शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि: योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
'बिहार कोकिला' के नाम से अमर डॉ. शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि पर 5 नवंबर 2026 को देशभर के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। भोजपुरी, मैथिली, अंगिका और मगही लोक संगीत की इस महान साधिका के गीत आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में गूँजते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'महान लोक गायिका, पद्म विभूषण विजेता डॉ. शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। छठ महापर्व के गीतों में उनकी मधुर आवाज ने करोड़ों लोगों की आस्था को स्वर दिया। भोजपुरी, मैथिली, अंगिका व मगही लोक संगीत को लोकप्रिय बनाने और उसे नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है। अपने गीतों के माध्यम से हम सभी के बीच वह हमेशा उपस्थित रहेंगी।'
गौरतलब है कि डॉ. शारदा सिन्हा का छठ पर्व से गहरा जुड़ाव था और उनके छठ गीत उत्तर भारत के हर घर की आवाज बन चुके थे। उनकी इस विरासत का उल्लेख आज भी लोक संगीत के संदर्भ में अनिवार्य रूप से किया जाता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'पद्म विभूषण से सम्मानित, बिहार की लोक संस्कृति की अमर स्वर साधिका, 'बिहार कोकिला' शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन करती हूँ। शारदा की आवाज में बिहार की मिट्टी की सुगंध, मिथिला की मिठास और हमारी लोकपरंपराओं की पवित्रता रची-बसी थी। उन्होंने लोकगीतों के माध्यम से हमारी संस्कृति, संस्कारों और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को घर-घर तक पहुँचाया। उन्होंने केवल लोकगीतों को स्वर नहीं दिया, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ियों के हृदय में अमर कर दिया।'
नीतीश कुमार और अन्य नेताओं की संवेदनाएँ
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने एक्स पर पोस्ट किया, 'बिहार कोकिला शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। शारदा सिन्हा द्वारा छठ महापर्व पर गाए गए मधुर गीत बिहार समेत देश के सभी भागों में आज भी गूँजा करते हैं। बिहार की भूमि, संगीत जगत और संगीत प्रेमियों में उनकी स्मृति हमेशा रहेगी।'
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी एक्स पर लिखते हुए पद्म विभूषण से अलंकृत इस लोक गायिका को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि छठ गीतों के माध्यम से उनकी आवाज सदैव लोगों के दिलों में गूँजती रहेगी — हालाँकि उन्होंने पद विवरण में 'पद्म भूषण' का उल्लेख किया, जबकि अन्य नेताओं ने 'पद्म विभूषण' कहा।
डॉ. शारदा सिन्हा की सांस्कृतिक विरासत
डॉ. शारदा सिन्हा का जन्म बिहार में हुआ था और उन्होंने भोजपुरी, मैथिली, अंगिका तथा मगही — चार प्रमुख लोक भाषाओं — में अपनी गायकी से एक अद्वितीय स्थान अर्जित किया। छठ पर्व के गीतों को जन-जन तक पहुँचाने में उनकी भूमिका को लोक संगीत के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।
यह ऐसे समय में उनकी स्मृति को ताज़ा किया गया है जब छठ महापर्व के अवसर की निकटता के कारण उनके गीतों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। उनकी विरासत न केवल बिहार, बल्कि समूचे उत्तर भारत और प्रवासी भारतीय समुदायों में जीवित है।
आगे क्या
डॉ. शारदा सिन्हा की स्मृति में देशभर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। उनके गीतों का डिजिटल संरक्षण और नई पीढ़ी तक लोक संगीत की इस धरोहर को पहुँचाना आने वाले समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ऐसा संगीत विशेषज्ञों का मानना है।