साउथ ईस्टर्न रेलवे ने कोलकाता में CPR और BLS प्रशिक्षण अभियान शुरू किया, 20% कर्मचारी होंगे प्रशिक्षित
सारांश
मुख्य बातें
साउथ ईस्टर्न रेलवे (SER) ने 22 सितंबर 2026 को कोलकाता के गार्डन रीच स्थित अपने मुख्यालय में एक व्यापक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में शुरू किए गए इस अभियान का लक्ष्य मुख्यालय और सभी मंडलों के कम से कम 20 प्रतिशत कर्मचारियों को जीवन रक्षक आपातकालीन कौशल से लैस करना है।
मुख्य घटनाक्रम
पहले दिन गार्डन रीच मुख्यालय में 68 चुने हुए कर्मचारियों को तीन चरणों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में CPR और BLS पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, प्रशिक्षण पुतलों के माध्यम से हैंड्स-ऑन अभ्यास और प्रतिभागियों की समझ परखने के लिए बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर सत्र शामिल थे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
साझेदारी और संरचना
यह कार्यक्रम SER के चिकित्सा विभाग और सेंट जॉन्स एम्बुलेंस ब्रिगेड के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और गार्डन रीच मुख्यालय में हर सप्ताह एक बार सत्र आयोजित होगा — तब तक जब तक सभी विभागों के कर्मचारी इसमें भाग न ले लें।
अधिकारियों के अनुसार, SER के अंतर्गत विभिन्न रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी इसी तरह के हैंड्स-ऑन CPR और BLS सत्र शामिल किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह अभियान जोन के विभिन्न मंडलीय मुख्यालयों और स्वास्थ्य इकाइयों में पहले ही शुरू हो चुका है।
पहल का उद्देश्य और महत्व
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'इस पहल का मकसद रेलवे कर्मचारियों में जागरूकता और तैयारी बढ़ाना है, ताकि वे चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान सही तरीके से काम कर सकें और समय पर मदद कर जानें बचा सकें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये कौशल केवल कार्यस्थल पर ही नहीं, बल्कि परिवार, मित्रों और सार्वजनिक स्थानों पर भी काम आएंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे नेटवर्क पर यात्री भार लगातार बढ़ रहा है और भीड़भाड़ वाले स्टेशनों तथा ट्रेनों में चिकित्सा आपात स्थितियाँ एक वास्तविक चुनौती बन चुकी हैं। CPR कार्डियक अरेस्ट के बाद जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है और दुर्घटना स्थलों, आग या इमारत ढहने जैसी घटनाओं में भी इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
आम जनता पर असर
प्रशिक्षित रेलवे कर्मचारी यात्रियों के लिए पहले उत्तरदाता की भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में पहले चार से छह मिनट सबसे अहम होते हैं — और यदि उस समय CPR-प्रशिक्षित व्यक्ति मौजूद हो, तो जीवित रहने की संभावना उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाती है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लाखों यात्री रोज़ाना यात्रा करते हैं, इसलिए यह पहल व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य हित में है।
क्या होगा आगे
गार्डन रीच मुख्यालय में साप्ताहिक CPR सत्र जारी रहेंगे जब तक सभी विभाग कवर नहीं हो जाते। साथ ही, SER के प्रशिक्षण संस्थानों में इसे नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत यह पहल अन्य रेलवे जोन में भी लागू होने की संभावना है।