बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने राजनीतिक मतभेद भुलाकर संकट में जनता के साथ खड़े होने की बात कही
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नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बीजेडी के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में आयोजित सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर और धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन ने बैठक को लेकर सरकार को घेरते हुए सवाल उठाए।
बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "इस सर्वदलीय बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पहला, कूटनीति और पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का दृष्टिकोण और दूसरा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ देश में तेल और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर चर्चा की गई। विपक्षी दलों ने इन दोनों विषयों पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जिनमें पश्चिम एशिया संघर्ष में भारत की भूमिका और घरेलू तेल एवं गैस की उपलब्धता शामिल हैं।"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर सस्मित पात्रा ने कहा, "1981 में जब ईरान और अमेरिका के बीच संबंध बिगड़ गए थे, तब पाकिस्तान ने ईरान के साथ संवाद स्थापित करने के लिए एक छोटा चैनल खोला था। यदि ईरान कुछ कहना चाहता था या अमेरिका किसी अन्य देश के माध्यम से संवाद करना चाहता था, तो यह चैनल उपयोग में लाया जाता था। यह चैनल 1971 में भी था, 1981 में भी और आज भी यही स्थिति है।"
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि सरकार के साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संकट के समय सभी राजनीतिक दलों ने एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। बीजेडी और नवीन पटनायक संकट के समय में राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर जनता के साथ खड़े हैं।"
उन्होंने यह भी बताया कि जाजपुर जिले में ओडिशा में एक रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार को इस मामले में और अधिक सक्रियता दिखाई देनी चाहिए। जब देश संकट का सामना कर रहा हो, तब भारत के भीतर एक रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का होना अत्यंत आवश्यक है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चंद ने कहा, "समाजवादी पार्टी ने सर्वदलीय बैठक में भाग लेकर सरकार से जनता के प्रति जवाबदेही की मांग की है। केवल सर्वदलीय बैठक का आयोजन करना ही समाधान नहीं है, जनता को अपने सवालों के उत्तर मिलने चाहिए। सरकार को लोकसभा में गैस, पेट्रोल, डीजल की कमी और यूरिया की संभावित कमी जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। यह देश के सामने मौजूद मुख्य समस्याएं हैं।" उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी की सरकार अन्य सरकारों पर आरोप लगाते हुए दिख रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आप सत्ता में हैं, तो आपको जवाबदेह होना चाहिए। आपको यह बताना होगा कि आपने जो वादे किए थे, उनका क्या हुआ।"