26 अगस्त 2026
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श्रीनगर सेंट्रल जेल से भागे पॉक्सो आरोपी राजस्थान में गिरफ्तार, 23 अगस्त को फांदी थी हाई-सिक्योरिटी दीवार

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श्रीनगर सेंट्रल जेल से भागे पॉक्सो आरोपी राजस्थान में गिरफ्तार, 23 अगस्त को फांदी थी हाई-सिक्योरिटी दीवार

सारांश

श्रीनगर की हाई-सिक्योरिटी जेल की दीवार फांदकर भागे दो पॉक्सो आरोपी तीन दिन बाद राजस्थान में पकड़े गए — सीआईएसएफ की निगरानी में सेंध ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

फरमान खान और मुख्तार गुज्जर ने 23 अगस्त 2026 को श्रीनगर सेंट्रल जेल की सामने की दीवार फांदकर फरार हुए थे।
दोनों को 26 अगस्त 2026 को राजस्थान में गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों पर पॉक्सो अधिनियम की धारा 3 और 4 और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
जेल की सुरक्षा सीआईएसएफ के जवानों द्वारा अक्टूबर 2023 से की जा रही है।
जेल से भागने की परिस्थितियों की जांच जारी है; आगे की जानकारी प्रतीक्षित है।

श्रीनगर सेंट्रल जेल से 23 अगस्त 2026 को फरार हुए पॉक्सो अधिनियम के दो आरोपियों को बुधवार, 26 अगस्त को राजस्थान में गिरफ्तार कर लिया गया। फरमान खान और मुख्तार गुज्जर नामक इन दोनों अभियुक्तों ने हाई-सिक्योरिटी जेल की अगली दीवार फांदकर पलायन किया था। श्रीनगर पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर चलाए गए व्यापक तलाशी अभियान के बाद इन्हें पकड़ा गया।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, फरमान खान राजस्थान के सदनपोरा का मूल निवासी है, जबकि मुख्तार गुज्जर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के सांगलन चित्तरगुल का रहने वाला है। दोनों पर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले पॉक्सो अधिनियम की धारा 3 और 4 (यौन उत्पीड़न) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज हैं।

खान को 23 जून 2026 को गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के संबंध में श्रीनगर जेल में रखा गया था। गुज्जर को 13 अप्रैल 2026 को श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अलग मामले में हिरासत में लिया गया था।

जेल सुरक्षा पर सवाल

श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों के हाथ में है। अक्टूबर 2023 में जम्मू की सेंट्रल जेल के साथ इस जेल को भी सीआईएसएफ की सशस्त्र सुरक्षा में दिया गया था। यह बल प्रशिक्षित कर्मियों, आधुनिक निगरानी प्रणालियों और प्रवेश नियंत्रण उपायों के ज़रिये जेल की आंतरिक और बाहरी परिधि दोनों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है। इसके बावजूद दोनों आरोपियों का सामने की दीवार फांदकर भाग जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

तलाशी अभियान और इनाम

फरार होने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों के लिए वांछित नोटिस जारी किए और गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा की। जनता से अपील की गई थी कि वे निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें या 112 डायल करके किसी भी सूचना को साझा करें। बड़े पैमाने पर चलाए गए इस तलाशी अभियान के तीन दिन बाद राजस्थान में दोनों की गिरफ्तारी हो सकी।

आगे की जांच

अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है और जेल से भागने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में संवेदनशील जेलों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है। अक्टूबर 2023 में सीआईएसएफ को इसीलिए तैनात किया गया था ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके, फिर भी तीन दिन तक दोनों आरोपी फरार रहे। जेल से भागने की परिस्थितियों की जांच का जो इंतज़ार बताया जा रहा है, वह जवाबदेही की धीमी रफ्तार को दर्शाता है। संवेदनशील मामलों के आरोपियों की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणालियों और मानव सतर्कता दोनों की समीक्षा ज़रूरी है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर सेंट्रल जेल से कौन भागे थे और उन्हें कब पकड़ा गया?
पॉक्सो अधिनियम के आरोपी फरमान खान और मुख्तार गुज्जर 23 अगस्त 2026 को जेल की दीवार फांदकर फरार हुए थे। तीन दिन बाद 26 अगस्त को उन्हें राजस्थान में गिरफ्तार कर लिया गया।
इन दोनों आरोपियों पर क्या मामले दर्ज हैं?
फरमान खान पर गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में और मुख्तार गुज्जर पर श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में पॉक्सो अधिनियम की धारा 3 और 4 (यौन उत्पीड़न) तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं।
श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा कौन करता है?
श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान करते हैं, जिन्हें अक्टूबर 2023 में यहाँ तैनात किया गया था। यह बल आधुनिक निगरानी प्रणालियों और प्रवेश नियंत्रण उपायों के ज़रिये जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है।
फरार आरोपियों की तलाश के लिए क्या कदम उठाए गए?
पुलिस ने दोनों के लिए वांछित नोटिस जारी किए, गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा की और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। जनता से 112 डायल करके या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करके सूचना साझा करने की अपील की गई थी।
जेल से भागने की परिस्थितियों की जांच कहाँ तक पहुँची है?
अधिकारियों के अनुसार, जेल से भागने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है और मामले की आगे जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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