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भोजशाला फैसले पर BJP नेता संजय उपाध्याय बोले — हिंदू आस्था और ऐतिहासिक सच्चाई की जीत

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भोजशाला फैसले पर BJP नेता संजय उपाध्याय बोले — हिंदू आस्था और ऐतिहासिक सच्चाई की जीत

सारांश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला फैसले के बाद BJP नेता संजय उपाध्याय ने इसे हिंदू आस्था और ASI साक्ष्यों की जीत बताया। शुक्रवार की भव्य आरती ने आस्था का जनसैलाब उमड़ा दिया। उपाध्याय ने बकरीद पर अवैध पशु कटान और विकसित भारत 2047 पर भी अपना पक्ष रखा।

मुख्य बातें

BJP नेता संजय उपाध्याय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला फैसले को हिंदू आस्था और ऐतिहासिक सत्य की जीत बताया।
ASI के साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने भोजशाला को हिंदुओं की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत माना।
फैसले के बाद शुक्रवार को भोजशाला में भव्य आरती हुई; उपाध्याय ने नियमित हिंदू पूजा-अर्चना की उम्मीद जताई।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के बकरी कुर्बानी संबंधी फैसले और महाराष्ट्र सरकार के अवैध पशु कटान विरोधी निर्देशों की उपाध्याय ने सराहना की।
उपाध्याय ने विकसित भारत 2047 लक्ष्य को 2047 से पहले हासिल करने का दावा किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता संजय उपाध्याय ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला संबंधी फैसले का खुलकर स्वागत किया और इसे हिंदू समुदाय की आस्था तथा ऐतिहासिक सत्य की स्वीकृति करार दिया। 22 मई को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थल मात्र एक इमारत नहीं, बल्कि मां सरस्वती की उपासना का सदियों पुराना केंद्र रहा है।

भोजशाला का ऐतिहासिक महत्व

उपाध्याय के अनुसार, भोजशाला कभी देशभर के विद्वानों का अध्ययन और शिक्षण का प्रमुख केंद्र थी, जहाँ भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान परंपरा से जुड़ी गतिविधियाँ निरंतर होती थीं। उन्होंने इसे एक प्राचीन विश्वविद्यालय की संज्ञा दी, जो मां सरस्वती के मंदिर के रूप में भी पूजनीय रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि समय के साथ इस स्थल को जानबूझकर विवादित बनाने और उस पर कब्जे के प्रयास किए गए। उनका कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों ने न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया कि भोजशाला हिंदुओं की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।

फैसले के बाद आस्था का उमड़ा जनसैलाब

उपाध्याय ने बताया कि फैसले के बाद शुक्रवार की शाम भोजशाला में भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह दृश्य लोगों की अटूट आस्था का प्रमाण है। उनके अनुसार, आने वाले समय में वहाँ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार नियमित पूजा-अर्चना होगी और मां सरस्वती की आराधना पुनः पूर्ण रूप से प्रारंभ होगी।

विकसित भारत 2047 का संदर्भ

इस अवसर पर संजय उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व की अस्थिरता जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद आर्थिक मजबूती के साथ आगे बढ़ता रहा। उन्होंने दावा किया कि आज दुनिया के कई देश भारत में निवेश के लिए उत्सुक हैं और विकसित भारत का लक्ष्य 2047 से पहले भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की विस्तृत बैठक को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

बकरीद और अवैध पशु कटान पर कड़ा रुख

उपाध्याय ने बकरीद के संदर्भ में कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस फैसले की सराहना की, जिसमें कहा गया है कि बकरी की कुर्बानी का धर्म से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी बकरीद के दौरान अवैध पशु कटान और गौवंश की तस्करी रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।

उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने पहले विधान भवन में यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद कुछ मामलों में कार्रवाई भी हुई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन और महानगर पालिका से माँग की कि खुले में या अवैध तरीके से किसी भी पशु का वध न होने दिया जाए। इस पूरे घटनाक्रम पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरे पक्ष की आपत्तियाँ और उनके कानूनी विकल्प अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, जो इस फैसले की अंतिम स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। बकरीद पर उपाध्याय की टिप्पणियाँ एक अलग और संवेदनशील विषय को इसी भाषण में जोड़ती हैं, जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का भोजशाला पर क्या फैसला आया?
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला को हिंदुओं की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा स्थल माना, जिसमें ASI द्वारा प्रस्तुत पुरातात्विक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। फैसले के बाद वहाँ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व क्या है?
भोजशाला को मां सरस्वती की उपासना का प्राचीन केंद्र और एक ऐतिहासिक विद्या-पीठ माना जाता है, जहाँ कभी देशभर के विद्वान अध्ययन और शिक्षण करते थे। BJP नेता संजय उपाध्याय ने इसे प्राचीन भारत के ज्ञान और संस्कृति की धरोहर बताया।
BJP नेता संजय उपाध्याय ने फैसले पर क्या कहा?
उपाध्याय ने फैसले को हिंदू आस्था और ऐतिहासिक सत्य की जीत बताया और कहा कि ASI के साक्ष्यों ने स्थल का धार्मिक महत्व सिद्ध किया। उन्होंने आने वाले समय में वहाँ नियमित हिंदू पूजा-अर्चना की उम्मीद जताई।
बकरीद पर अवैध पशु कटान को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने बकरीद के दौरान अवैध पशु कटान और गौवंश की तस्करी रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। उपाध्याय ने पुलिस और महानगर पालिका से खुले व अवैध पशु वध पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की।
विकसित भारत 2047 पर उपाध्याय का क्या कहना है?
उपाध्याय ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है और विकसित भारत का लक्ष्य 2047 से पहले भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने हाल की केंद्रीय कैबिनेट बैठक को इस दिशा में एक अहम कदम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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