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सपा नेता उदयवीर सिंह का आरोप: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला BJP के इशारे पर काम करते हैं

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सपा नेता उदयवीर सिंह का आरोप: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला BJP के इशारे पर काम करते हैं

सारांश

सपा नेता उदयवीर सिंह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 'इतिहास का सबसे खराब स्पीकर' बताया। साथ ही TMC के कथित 20 बागी सांसदों के NDA समर्थन की खबर ने विपक्षी एकता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया — ठीक उस दिन जब ममता बनर्जी दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में थीं।

मुख्य बातें

सपा नेता उदयवीर सिंह ने 9 जून को आरोप लगाया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला BJP के निर्देशों पर काम करते हैं और संवैधानिक नियमों का पालन नहीं करते।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष के अनुसार, TMC के लगभग 20 सांसदों ने NDA को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
TMC के पास लोकसभा में फिलहाल 28 सांसद हैं; हाजी नूरुल इस्लाम के निधन से बशीरहाट सीट रिक्त है।
पश्चिम बंगाल में TMC के 58 विधायकों ने कथित तौर पर पार्टी आलाकमान की पसंद सोवनदेब चट्टोपाध्याय की जगह ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष नेता चुना।
बागी सांसदों की NDA समर्थन की घोषणा उसी दिन आई जब ममता बनर्जी दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की BJP-विरोधी बैठक में शामिल थीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर सिंह ने मंगलवार, 9 जून को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निर्देशों पर काम करते हैं और उनमें संवैधानिक निष्पक्षता का अभाव है। यह बयान ऐसे समय आया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कथित बागी सांसदों के एक समूह के लोकसभा स्पीकर से मिलने की खबरें सामने आई हैं।

उदयवीर सिंह के आरोप

उदयवीर सिंह ने कहा, 'वह भाजपा के स्पीकर हैं। स्पीकर को निष्पक्षता में कोई भरोसा नहीं है। सब जानते हैं कि वह मिले संकेतों के आधार पर काम करते हैं। इन्होंने संवैधानिक नियमों का भी पालन नहीं किया है।' सपा नेता ने यहाँ तक कहा कि 'इतिहास उन्हें सबसे खराब स्पीकरों में गिनेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इसीलिए विपक्ष को स्पीकर से किसी निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद नहीं है।

तृणमूल में संसदीय फूट की आहट

तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि लोकसभा के लगभग 20 सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का निर्णय लिया है और इस बारे में लोकसभा स्पीकर को सूचित कर दिया है। यह कदम पार्टी की संसदीय इकाई में पहली बड़ी दरार के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के पास इस समय लोकसभा में 28 सांसद हैं। बशीरहाट से सांसद हाजी नूरुल इस्लाम के निधन के बाद एक सीट रिक्त है। पार्टी की स्थापना के बाद यह पहली बार है जब संसदीय स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हुई है।

पश्चिम बंगाल से शुरू हुई उथल-पुथल

यह संकट पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के अंदरूनी कलह से जुड़ा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के 80 में से कथित तौर पर 58 विधायकों ने वरिष्ठ नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के पार्टी आलाकमान के फैसले को नकार दिया और इसके बजाय विधायक ऋतब्रत बनर्जी को इस पद के लिए चुना।

ममता की 'इंडिया' बैठक और बागियों का NDA रुख

विरोधाभासी रूप से, जिस दिन बागी सांसदों ने NDA को समर्थन देने की बात कही, उसी दिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी नई दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में BJP-विरोधी रणनीति बनाने में जुटी थीं। यह घटनाक्रम तृणमूल की आंतरिक दरार को और उजागर करता है।

आगे क्या होगा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि TMC के बागी सांसद औपचारिक रूप से NDA का दामन थाम लेते हैं, तो यह लोकसभा में विपक्षी संख्याबल को और कमज़ोर कर सकता है। लोकसभा स्पीकर की भूमिका और उनकी कथित निष्पक्षता पर विपक्ष का यह हमला आने वाले संसद सत्र में तीखी बहस का आधार बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार संदर्भ अधिक विस्फोटक है। असली कहानी TMC की आंतरिक दरार है: जिस दिन ममता बनर्जी 'इंडिया' ब्लॉक को मज़बूत करने दिल्ली पहुँचीं, उसी दिन उनके 20 सांसद कथित तौर पर NDA के दरवाज़े पर दस्तक दे रहे थे। यह विरोधाभास विपक्षी एकता की असलियत को उजागर करता है। यदि TMC का संसदीय विभाजन औपचारिक रूप ले लेता है, तो 'इंडिया' ब्लॉक की संख्या और साख — दोनों को गहरा धक्का लगेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा नेता उदयवीर सिंह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर क्या आरोप लगाए?
उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला BJP के निर्देशों पर काम करते हैं, संवैधानिक नियमों का पालन नहीं करते और निष्पक्षता से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हें सबसे खराब स्पीकरों में गिनेगा।
तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद NDA को समर्थन क्यों दे रहे हैं?
TMC की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष के अनुसार, लगभग 20 TMC सांसदों ने NDA को समर्थन देने का फैसला किया है और लोकसभा स्पीकर को इसकी जानकारी दे दी है। यह कदम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में पैदा हुई आंतरिक उथल-पुथल की कड़ी माना जा रहा है।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कितने सांसद हैं?
तृणमूल कांग्रेस के पास इस समय लोकसभा में 28 सांसद हैं। बशीरहाट से सांसद हाजी नूरुल इस्लाम के निधन के बाद एक सीट रिक्त है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल के विधायकों का विवाद क्या है?
TMC के कथित तौर पर 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी आलाकमान द्वारा सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष नेता नियुक्त करने के फैसले को नकार दिया और विधायक ऋतब्रत बनर्जी को इस पद के लिए चुना। यह पार्टी की आंतरिक अनुशासनहीनता की बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
ममता बनर्जी की 'इंडिया' ब्लॉक बैठक और बागी सांसदों की खबर का क्या संबंध है?
जिस दिन TMC के बागी सांसदों के NDA समर्थन की खबर आई, उसी दिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी नई दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की BJP-विरोधी बैठक में शामिल थीं। यह एक साथ दो विपरीत घटनाक्रमों ने TMC की आंतरिक एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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