सपा-राजद पर भाजपा का हमला: अजय आलोक बोले, महिला सुरक्षा पर इन दलों की असलियत जनता जानती है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अजय आलोक ने 26 अगस्त को नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर इन दलों की सोच और उनके शासनकाल की वास्तविकता से देश की जनता भली-भाँति परिचित है। उनके अनुसार, इन पार्टियों के नेताओं का महिला सुरक्षा पर बोलना विश्वसनीय नहीं है।
अखिलेश के वादे पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा महिलाओं को प्रतिवर्ष ₹40,000 देने के वादे पर आलोक ने सवाल उठाया कि जब सपा सत्ता में थी, तब ऐसी कोई योजना क्यों नहीं लाई गई। उन्होंने इस वादे को 'सिर्फ एक झूठ' करार दिया और कहा कि वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार अपनी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचा रही है। आलोक ने कहा कि जनता सपा के इस तरह के वादों पर भरोसा नहीं करती।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा, राजद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) जैसे दलों का महिला सुरक्षा की बात करना विडंबनापूर्ण है, क्योंकि इनके शासनकाल में महिलाओं की स्थिति सबके सामने रही है।
ओवैसी के हिजाब बयान पर प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब संबंधी बयान पर आलोक ने कहा कि ओवैसी हर मुद्दे को इस्लाम से जोड़ते हैं और यही उनकी राजनीति की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ओवैसी के लिए इस्लाम संविधान से भी ऊपर है। आलोक ने कहा कि अदालत ने हिजाब मामले में अपना फैसला दे दिया है और स्कूल शिक्षा का स्थान है जहाँ संस्था के नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
यूसीसी और घुसपैठ पर BJP का रुख
आलोक ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) पूरे देश में लागू होगी और यह संविधान के दायरे में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देश में रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और इस अभियान में पूरा देश सरकार के साथ खड़ा है।
नेपाल बाढ़ पर संवेदना
नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर चिंता व्यक्त करते हुए आलोक ने कहा कि यह एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है और भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत की है और बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री से भी संपर्क किया है। इस संकट की घड़ी में भारत-नेपाल के बीच सहयोग की भावना स्पष्ट दिखती है।