1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सतना में नशा मुक्ति का संकल्प: मधुरिमा फाउंडेशन के मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने ली 'नशामुक्त सतना' की शपथ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सतना में नशा मुक्ति का संकल्प: मधुरिमा फाउंडेशन के मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने ली 'नशामुक्त सतना' की शपथ

सारांश

सतना में राष्ट्रीय एकता दिवस पर महिलाओं ने नशामुक्ति का बिगुल फूँका। मधुरिमा फाउंडेशन के सम्मेलन में 'सतना डिक्लेरेशन' की योजना बनी, हर वार्ड-गाँव में जागरूकता समूह बनाने का संकल्प लिया गया — और बच्चों ने भी पोस्टर के जरिए नशे की तबाही की कहानी बयाँ की।

मुख्य बातें

सतना जिले में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस पर मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन ने मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किया।
महिलाओं ने नशामुक्त सतना की शपथ ली और 'सतना डिक्लेरेशन' तैयार करने का संकल्प लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.
स्वप्ना वर्मा के अनुसार, 18 वर्ष तक के किशोरों को नशे से दूर रखने का प्रण लिया गया।
हर वार्ड और गाँव में नशा-विरोधी जागरूकता समूह बनाए जाएंगे।
विंध्य क्षेत्र में युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या इस अभियान की मुख्य पृष्ठभूमि है।
घोषणापत्र सभी राजनीतिक दलों , समाजसेवियों और जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।

मध्य प्रदेश के सतना जिले में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन द्वारा आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिले को नशामुक्त करने की शपथ ली। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशामुक्त बनाने की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान तेज हो गया है।

सम्मेलन का मुख्य घटनाक्रम

मातृशक्ति सम्मेलन में महिलाओं ने न केवल नशामुक्ति की शपथ ली, बल्कि 'सतना डिक्लेरेशन' तैयार करने का भी संकल्प लिया। यह घोषणापत्र सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और जिला प्रशासन तक भेजा जाएगा। इस आयोजन की एक विशेषता यह रही कि इसमें बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने नशे से होने वाली तबाही और नशामुक्त परिवारों की खुशहाली को चित्रित करने वाले पोस्टर लगाए।

विशेषज्ञ की राय

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्वप्ना वर्मा ने बताया कि सतना जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए महिलाएँ एकजुट हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने संकल्प लिया है कि वे 18 वर्ष तक के किशोरों को किसी भी हालत में नशा नहीं करने देंगी। इतना ही नहीं, हर वार्ड और गाँव में एक समूह तैयार किया जाएगा जो नशे के खिलाफ जनजागृति लाने का काम करेगा।

विंध्य क्षेत्र में नशे की समस्या

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का विंध्य क्षेत्र नशे की समस्या से विशेष रूप से प्रभावित है, जहाँ बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। राज्य सरकार लगातार नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थ जब्त हो रहे हैं और उस आपूर्ति श्रृंखला का भी पर्दाफाश हो रहा है जो गाँव-गाँव तक नशीले पदार्थ पहुँचाती है।

जागरूकता अभियान की रूपरेखा

सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं को नशे से होने वाले नुकसान, नशे की पहचान, परिवार के किसी सदस्य के नशे की लत को कैसे पहचानें, नशे के चलते महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और नशे के कारण बढ़ती गरीबी व बीमारियों से अवगत कराने के लिए कई लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया।

आगे क्या होगा

महिलाओं ने तय किया है कि वे अपने-अपने वार्ड और गाँव में नशामुक्ति अभियान जोर-शोर से चलाएंगी। सतना डिक्लेरेशन के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाने की योजना है, ताकि नशे के कारोबार पर ठोस कार्रवाई हो सके। यह जमीनी पहल न केवल सतना बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में नशामुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पारिवारिक और आर्थिक टूटन की कहानी है, जिसे महिलाएँ सबसे करीब से भोगती हैं। 'सतना डिक्लेरेशन' का असली महत्व इसमें है कि यह प्रशासन पर राजनीतिक दलों की सहमति का दबाव बनाने की कोशिश है — हालाँकि बिना जवाबदेही तंत्र के ऐसे सम्मेलन प्रतीकात्मक रह जाने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतना मातृशक्ति सम्मेलन में क्या हुआ?
31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस पर मधुरिमा सेवा संस्कार फाउंडेशन ने सतना में मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें महिलाओं ने नशामुक्त सतना की शपथ ली और 'सतना डिक्लेरेशन' तैयार करने का संकल्प लिया। सम्मेलन में लघु फिल्म प्रदर्शन और बच्चों द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी भी हुई।
सतना डिक्लेरेशन क्या है?
सतना डिक्लेरेशन एक प्रस्तावित घोषणापत्र है, जो महिलाएँ नशामुक्ति अभियान के तहत तैयार करेंगी और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा जिला प्रशासन तक भेजेंगी। इसका उद्देश्य सतना को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
विंध्य क्षेत्र में नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
मध्य प्रदेश का विंध्य क्षेत्र, जिसमें सतना जिला शामिल है, नशे की समस्या से विशेष रूप से प्रभावित बताया जाता है, जहाँ बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। राज्य सरकार की कार्रवाई में गाँव-गाँव तक फैली आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश भी हो रहा है।
महिलाओं ने नशामुक्ति के लिए क्या ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया?
महिलाओं ने तय किया है कि 18 वर्ष तक के किशोरों को नशे से दूर रखेंगी और हर वार्ड व गाँव में नशा-विरोधी जागरूकता समूह बनाए जाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्वप्ना वर्मा के अनुसार, ये समूह स्थानीय स्तर पर जनजागृति अभियान चलाएंगे।
यह अभियान केंद्र सरकार की पहल से कैसे जुड़ा है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशामुक्त बनाने की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान तेज हुआ है। सतना का यह जमीनी आयोजन उसी व्यापक राष्ट्रीय पहल का एक सामाजिक विस्तार है, जिसमें सरकारी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिक समाज भी सक्रिय हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले