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शिवसेना (शिंदे गुट) का 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' शुरू, महाराष्ट्र में महिला नेतृत्व विस्तार पर जोर

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शिवसेना (शिंदे गुट) का 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' शुरू, महाराष्ट्र में महिला नेतृत्व विस्तार पर जोर

सारांश

शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना ने 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' से महाराष्ट्र में ग्रासरूट संगठन विस्तार की मुहिम छेड़ी है। एमएलसी मनीषा कायंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कांग्रेस, TMC और उद्धव गुट को 'डूबता जहाज़' करार दिया।

मुख्य बातें

शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना ने 13 जून 2025 को महाराष्ट्र में 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' शुरू किया।
दौरा एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की संकल्पना पर आधारित है; लक्ष्य ग्रासरूट कार्यकर्ताओं तक महिला नेतृत्व की पहुँच।
एमएलसी मनीषा कायंदे ने कहा — विभिन्न पार्टियों से लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
गुटखा तस्करों और खाद्य मिलावटखोरों पर मकोका लगाने के आदेश का पार्टी ने समर्थन किया।
कायंदे ने स्टैंड-अप कॉमेडी विवाद का मुद्दा विधान परिषद के आगामी अधिवेशन में उठाने की घोषणा की।
कांग्रेस, TMC और उद्धव गुट को 'डूबता जहाज़' करार देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला।

शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना ने 13 जून 2025 को महाराष्ट्र में 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' नामक राज्यव्यापी संपर्क अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य ग्रासरूट कार्यकर्ताओं तक पहुँचना, उनकी समस्याएँ सुनना और संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करना है। एमएलसी मनीषा कायंदे ने बताया कि यह दौरा एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की संकल्पना से तैयार हुआ है।

दौरे का उद्देश्य और संरचना

मनीषा कायंदे के अनुसार, इस अभियान के ज़रिए महिला नेतृत्व महाराष्ट्र के प्रत्येक कोने में ग्रासरूट कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेगा। उन्होंने कहा, 'दिन-प्रतिदिन विभिन्न पार्टियों से लोग हमारे पक्ष में शामिल हो रहे हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखते हुए और युवा नेता श्रीकांत शिंदे को देखकर भी कई लोग शिवसेना में प्रवेश कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि महिलाओं की पार्टी में भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है और उन्हें उचित ज़िम्मेदारी देकर नेतृत्व के लिए तैयार करना इस दौरे का केंद्रीय लक्ष्य है।

मिलावट और मकोका कार्रवाई पर पार्टी का रुख

महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत हालिया कार्रवाई के आदेश पर कायंदे ने कहा कि एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे केवल मौजूदा कानूनों को लागू कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटी या हानिकारक पदार्थ बेचना संगठित अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कायंदे ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा अधिवेशन में महाराष्ट्र सरकार ने दूध में मिलावट करने वालों पर मकोका लगाने की घोषणा की थी। पनीर, पान मसाला और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की बढ़ती घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

संजय राउत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

उद्धव गुट के नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अघोरी' कहे जाने पर कायंदे ने तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राउत पहले मोदी की प्रशंसा करते थे और अब उनकी आलोचना कर रहे हैं — इस तरह के विरोधाभासी बयान उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।

स्टैंड-अप कॉमेडी विवाद और विधान परिषद में मुद्दा उठाने का संकल्प

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो विवाद पर कायंदे ने कहा कि कुणाल कामरा सहित कुछ कॉमेडियन लगातार सामाजिक मर्यादाएँ लाँघ रहे हैं और परिवारों तथा दिवंगतों पर भी अनुचित टिप्पणियाँ कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को विधान परिषद के आगामी अधिवेशन में स्वयं उठाएंगी।

विपक्षी दलों पर निशाना

कायंदे ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल की बगावत का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में वर्षों की तुष्टिकरण की राजनीति के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, TMC और उद्धव गुट एक 'डूबते जहाज़' में सवार हैं और यदि ये एकजुट रहे, तो डूबना तय है। यह ऐसे समय में आया है जब महायुति गठबंधन महाराष्ट्र में अपनी पकड़ और मज़बूत करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह अभियान केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहता है या ज़िला-तालुका स्तर पर ठोस नेतृत्व तैयार करता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' क्या है?
यह शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना द्वारा शुरू किया गया एक राज्यव्यापी संपर्क अभियान है, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र के ग्रासरूट कार्यकर्ताओं तक पहुँचना, उनकी समस्याएँ सुनना और संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करना है। यह दौरा एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की संकल्पना पर आधारित है।
इस अभियान की शुरुआत किसने और कब की?
शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना ने 13 जून 2025 को यह अभियान शुरू किया। एमएलसी मनीषा कायंदे इसकी प्रमुख प्रवक्ता हैं और उन्होंने दौरे के उद्देश्यों की जानकारी दी।
मनीषा कायंदे ने मकोका और मिलावट पर क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि गुटखा तस्करों और खाद्य मिलावटखोरों पर मकोका लागू करना पूरी तरह उचित है, क्योंकि यह संगठित अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
संजय राउत के 'अघोरी' वाले बयान पर शिवसेना की क्या प्रतिक्रिया रही?
एमएलसी मनीषा कायंदे ने संजय राउत के इस बयान को विरोधाभासी और अविश्वसनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि राउत पहले प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते थे और अब उनकी आलोचना कर रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठाता है।
स्टैंड-अप कॉमेडी विवाद पर कायंदे ने क्या कदम उठाने की बात कही?
कायंदे ने कहा कि प्रणित मोरे और कुणाल कामरा जैसे कॉमेडियन सामाजिक मर्यादाएँ लाँघ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को विधान परिषद के आगामी अधिवेशन में स्वयं उठाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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