कांग्रेस पर अफवाहें फैलाने का गंभीर आरोप, संजय निरुपम ने जताई चिंता
सारांश
Key Takeaways
- संजय निरुपम ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया।
- गैस और तेल की आपूर्ति पर युद्ध का प्रभाव है।
- देशवासियों को पीएम मोदी पर भरोसा रखना चाहिए।
- फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर विवाद चल रहा है।
- अतीक अहमद की हत्या को लेकर भी चर्चा हो रही है।
मुंबई, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के चलते राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस संदर्भ में शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने शनिवार को कांग्रेस पर देश में गैस आपूर्ति को लेकर अफवाहें फैलाने का गंभीर आरोप लगाया।
संजय निरुपम ने कहा, "जब से मध्य एशिया में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हुई है, ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमले हो रहे हैं। ईरान की तरफ से खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों के मद्देनजर निश्चित रूप से गैस और तेल की आपूर्ति पर इसका प्रभाव पड़ेगा। लेकिन कांग्रेस ने जिस तरह से युद्ध के माहौल का डर दिखाते हुए पैनिक पैदा किया, वह अत्यंत खतरनाक और षड्यंत्रकारी है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे देश के सभी नागरिकों को अपने देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत पर भरोसा रखना चाहिए। ऐसे समय में वे दुनिया के सभी देशों के प्रमुखों के सीधे संपर्क में रहते हैं। उनकी ताकत का लाभ यह होगा कि वे ऐसे संकट में कभी भी अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।"
संजय निरुपम ने बताया, "जब यह कहा गया कि एलपीजी की कमी हो जाएगी और लोगों ने पैनिक बुकिंग शुरू कर दी थी, लेकिन सच यह है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू गैस का पूरा उत्पादन और आपूर्ति मौजूद है। जो लोग इसकी आवश्यकता रखते हैं, उन्हें यह मिल रहा है। सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि अब पैनिक बुकिंग नहीं हो रही है। देश के नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार घरेलू गैस की आपूर्ति मिल रही है।"
उन्होंने फिल्म 'धुरंधर 2' की रिलीज पर चर्चा करते हुए कहा, "यह एक उत्कृष्ट फिल्म है। इसकी कहानी, पटकथा और प्रस्तुति सभी अव्वल हैं। हालांकि, पाकिस्तान-परस्त लोग इसे बार-बार प्रोपेगेंडा फिल्म बताने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने वाले लोग नोटबंदी का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन फिल्म में इसका उल्लेख केवल दो या तीन बार हुआ है।"
संजय निरुपम ने कहा, "अतीक अहमद उत्तर प्रदेश का एक बड़ा माफिया था और वह दाऊद इब्राहिम का गुर्गा था। उसे जिस तरह से मारा गया, उस पर भी लोग ऐतराज जता रहे हैं, जबकि यह एक वास्तविक घटना थी। ऐसी वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्मों का निर्माण और प्रदर्शन करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सच और झूठ का पता चल सके।"