सतना में नशा मुक्ति का संकल्प: मधुरिमा फाउंडेशन के मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने ली 'नशामुक्त सतना' की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सतना जिले में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन द्वारा आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिले को नशामुक्त करने की शपथ ली। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशामुक्त बनाने की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान तेज हो गया है।
सम्मेलन का मुख्य घटनाक्रम
मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने न केवल नशामुक्ति की शपथ ली, बल्कि 'सतना डिक्लेरेशन' तैयार करने का भी संकल्प लिया। यह घोषणापत्र सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और जिला प्रशासन तक भेजा जाएगा। इस आयोजन की एक विशेषता यह रही कि इसमें बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने नशे से होने वाली तबाही और नशामुक्त परिवारों की खुशहाली को चित्रित करने वाले पोस्टर लगाए।
विशेषज्ञ की राय
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्वप्ना वर्मा ने बताया कि सतना जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए महिलाएँ एकजुट हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने संकल्प लिया है कि वे 18 वर्ष तक के किशोरों को किसी भी हालत में नशा नहीं करने देंगी। इतना ही नहीं, हर वार्ड और गाँव में एक समूह तैयार किया जाएगा जो नशे के खिलाफ जनजागृति लाने का काम करेगा।
विंध्य क्षेत्र में नशे की समस्या
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का विंध्य क्षेत्र नशे की समस्या से विशेष रूप से प्रभावित है, जहाँ बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। राज्य सरकार लगातार नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थ जब्त हो रहे हैं और उस आपूर्ति श्रृंखला का भी पर्दाफाश हो रहा है जो गाँव-गाँव तक नशीले पदार्थ पहुँचाती है।
जागरूकता अभियान की रूपरेखा
सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं को नशे से होने वाले नुकसान, नशे की पहचान, परिवार के किसी सदस्य के नशे की लत को कैसे पहचानें, नशे के चलते महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और नशे के कारण बढ़ती गरीबी व बीमारियों से अवगत कराने के लिए कई लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया।
आगे क्या होगा
महिलाओं ने तय किया है कि वे अपने-अपने वार्ड और गाँव में नशामुक्ति अभियान जोर-शोर से चलाएंगी। सतना डिक्लेरेशन के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाने की योजना है, ताकि नशे के कारोबार पर ठोस कार्रवाई हो सके। यह जमीनी पहल न केवल सतना बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में नशामुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।