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शुभांशु शुक्ला ने बताया माइक्रोग्रैविटी में हेयरकट का अनोखा किस्सा, NASA की निकोल एयर्स बनीं 'स्पेस बार्बर'

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शुभांशु शुक्ला ने बताया माइक्रोग्रैविटी में हेयरकट का अनोखा किस्सा, NASA की निकोल एयर्स बनीं 'स्पेस बार्बर'

सारांश

पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर, शून्य गुरुत्वाकर्षण में बाल कटवाना — यह शुभांशु शुक्ला की बकेट लिस्ट का वह आइटम था जो उन्होंने कभी सोचा नहीं था। NASA की निकोल एयर्स ने 'स्पेस बार्बर' की भूमिका निभाई और वैक्यूम क्लिपर से ISS पर हुआ एक अनोखा हेयरकट — जो अंतरराष्ट्रीय टीमवर्क की मिसाल भी बना।

मुख्य बातें

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर ISS पर माइक्रोग्रैविटी में हेयरकट का अनुभव साझा किया।
मिशन की अवधि बढ़कर 32 दिन के क्वारंटाइन और 18 दिन ISS पर हो जाने से हेयरकट अनिवार्य हो गया।
NASA की अंतरिक्ष यात्री निकोल एयर्स ('वेपर') ने 'स्पेस बार्बर' की भूमिका निभाई।
माइक्रोग्रैविटी में वैक्यूम-युक्त विशेष क्लिपर से बाल काटे जाते हैं ताकि बाल हवा में न तैरें।
शुक्ला ने इसे पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर हुए अंतरराष्ट्रीय टीमवर्क का उदाहरण बताया।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर माइक्रोग्रैविटी में बाल कटवाने के अपने अनूठे अनुभव को साझा किया है — जो रोज़मर्रा की एक साधारण दिखने वाली प्रक्रिया को अंतरिक्ष में कितनी जटिल चुनौती बना देती है, यह दर्शाता है। भारतीय वायुसेना के पायलट और गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार भारतीयों में शामिल शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर यह दिलचस्प विवरण पोस्ट किया।

मिशन की अवधि बढ़ी, बाल भी बढ़े

शुक्ला ने बताया कि क्वारंटाइन में जाने से पहले उन्होंने पृथ्वी पर बाल कटवा लिए थे। उनकी योजना थी कि 14 दिन के क्वारंटाइन और 14 दिन के मिशन के दौरान बाल संभल जाएँगे। लेकिन मिशन की अवधि बढ़ती गई — 28 दिन की मूल योजना पहले 32 दिन के क्वारंटाइन में बदली, और फिर ISS पर 18 दिन और जुड़ गए। इतने लंबे समय में बाल इस हद तक बढ़ गए कि हेयरकट अनिवार्य हो गया।

निकोल एयर्स बनीं 'स्पेस बार्बर'

शुक्ला ने बताया कि NASA की अंतरिक्ष यात्री निकोल एयर्स, जिन्हें कॉलसाइन 'वेपर' से जाना जाता है, ने उनकी मदद की। एक अनुभवी फाइटर पायलट और वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में पहचानी जाने वाली निकोल ने इस अवसर पर एक कुशल 'स्पेस बार्बर' की भूमिका भी निभाई और पूरे आत्मविश्वास के साथ काम संभाला।

माइक्रोग्रैविटी में हेयरकट की तकनीक

शुक्ला के अनुसार, माइक्रोग्रैविटी में बाल काटना सरल नहीं है — कटे हुए बाल हवा में तैरने लगते हैं और अगर वे उपकरणों या वेंटिलेशन सिस्टम में चले जाएँ तो समस्या हो सकती है। इसीलिए विशेष वैक्यूम-युक्त क्लिपर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो कटे बालों को तुरंत अंदर खींच लेते हैं। शुक्ला ने खुद असिस्टेंट की भूमिका निभाई और वैक्यूम संभालकर हर बाल को पकड़ा।

अंतरराष्ट्रीय टीमवर्क का प्रतीक

शुक्ला ने इस पूरे अनुभव को अंतरराष्ट्रीय टीमवर्क का एक जीवंत उदाहरण बताया। पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर, पृथ्वी की कक्षा में तैरते हुए एक 'परफेक्ट हेयरकट' हो गया। उन्होंने इसे अपनी 'बकेट लिस्ट' का वह आइटम बताया जिसके बारे में उन्हें पहले कभी सोचा भी नहीं था।

अंतरिक्ष में रोज़मर्रा की ज़िंदगी

2025 में 18 दिन के सफल मिशन के बाद भारत लौटे शुक्ला इसरो के मानव अंतरिक्ष मिशन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वह अक्सर अंतरिक्ष जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हैं, जो आम लोगों को यह समझने में मदद करते हैं कि शून्य गुरुत्वाकर्षण में रोज़मर्रा के काम किस तरह बिल्कुल अलग हो जाते हैं। यह किस्सा इसी कड़ी में एक और यादगार अध्याय जोड़ता है और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक मानवीय चेहरा देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अंतरिक्ष विज्ञान रहस्यमय नहीं, बल्कि मानवीय लगने लगता है। इसरो के लिए यह जन-संवाद की दृष्टि से मूल्यवान है — खासकर तब जब गगनयान मिशन की तैयारियाँ जारी हैं और युवाओं में अंतरिक्ष के प्रति रुचि जगाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। शुक्ला का यह 'बकेट लिस्ट मोमेंट' वास्तव में भारत के अंतरिक्ष सपने को एक चेहरा देता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभांशु शुक्ला ने ISS पर हेयरकट का अनुभव क्यों साझा किया?
शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर यह किस्सा इसलिए साझा किया ताकि लोग समझ सकें कि अंतरिक्ष में रोज़मर्रा की गतिविधियाँ — जैसे बाल कटवाना — पृथ्वी से कितनी अलग और चुनौतीपूर्ण होती हैं। वह अक्सर अपने अंतरिक्ष अनुभव आम लोगों से साझा करते रहते हैं।
माइक्रोग्रैविटी में हेयरकट कैसे किया जाता है?
माइक्रोग्रैविटी में कटे बाल हवा में तैरने लगते हैं, इसलिए वैक्यूम-युक्त विशेष क्लिपर इस्तेमाल किए जाते हैं जो बालों को तुरंत अंदर खींच लेते हैं। शुक्ला ने खुद वैक्यूम संभाला जबकि NASA की निकोल एयर्स ने बाल काटे।
निकोल एयर्स कौन हैं जिन्होंने शुभांशु शुक्ला के बाल काटे?
निकोल एयर्स NASA की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्हें कॉलसाइन 'वेपर' से जाना जाता है। वह एक अनुभवी फाइटर पायलट और वॉलीबॉल खिलाड़ी भी हैं, और ISS मिशन के दौरान उन्होंने शुक्ला के लिए 'स्पेस बार्बर' की भूमिका निभाई।
शुभांशु शुक्ला का ISS मिशन कितने दिनों का था?
शुक्ला का ISS पर प्रवास 18 दिनों का रहा। इससे पहले 32 दिन का क्वारंटाइन भी था, जिससे कुल मिशन अवधि मूल योजना से काफी अधिक हो गई और हेयरकट की ज़रूरत पड़ी।
शुभांशु शुक्ला कौन हैं और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में उनकी क्या भूमिका है?
शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन हैं और ISS की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन हैं। वह गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार भारतीयों में शामिल हैं और इसरो के मानव अंतरिक्ष मिशन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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