इरफान अंसारी के बयान पर भड़के केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, राहुल गांधी से माँगा जवाब — 'यह देशद्रोह है'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 6 नवंबर 2026 को रांची में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री और कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के विवादित बयान को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। सेठ ने माँग की कि अंसारी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और राहुल गांधी को उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त कराने की पहल करनी चाहिए।
संजय सेठ का सीधा हमला
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, 'कांग्रेस सत्ता के लिए इतनी बेताब हो सकती है। उसके एक मंत्री पर तो देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। राहुल गांधी जवाब दें कि कौन से 40 लाख ऐसे युवा बैठे हैं और धमकी दे रहे हैं कि नेपाल और बांग्लादेश बना देंगे।' उन्होंने आगे जोड़ा कि संविधान की शपथ लेकर ऐसे मंत्री बनाए गए हैं जो देश को आग में झोंकने और अराजकता फैलाने की धमकी दे रहे हैं।
सेठ ने कहा, 'राहुल गांधी, लोकतंत्र लोक और लाज से चलता है। आपने लोक और लाज की तिलांजलि दे दी है। यह पूरी तरह देशद्रोह के दायरे में आता है।'
इरफान अंसारी की जाँच की माँग
सेठ ने माँग की कि इरफान अंसारी के पूरे 'कनेक्शन' की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंसारी ने मीडिया के सामने स्वयं स्वीकार किया है, और यह इससे बड़ी स्वीकारोक्ति नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी पूछा कि राहुल गांधी के साथ डिनर पर कौन-कौन लोग शामिल थे।
सेठ ने कहा, 'इरफान अंसारी का बयान पूरा देश देख रहा है। यह व्यक्ति हमेशा देश के खिलाफ बोलता है। इनके कहाँ-कहाँ से कनेक्शन हैं, कहाँ-कहाँ जाते हैं, इसकी पूरी जाँच होनी चाहिए।'
कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर निशाना
सेठ ने 1 नवंबर के रामलीला मैदान कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 राज्यों के हज़ारों कांग्रेस पदाधिकारी उस कार्यक्रम में नहीं गए। उन्होंने कहा, 'आपको जनता ने तो नकार ही दिया, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने भी नकार दिया।' उन्होंने राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे अब उन पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस भेज रहे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब झारखंड में हेमंत सोरेन नीत गठबंधन सरकार में कांग्रेस भी शामिल है। आलोचकों का कहना है कि इरफान अंसारी के बयान ने गठबंधन के भीतर तनाव को और उजागर किया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मसले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की कोशिश की है।
आगे क्या
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राहुल गांधी ने अभी तक सेठ के बयान पर कोई जवाब नहीं दिया है। यह मामला संसदीय सत्र और आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों में और तूल पकड़ सकता है।