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संस्कृत का ज्ञान हर भारतीय के लिए अनिवार्य: अनुराग ठाकुर

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संस्कृत का ज्ञान हर भारतीय के लिए अनिवार्य: अनुराग ठाकुर

सारांश

संस्कृत भारती के उद्घाटन में अनुराग ठाकुर ने कहा कि हर भारतीय को संस्कृत सीखनी चाहिए। यह न केवल भाषा है, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का संरक्षक भी है। जानिए इस भाषा के अद्वितीय लाभों के बारे में।

मुख्य बातें

संस्कृत का ज्ञान हर भारतीय के लिए आवश्यक है।
संस्कृत ने सभी परंपराओं को अपने में समाहित किया है।
यह क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संस्कृत भारती के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रमुख नेताओं और विद्वानों ने संस्कृत भाषा के महत्व पर विशेष ध्यान दिया।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने उद्घाटन के दौरान कहा, "संस्कृत भारती ने पिछले चार दशकों में देशभर में अद्वितीय कार्य किए हैं। इसकी प्रशंसा कभी कम नहीं हो सकती। मेरा मानना है कि हर भारतीय को संस्कृत सीखनी चाहिए। इस भाषा के माध्यम से न केवल आप संस्कृत जानेंगे, बल्कि अन्य भाषाओं को समझने का भी एक मौका मिलेगा और धार्मिक ग्रंथों को समझना सरल होगा।"

संस्कृत भारती के दक्षिण क्षेत्र के समन्वयक अनंतकल्याण कृष्ण ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के विकास के लिए 'संस्कृतम्' की आवश्यकता है, ताकि इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सके। तमिलनाडु में हमारे पास कई स्वयंसेवक हैं जो संस्कृत पढ़ाते हैं और लोग इसके प्रति उत्सुक हैं। इस राष्ट्रीय केंद्र के माध्यम से हम छात्रों, गृहिणियों और बच्चों को संस्कृत सिखाने के साथ-साथ स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षित करेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि संस्कृत को हर घर तक पहुंचाया जा सके। यदि संस्कृत लुप्त हो गई, तो सभी क्षेत्रीय भाषाएं भी धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगी।

एबीपीएसएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी ने कहा, "संस्कृत एक ऐसी भाषा है जो विश्व की अधिकांश भाषाओं की उत्पत्ति है। इसे पवित्र माना जाता है और यह विचारों को स्पष्टता से व्यक्त करने में सहायक है।"

संस्कृत भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रोफेसर रमेश कुमार पांडे ने कहा, "संस्कृत एक प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा है, जिसने सभी परंपराओं को अपने में समाहित किया है।"

बीएचयू के प्रो. राम नारायण द्विवेदी ने कहा, "संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति को समृद्ध कर सकती है। यह विश्व बंधुत्व का प्रतीक है और इसमें पारंपरिक शास्त्रों का संरक्षण है।"

पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. शिवशंकर मिश्र ने कहा, "हमारी सभी भाषाओं में 40 प्रतिशत संस्कृत का मिश्रण है। संस्कृत को समझना आसान है और यह भारतीय संस्कृति और ज्ञान के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान का अभिन्न हिस्सा है। नेताओं का मानना है कि यदि हम संस्कृत को संरक्षित नहीं करते, तो हमारी क्षेत्रीय भाषाएं भी संकट में पड़ जाएंगी। यह एक सांस्कृतिक चेतना का विषय है जो सभी भारतीयों को एकजुट करता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संस्कृत सीखने के क्या लाभ हैं?
संस्कृत सीखने से न केवल भाषा ज्ञान बढ़ता है, बल्कि यह अन्य भाषाओं को समझने में भी मदद करती है।
संस्कृत का महत्व क्या है?
संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान का संरक्षण करती है और यह विश्व की अधिकांश भाषाओं की मूल है।
संस्कृत कैसे सीखी जा सकती है?
संस्कृत भारती जैसे संस्थाओं के माध्यम से, आप कक्षाओं में भाग लेकर या ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत सीख सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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