शिमला नगर निगम नतीजे पूरे हिमाचल का जनादेश नहीं — नरेश चौहान, पंचायत चुनाव के बाद साफ होगी तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने 31 मई 2026 को स्पष्ट किया कि शिमला सहित चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों को पूरे हिमाचल प्रदेश की जनता का जनादेश बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक राजनीतिक तस्वीर आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों के परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन दावों को खारिज करते हुए, जिनमें नगर निगम नतीजों को प्रदेश का मूड बताया जा रहा है, चौहान ने तर्क दिया कि सीमित शहरी मतदाताओं के आधार पर व्यापक निष्कर्ष निकालना तर्कसंगत नहीं है।
मतदाता संख्या का तर्क
नरेश चौहान ने आँकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि एक विधानसभा क्षेत्र में जहाँ 80 से 90 हज़ार मतदाता होते हैं, वहीं इन नगर निगम चुनावों में केवल लगभग 15 हज़ार शहरी मतदाताओं ने भाग लिया। यह चुनाव केवल चार विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित था, इसलिए इसे पूरे राज्य का रुझान बताना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मशाला और सोलन में मुकाबला बेहद करीबी रहा और केवल 922 वोटों के अंतर को पूरे प्रदेश का जनादेश नहीं कहा जा सकता।
सोलन में कमियों की स्वीकृति
चौहान ने स्वीकार किया कि सोलन में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा और पार्टी स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर यह समझा जाएगा कि कहाँ चूक हुई। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि सोलन में कांग्रेस को थोड़ा और समर्थन मिल जाता, तो एक निर्दलीय उम्मीदवार की उपस्थिति को देखते हुए मुकाबला 8-8 सीटों पर बराबरी का हो सकता था।
कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का हवाला
चौहान ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में कांग्रेस सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, दूध के दाम बढ़ाने, नशे के विरुद्ध अभियान और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) देने जैसे फैसले लिए हैं। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह बताए इनमें से कौन-सा फैसला गलत है। उनका कहना था कि इन निर्णयों का लाभ अब धीरे-धीरे आम लोगों तक पहुँचना शुरू हुआ है।
भाजपा पर केंद्रीय मदद के मुद्दे पर सवाल
चौहान ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह प्रदेश के असली मुद्दों पर चुप है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,500 करोड़ की राशि जैसे विषयों पर भाजपा को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश की परिस्थितियों की तुलना करना उचित नहीं है, क्योंकि हिमाचल के मतदाता जागरूक हैं और जानते हैं कि प्रदेश के हित में कौन काम कर रहा है।
आगे क्या होगा
चौहान ने याद दिलाया कि हाल ही में 51 नगर निकायों के चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला था। अब जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिलने की जानकारी सामने आ रही है। उनका कहना है कि इन चुनावों के परिणाम आने के बाद भाजपा के दावे स्वतः गलत साबित हो जाएंगे और प्रदेश की वास्तविक राजनीतिक तस्वीर सामने आ जाएगी।