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वीडी सतीशन की पहली राजनीतिक परीक्षा: कैबिनेट में चेन्निथला को जगह मिलेगी?

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वीडी सतीशन की पहली राजनीतिक परीक्षा: कैबिनेट में चेन्निथला को जगह मिलेगी?

सारांश

शपथ से पहले ही सतीशन की असली परीक्षा शुरू — चार दशकों के अनुभवी रमेश चेन्निथला को साथ लेना या दरकिनार करना, यह फैसला केरल में कांग्रेस की एकजुटता और नई सरकार की स्थिरता दोनों तय करेगा।

मुख्य बातें

वीडी सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं; शपथ से पहले ही कैबिनेट गठन को लेकर राजनीतिक दबाव शुरू।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ( 70 वर्ष ) के कैबिनेट में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
चेन्निथला नए विधायकों की गुरुवार रात की पहली बैठक से अनुपस्थित रहे; शुक्रवार को गुरुवायुर मंदिर में दर्शन किए।
पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में लंबी बैठकों के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई, जबकि कई नेता चेन्निथला के पक्ष में थे।
सूत्रों के अनुसार, सतीशन जल्द ही चेन्निथला से मुलाकात कर उन्हें सरकार में अहम भूमिका देने की पेशकश कर सकते हैं।

केरल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन शपथ ग्रहण से पहले ही अपनी सबसे कठिन राजनीतिक चुनौती का सामना कर रहे हैं — कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को मंत्रिमंडल में उचित स्थान देना और पार्टी की एकजुटता बनाए रखना। तिरुवनंतपुरम से मिली जानकारी के अनुसार, यह चुनौती प्रशासनिक कम और राजनीतिक-भावनात्मक अधिक मानी जा रही है।

चेन्निथला का राजनीतिक कद

करीब चार दशक से केरल की राजनीति के केंद्र में रहे रमेश चेन्निथला इस महीने 70 वर्ष के हो रहे हैं। उन्होंने यूथ कांग्रेस नेता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, गृह मंत्री और पार्टी रणनीतिकार जैसी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो उनके करियर में बड़े राजनीतिक झटके बेहद कम रहे हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर उनकी पकड़ आज भी मज़बूत मानी जाती है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान

मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस में जारी खींचतान ने पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर कर दिए। दिल्ली में लंबी बैठकों और विचार-विमर्श के बाद पार्टी हाईकमान ने सतीशन के नाम पर मुहर लगाई, लेकिन पार्टी के कई नेता चेन्निथला के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में कांग्रेस की एकजुटता नई सरकार की सफलता के लिए अनिवार्य मानी जा रही है।

चेन्निथला की प्रतिक्रिया

बताया जा रहा है कि अंतिम फैसले से चेन्निथला पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। गुरुवार रात नए विधायकों की पहली बैठक में भी वे शामिल नहीं हुए। शुक्रवार सुबह उन्हें गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में दर्शन करते देखा गया। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा, 'कैबिनेट में किसे शामिल करना है, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करता हूं।'

सतीशन की अगली चाल

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सतीशन जल्द ही चेन्निथला से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की पेशकश कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीशन के सामने असली परीक्षा केवल सरकार बनाने की नहीं, बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर पार्टी की एकजुटता बनाए रखने की है। गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन की सफलता काफी हद तक इस आंतरिक संतुलन पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या चेन्निथला का असंतोष विपक्ष में बैठे LDF के लिए अवसर बन जाएगा। केरल में नई सरकार की स्थिरता इस एक राजनीतिक समीकरण पर टिकी है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीडी सतीशन केरल के मुख्यमंत्री कैसे बने?
दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ लंबी बैठकों के बाद कांग्रेस ने वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान थी और कई नेता रमेश चेन्निथला के समर्थन में खड़े थे।
रमेश चेन्निथला कौन हैं और उनका राजनीतिक कद क्या है?
रमेश चेन्निथला करीब चार दशकों से केरल की राजनीति के केंद्र में हैं और इस महीने 70 वर्ष के हो रहे हैं। वे यूथ कांग्रेस नेता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, गृह मंत्री और विपक्ष के नेता जैसी कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
क्या चेन्निथला सतीशन की कैबिनेट में शामिल होंगे?
अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, सतीशन जल्द ही चेन्निथला से मुलाकात कर उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की पेशकश कर सकते हैं। चेन्निथला ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि कैबिनेट में किसे लेना है, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है।
चेन्निथला नए विधायकों की बैठक में क्यों नहीं आए?
बताया जा रहा है कि अंतिम फैसले से चेन्निथला पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। गुरुवार रात की पहली विधायक बैठक से उनकी अनुपस्थिति को राजनीतिक असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सतीशन के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती क्या है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सतीशन की असली परीक्षा केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि चेन्निथला जैसे वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर कांग्रेस की एकजुटता बनाए रखना है। यह एकजुटता केरल में नई सरकार की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए अनिवार्य मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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