सौरव दास की चेतावनी: 10 अक्टूबर को पुलिस जहाँ रोकेगी, वहीं बन जाएगा जंतर-मंतर
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि 10 अक्टूबर को देश कई सदियों में पहली बार युवाओं की ऐतिहासिक लामबंदी देखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं से वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीना जा रहा है और 2024 से मतदाता सूची में नए नामों को शामिल करने की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
युवाओं की माँग और प्रदर्शन का मकसद
सौरव दास के अनुसार देश के युवा एक साझा मकसद के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में वोट देना हमारा अधिकार है, जिसके ज़रिए हम अपने हालात बदल सकते हैं। अगर वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाएगा, तो लोकतंत्र में क्या बचेगा?' उनका कहना है कि 10 अक्टूबर से पूरी दिल्ली ही जंतर-मंतर बन जाएगी।
चुनावी धांधली के आरोप
सौरव दास ने यह भी आरोप लगाया कि कई राज्यों में हुए चुनावों में धांधली हुई है। उनके अनुसार, 'कई सीटों पर वोट जोड़कर और हटाकर लोगों को हराया गया है।' उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि वे तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।
रोज़गार और खोखले सिस्टम पर प्रहार
सौरव दास ने आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 9 करोड़ युवाओं के पास रोज़गार नहीं है और हर साल 1 करोड़ नौकरियाँ पैदा करने की ज़रूरत है, लेकिन मौजूदा सरकार इस मामले में 12 साल में विफल रही है। उन्होंने कहा, 'आज़ादी के इतने साल बाद भी हम बेहतर स्कूल, हवा और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की बात कर रहे हैं, जबकि चीन और अमेरिका हमसे काफी आगे निकल चुके हैं — यह सिस्टम पूरी तरह खोखला हो चुका है।'
पुलिस से अनुमति और चेतावनी
सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से इजाज़त माँगी गई है। उन्होंने कहा, 'हम पुलिस का सहयोग करेंगे और पुलिस को भी हमारा सहयोग करना चाहिए। अगर हमें जंतर-मंतर पर जाने से रोका गया, तो हम वहीं बैठ जाएँगे और वह जगह जंतर-मंतर बन जाएगी।' साथ ही उन्होंने आगाह किया कि युवाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाए, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती है।
सरकार पर 'बौखलाहट' का आरोप
सौरव दास ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं की बढ़ती लामबंदी को देखकर 'डरी हुई और बौखलाई हुई' है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याएँ सुलझाने में नाकाम रही है और अब सीजेपी नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। 'युवा जाग चुका है और इस बार वह पीछे नहीं हटेगा' — यह उनका संदेश है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन का दायरा और व्यापक हो सकता है।