केरल में ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम पर 24 घंटे निगरानी की अपील, सतीशन ने दिए निर्देश

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केरल में ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम पर 24 घंटे निगरानी की अपील, सतीशन ने दिए निर्देश

सारांश

मतदान के बाद राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। विपक्षी नेता वी.डी. सतीशन ने ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा को लेकर 24 घंटे निगरानी रखने की मांग की है। क्या यह कदम चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने में सहायक होगा?

Key Takeaways

  • ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम की चौबीसों घंटे निगरानी की मांग
  • सतीशन का निर्देश सभी यूडीएफ उम्मीदवारों के लिए
  • मतगणना 4 मई को होगी
  • सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास
  • राजनीतिक दलों की सक्रियता

तिरुवनंतपुरम, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल में मतदान के बाद राजनीतिक जागरूकता में वृद्धि के चलते विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के भंडारण स्थानों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी की आवश्यकता जताई है।

उन्होंने राज्य के विभिन्न ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए लगातार निगरानी पर जोर दिया है।

सतीशन ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सभी 140 उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों, जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों और जिला यूडीएफ चेयरपर्सनों को एक पत्र भेजकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम में अपने प्रतिनिधियों को तैनात करने की अनुमति है। इस व्यवस्था का पूरा लाभ उठाना आवश्यक है और इसके लिए 24 घंटे प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विपक्ष के नेता ने उम्मीदवारों और उनके मुख्य चुनाव एजेंटों को संबंधित जिला कलेक्टर से आवश्यक अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि कंट्रोल रूम में निरंतर उपस्थिति बनी रहे और चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि मतगणना से पहले का यह चरण अत्यंत संवेदनशील होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना आवश्यक है। हालांकि, चुनाव आयोग यह दावा करता रहा है कि ईवीएम को सुरक्षित और मजबूत सुरक्षा उपायों में रखा गया है, फिर भी राजनीतिक दल अतिरिक्त सतर्कता के रूप में अपनी निगरानी व्यवस्था बनाए रखते हैं।

सतीशन का यह कदम यूडीएफ की ओर से मतगणना तक पूरी सतर्कता बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों के लिए मतदान हुआ था और मतगणना 4 मई को होगी, जिसका सभी राजनीतिक दलों को बेसब्री से इंतजार है।

Point of View

जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। राजनीतिक दलों की सक्रियता से यह स्पष्ट होता है कि वे चुनावी प्रक्रिया को गंभीरता से ले रहे हैं।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
क्या सतीशन के निर्देश सभी दलों के लिए हैं?
हां, सतीशन ने सभी यूडीएफ उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
मतगणना की तारीख कब है?
मतगणना 4 मई को होगी।
क्या चुनाव आयोग ईवीएम की सुरक्षा की पुष्टि करता है?
हां, चुनाव आयोग ने यह कहा है कि ईवीएम सुरक्षित और मजबूत सुरक्षा में रखी जाती हैं।
सतर्कता का उद्देश्य क्या है?
सतर्कता का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बनाए रखना है।
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