाया। निर्देश यह था कि इन्हें जबरदस्ती न हटाया जाए, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आपसी सहमति से हटाया जाए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।

TMC और वाम दलों पर आरोप

भट्टाचार्य ने कहा कि TMC और कम्युनिस्टों ने पश्चिम बंगाल में जो माहौल पैदा किया है, उसका प्रमाण इन्हीं विवादास्पद टिप्पणियों और सवालों से मिलता है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण लगातार गहरा होता जा रहा है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।

आगे क्या

लाउडस्पीकर हटाने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है, क्योंकि अधिकारियों के अनुसार यह अदालती आदेश के तहत है। वहीं, 'वंदे मातरम' और धार्मिक प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उसी राजनीतिक फ्रेमिंग का हिस्सा है जो लाउडस्पीकर को मुस्लिम प्रतीक के रूप में उभारती है। 5,299 लाउडस्पीकर हटाने का दावा अदालती आदेश की आड़ में है, पर इसका राजनीतिक संदेश स्पष्ट है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी पक्ष ने राज्य के आम नागरिक की चिंता — ध्वनि प्रदूषण — को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि उसे चुनावी हथियार बना लिया।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर क्यों हटाए जा रहे हैं?
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2020 के ध्वनि प्रदूषण संबंधी आदेश के तहत हो रही है। अब तक 5,299 लाउडस्पीकर आपसी सहमति से हटाए जा चुके हैं।
समिक भट्टाचार्य ने लाउडस्पीकर विवाद पर क्या कहा?
BJP के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि मंदिर और मस्जिद दोनों में श्रद्धालुओं को धर्मस्थलों के भीतर शांति से पूजा-नमाज अदा करनी चाहिए और माइक के ज़रिए ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाना चाहिए।
वंदे मातरम विवाद पर BJP का क्या रुख है?
भट्टाचार्य ने कहा कि वंदे मातरम का जन्म और 'बंटवारा' दोनों पश्चिम बंगाल में हुए। उन्होंने 27 दिसंबर 1937 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा वंदे मातरम के विभाजन को ऐतिहासिक भूल बताते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधा।
TMC और वाम दलों पर BJP ने क्या आरोप लगाए?
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि TMC और कम्युनिस्टों ने पश्चिम बंगाल में ऐसा माहौल पैदा किया है जिसमें राष्ट्रीय प्रतीकों और धार्मिक सद्भाव दोनों को नुकसान पहुँचा है।
क्या लाउडस्पीकर हटाने की प्रक्रिया जबरदस्ती की जा रही है?
सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्देश था कि लाउडस्पीकर जबरदस्ती न हटाए जाएं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मस्जिद कमेटी की सहमति से हटाए जाएं।
राष्ट्र प्रेस
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